जन्माष्टमी पर सीएम धामी का संदेश: श्रीकृष्ण मानवता के संरक्षक, 101 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण मानवता के सच्चे संरक्षक, मार्गदर्शक और जीवन-दर्शन के प्रेरणास्रोत हैं। 3 सितंबर को जारी अपने संदेश में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
श्रीकृष्ण का जीवन-दर्शन और मानवता का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानवता को सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके अनुसार, श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, त्याग, सेवा, करुणा, सद्भाव और समरसता के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भगवान ने समाज के वंचित एवं उपेक्षित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और उनके कल्याण का भी मार्ग दिखाया।
गीता का निष्काम कर्म — आज भी प्रासंगिक
सीएम धामी ने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को आज के संदर्भ में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया निष्काम कर्म का उपदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। गीता के माध्यम से मानव मात्र को अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने तथा फल की चिंता किए बिना कर्म करते रहने का मार्ग दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि गीता में निहित भक्ति, ज्ञान, योग और कर्म का संदेश जीवन में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और संतुलन प्रदान करता है।
प्रदेशवासियों से आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रेरणा को आत्मसात कर नागरिक प्रदेश के विकास में भागीदार बनें।
101 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र
जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर ही सीएम धामी ने मुख्य सेवक सदन में पशुपालन विभाग एवं गन्ना विकास तथा चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखकर सभी नवचयनित कार्मिकों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
भर्ती में पारदर्शिता पर जोर
धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की मेहनत और प्रतिभा को सम्मान देते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि सख्त नकल विरोधी कानून के प्रभावी होने से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियाँ अब योग्यता और परिश्रम के आधार पर सुनिश्चित हो रही हैं। यह कदम उत्तराखंड में पारदर्शी शासन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।