19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जीटीए और पहाड़ी पंचायतों में विशेष ऑडिट का आदेश, बंगाल मंत्री दिलीप घोष बोले — 'भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जीटीए और पहाड़ी पंचायतों में विशेष ऑडिट का आदेश, बंगाल मंत्री दिलीप घोष बोले — 'भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस'

सारांश

पश्चिम बंगाल पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने सिलीगुड़ी में समीक्षा बैठक के बाद जीटीए और पहाड़ी पंचायतों में कम-से-कम 10% का विशेष ऑडिट और करीब 11,000 रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती का ऐलान किया। यह कदम नई BJP सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

मुख्य बातें

पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने 19 सितंबर 2026 को जीटीए और उत्तर बंगाल पहाड़ी पंचायतों के लिए विशेष ऑडिट का आदेश दिया।
कथित भ्रष्टाचार के आरोपों वाले क्षेत्रों में कम-से-कम 10 प्रतिशत पंचायतों का विशेष ऑडिट होगा।
पंचायत विभाग में करीब 11,000 रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बैठक सिलीगुड़ी स्थित 'उत्तरकन्या' सचिवालय में पहाड़, तराई और डुआर्स क्षेत्रों की समीक्षा के लिए आयोजित हुई।
घोष ने दावा किया कि आगामी दो विधानसभा उपचुनावों में BJP दोनों सीटें भारी अंतर से जीतेगी।

पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने 19 सितंबर 2026 को घोषणा की कि गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) और उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों की पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार की जाँच के लिए विशेष ऑडिट कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों वाले क्षेत्रों में कम-से-कम 10 प्रतिशत पंचायतों का यह विशेष ऑडिट सुनिश्चित किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में लिया गया निर्णय

घोष ने दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी स्थित उत्तर बंगाल शाखा सचिवालय 'उत्तरकन्या' में पहाड़, तराई और डुआर्स क्षेत्रों में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए। बैठक में जीटीए और पंचायत निकायों में कथित अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया गया।

मंत्री के प्रमुख बयान

दिलीप घोष ने कहा, 'जनसेवा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' उन्होंने यह भी बताया कि नए जीटीए प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय कर बुनियादी ढाँचे की कमियों को दूर करने का काम जारी है। साथ ही, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में करीब 11,000 रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की भी जानकारी दी, ताकि सेवाएँ बाधित न हों।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

घोष पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने विकास के लिए सत्ता परिवर्तन किया है और नई BJP सरकार के कामकाज से जनता संतुष्ट है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लंबे समय से चर्चा में रहे हैं।

उपचुनाव पर दावा

घोष ने यह भी दावा किया कि अगले महीने पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में जनता की यह संतुष्टि मतपेटी में दिखेगी और BJP उम्मीदवार दोनों सीटों पर भारी अंतर से जीत दर्ज करेंगे। गौरतलब है कि पर्वतीय क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण हमेशा से संवेदनशील रहे हैं, और इन क्षेत्रों में प्रशासनिक सुधार का संदेश BJP के लिए चुनावी रूप से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे क्या

विशेष ऑडिट की समयसीमा और इसे संचालित करने वाली एजेंसी का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। 11,000 रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा भी आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह कदम उत्तर बंगाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में ग्रामीण विकास योजनाओं की पारदर्शिता की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'कम-से-कम 10 प्रतिशत' की सीमा तय करना पर्याप्त है या यह सांकेतिक कार्रवाई तक सीमित रहेगी। उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पंचायत-स्तरीय अनियमितताओं की शिकायतें नई नहीं हैं — पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के दौर में भी कई ऑडिट रिपोर्टें दबी रहीं। 11,000 रिक्त पदों का आँकड़ा यह भी बताता है कि ग्रामीण विकास तंत्र कितना खोखला हो चुका है। बिना स्वतंत्र एजेंसी द्वारा ऑडिट और निष्कर्षों को सार्वजनिक किए, यह घोषणा उपचुनाव से पहले राजनीतिक संदेश देने तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने जीटीए और पहाड़ी पंचायतों के लिए विशेष ऑडिट का आदेश क्यों दिया?
पश्चिम बंगाल पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) और उत्तर बंगाल के पहाड़ी पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार की जाँच के लिए यह आदेश दिया। नई BJP सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों वाले क्षेत्रों में कम-से-कम 10 प्रतिशत पंचायतों का विशेष ऑडिट कराया जाएगा।
विशेष ऑडिट में कितनी पंचायतें शामिल होंगी?
मंत्री दिलीप घोष के अनुसार, जिन जीटीए और पंचायत क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, वहाँ कम-से-कम 10 प्रतिशत पंचायतों का विशेष ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट की समयसीमा और संचालन एजेंसी का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पंचायत विभाग में 11,000 रिक्त पदों की भर्ती कब होगी?
दिलीप घोष ने 19 सितंबर 2026 को घोषणा की कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में करीब 11,000 रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हालाँकि, भर्ती की सटीक तिथि या प्रक्रिया का विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
यह बैठक कहाँ हुई और इसमें किन क्षेत्रों की समीक्षा हुई?
यह समीक्षा बैठक दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी स्थित उत्तर बंगाल शाखा सचिवालय 'उत्तरकन्या' में हुई। बैठक में पहाड़, तराई और डुआर्स क्षेत्रों में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल उपचुनाव को लेकर क्या दावा किया?
दिलीप घोष ने दावा किया कि अगले महीने पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में BJP उम्मीदवार भारी अंतर से जीत दर्ज करेंगे। उनके अनुसार, नई BJP सरकार के कामकाज से जनता संतुष्ट है और यह संतुष्टि चुनाव परिणामों में दिखेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले