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क्या हमें भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण से सम्मानित करना स्वीकार है?

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क्या हमें भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण से सम्मानित करना स्वीकार है?

सारांश

पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान मिलने पर शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने महाराष्ट्र के लोगों का दुख व्यक्त करते हुए कोश्यारी के कार्यकाल में किए गए अपमान को उजागर किया। यह मामला राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है।

मुख्य बातें

भगत सिंह कोश्यारी का पद्मभूषण सम्मान विवाद का विषय बना हुआ है।
शिवसेना-यूबीटी और एनसीपी-एसपी का विरोध।
महाराष्ट्र के लोगों के लिए यह एक संवेदनशील मुद्दा है।

मुंबई, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण दिए जाने का विरोध लगातार जारी है। शिवसेना-यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के लोग दुखी हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा ज्योतिबा फूले का अपमान करने वाले को सरकार ने पद्मभूषण से सम्मानित किया है।

संजय राउत ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमारी कोश्यारी जी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। वह भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे हैं। संघ के प्रचारक को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। यह उनकी सरकार है और उनकी विचारधारा के लोग हैं।"

शिवसेना-यूबीटी नेता ने आगे कहा, "जब कोश्यारी महाराष्ट्र में राज्यपाल थे, तब उन्होंने खुलेआम छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा फूले का अपमान किया। उन्हें पद्मभूषण मिलने पर महाराष्ट्र के लोग दुखी हैं। यह हमें मंजूर नहीं है।"

शिवसेना-यूबीटी के अलावा एनसीपी-एसपी ने भी भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण दिए जाने का विरोध किया है। सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा, "कुछ साल पहले भगत सिंह कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फूले और सावित्रीबाई फुले के खिलाफ गलत शब्द बोले थे। उसी व्यक्ति को पद्मभूषण देकर सम्मानित किया जा रहा है, ये शर्मनाक है। भाजपा में कुछ गलत करने वालों को इनाम दिया जाता है। पार्टी के नेताओं को इसका जवाब देना होगा।"

इससे पहले, सोमवार को भी संजय राउत ने कोश्यारी को पद्मभूषण दिए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा, "ये कोई व्यक्तिगत बात नहीं है। वे महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। उनके कार्यकाल में जिस तरह हमारी पार्टी को उनकी प्रेरणा से तोड़ा गया, राजभवन को राजनीतिक अड्डा बनाया गया और संविधान व लोकतंत्र की हत्या करके चुनी हुई सरकार को बर्खास्त कर दिया गया, ये सब मैं नहीं, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय का ऑब्जर्वेशन है। ऐसे व्यक्ति को पद्मभूषण अवार्ड मिलना महाराष्ट्र को मंजूर नहीं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

एक राष्ट्रीय संपादक के रूप में, हमें यह समझना चाहिए कि राजनीतिक विवादों के बीच, सम्मान और अपमान की परिभाषा को समझना आवश्यक है। भगत सिंह कोश्यारी का पद्मभूषण सम्मान एक राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है, जो महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं को छूता है। हमें जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण क्यों मिला?
भगत सिंह कोश्यारी को उनके राजनीतिक योगदान के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है।
शिवसेना-यूबीटी का इस पर क्या कहना है?
शिवसेना-यूबीटी के सांसद संजय राउत ने इसका विरोध किया है और इसे महाराष्ट्र के लोगों का अपमान बताया है।
क्या यह मामला राजनीतिक विवाद है?
हां, यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं से जुड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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