बेंगलुरु: क्लासरूम में बेहोश होकर गिरे 12 वर्षीय अरहान पाशा की मौत, परिवार ने स्कूल पर लगाया लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के बैनरघट्टा रोड स्थित एक निजी स्कूल में 10 जून को 12 वर्षीय अरहान पाशा की क्लासरूम में बेहोश होकर गिरने के बाद मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण बच्चे को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। कोनानकुंटे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद गुरुवार, 16 जुलाई को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई।
घटनाक्रम: उस दिन क्या हुआ
परिवार के अनुसार, अरहान पाशा उस दिन दोपहर का खाना खाकर स्कूल गया था और घर से निकलते समय बिल्कुल सामान्य था। परिवार के एक सदस्य ने बताया, 'स्कूल जाने से पहले उसने अपने पिता को बाय कहा था। हमने कभी नहीं सोचा था कि वह आखिरी बार होगा जब हम उसे जीवित देख पाएंगे।'
परिवार का आरोप है कि अरहान ने अपनी क्लास टीचर को चक्कर आने और तबीयत ठीक न होने की शिकायत की थी, लेकिन कथित तौर पर उसकी बात को नजरअंदाज कर उसे चुप रहकर सीट पर बैठने के लिए कह दिया गया। बाद में वह क्लासरूम की बेंच पर गिर पड़ा।
परिवार के गंभीर आरोप
माता-पिता का दावा है कि बेहोश होने के बाद अरहान लगभग 45 मिनट तक स्कूल परिसर के अंदर ही रहा और इस दौरान स्कूल प्रशासन ने न तो एम्बुलेंस बुलाई और न ही बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुँचाने का प्रयास किया। अंततः परिवार के सदस्य खुद स्कूल पहुँचे और अरहान को दोपहिया वाहन पर अस्पताल ले गए।
शोकाकुल माता-पिता ने कहा, 'डॉक्टरों ने हमें बताया कि अगर उसे 10 मिनट पहले भी अस्पताल लाया गया होता, तो उसे बचाया जा सकता था। स्कूल में लगभग 30 शिक्षक हैं, लेकिन किसी ने भी बच्चे की परवाह नहीं की।' उन्होंने यह भी कहा कि वे नहीं चाहते कि कोई और परिवार इस दर्द से गुज़रे।
स्कूल प्रशासन का पक्ष
आरोपों का खंडन करते हुए स्कूल प्रशासन ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया। स्कूल की शिक्षक रंजू ने बताया कि उस दिन स्कूल पहुँचने पर अरहान सामान्य लग रहा था। उन्होंने कहा, 'उसने वॉशरूम जाने की अनुमति ली थी और लौटकर आखिरी बेंच पर बैठ गया। वह नोट्स लिख रहा था, तभी अचानक वह दूसरे छात्र की गोद में गिर पड़ा।'
शिक्षक ने आगे बताया, 'जब मैंने अरहान से बात की, तो उसने जवाब दिया और मुझे दो बार 'मैडम' कहकर बुलाया। शुरू में हमें लगा कि गर्मी के कारण वह बेहोश हुआ है, इसलिए हाथ-पैर की मालिश की गई। हेड मिस्ट्रेस के आने के बाद उसे दूसरी जगह ले जाने का प्रबंध किया जा रहा था, लेकिन लंच का समय होने के कारण कोई ड्राइवर उपलब्ध नहीं था।' शिक्षक ने यह भी बताया कि घटना से पहले अरहान दो दिन स्कूल से अनुपस्थित था और उसने बताया था कि वह एक शादी में शामिल हुआ था।
पुलिस जाँच की स्थिति
कोनानकुंटे पुलिस ने अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट (यूडीआर) दर्ज कर ली है और घटना की परिस्थितियों की जाँच जारी है। जाँच के तहत पुलिस ने स्कूल से सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान स्कूल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही हुई या नहीं। यह मामला स्कूलों में आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।