31 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भागलपुर बाढ़: मंत्री कुमार शैलेंद्र के अनुरोध पर खुले सभी गेट, जल निकासी से मिली राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भागलपुर बाढ़: मंत्री कुमार शैलेंद्र के अनुरोध पर खुले सभी गेट, जल निकासी से मिली राहत

सारांश

भागलपुर में बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे बिहार में मंत्री कुमार शैलेंद्र के अनुरोध पर सभी बंद गेट खोले गए, जिससे जल निकासी हुई और राहत मिली। लेकिन मौसम विभाग का 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और नेपाल से आता पानी अभी भी चिंता का सबब है।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री कुमार शैलेंद्र के अनुरोध पर भागलपुर में सभी बंद गेट खोले गए, जिससे जल निकासी में मदद मिली।
मंत्री का क्षेत्र गंगा और कोसी नदी के बीच स्थित है; इस वर्ष ऊपरी क्षेत्रों का पानी प्रमुख कारण रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र ने 31 अगस्त को बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
खगड़िया, भागलपुर, बेगूसराय, मुंगेर में भारी बारिश; गोपालगंज में गंडक नदी को लेकर आपदा विभाग सतर्क।
मंत्री ने ममता बनर्जी की पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि गेट न खोलने से स्थिति पहले गंभीर बनी रही।

बिहार सरकार के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने 31 अगस्त को कहा कि भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति में सुधार आया है — उनके अनुरोध पर वे सभी गेट खोल दिए गए जो अब तक बंद थे, जिससे जल निकासी संभव हुई। उन्होंने बताया कि उनका क्षेत्र गंगा और कोसी नदी के बीच स्थित है और हर वर्ष दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित होता है।

बाढ़ की स्थिति और कारण

मंत्री कुमार शैलेंद्र के अनुसार, इस वर्ष बिहार में वर्षा अपेक्षाकृत कम रही, किंतु ऊपरी क्षेत्रों से आए अतिरिक्त जल के कारण भागलपुर में जलस्तर बढ़ा। उन्होंने कहा कि गंगा नदी की स्थिति इस बार सामान्य वर्षों से भिन्न है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी का आभार

मंत्री ने बाढ़ राहत में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि उनके अनुरोध पर गेट खोले जाने से जल निकासी में मदद मिली और स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया।

मौसम विभाग का अलर्ट और प्रभावित जिले

खगड़िया, भागलपुर, बेगूसराय और मुंगेर में सोमवार सुबह मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने 31 अगस्त को बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूर्वी-पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गोपालगंज में गंडक नदी से संभावित प्रभाव को देखते हुए आपदा विभाग भी अलर्ट पर है।

पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप

मंत्री कुमार शैलेंद्र ने पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के कार्यकाल में संबंधित गेट नहीं खोले गए, जिससे जल-स्तर की स्थिति लंबे समय तक गंभीर बनी रही। हालाँकि, उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राहत मिली है।

राजनीतिक बयानबाज़ी

बाढ़ राहत के साथ-साथ मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित पूरे विपक्ष पर निशाना साधा। उनके अनुसार विपक्षी दलों के पास जनता से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं हैं और उनके नेता व्यक्तिगत टिप्पणियों तक सीमित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबके साथ मिलकर काम करने वाला बताया। धर्म के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी धर्म या जाति विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए काम करती है। आगे भी बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी पर प्रशासन की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक श्रेय-दावे अधिक लगता है। असली सवाल यह है कि ये गेट पहले क्यों बंद थे और निर्णय-तंत्र में किसकी जवाबदेही है। नेपाल से आने वाले पानी और 11 जिलों के ऑरेंज अलर्ट के बीच, बाढ़ प्रबंधन की संरचनात्मक कमज़ोरियाँ — जो हर मानसून उजागर होती हैं — एक बार फिर चर्चा से बाहर हैं। पश्चिम बंगाल पर आरोप लगाना और विपक्ष को घेरना बाढ़-पीड़ितों की तात्कालिक ज़रूरतों से ध्यान भटकाने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागलपुर में बाढ़ की स्थिति अभी कैसी है?
मंत्री कुमार शैलेंद्र के अनुसार, गेट खोले जाने के बाद जल निकासी हुई और स्थिति में सुधार आया है। हालाँकि मौसम विभाग ने 31 अगस्त को बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है।
बिहार में बाढ़ के लिए कौन-सी नदियाँ ज़िम्मेदार हैं?
भागलपुर क्षेत्र में गंगा और कोसी नदियों का बढ़ता जलस्तर प्रमुख कारण है। इसके अलावा नेपाल में आई बाढ़ के बाद ऊपरी क्षेत्रों से आए पानी ने भी स्थिति को प्रभावित किया है।
बिहार के किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है?
मौसम विज्ञान केंद्र ने 31 अगस्त को बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूर्वी-पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी में विशेष सतर्कता के निर्देश हैं, जबकि गोपालगंज में गंडक नदी को लेकर आपदा विभाग अलर्ट है।
मंत्री कुमार शैलेंद्र ने पश्चिम बंगाल पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की पिछली सरकार के दौरान संबंधित गेट नहीं खोले गए थे, जिससे जल-स्तर की स्थिति लंबे समय तक गंभीर बनी रही। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राहत मिली है।
नेपाल की बाढ़ का बिहार पर क्या असर पड़ा है?
नेपाल में बाढ़ आने के बाद बिहार की नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। ऊपरी क्षेत्रों से आए इस अतिरिक्त पानी ने भागलपुर सहित कई जिलों को प्रभावित किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले