26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

निशीथ प्रमाणिक: प्रताड़ित हिंदुओं को भारत में रहने का हक, अवैध घुसपैठियों को डिपोर्ट किया जाएगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
निशीथ प्रमाणिक: प्रताड़ित हिंदुओं को भारत में रहने का हक, अवैध घुसपैठियों को डिपोर्ट किया जाएगा

सारांश

पश्चिम बंगाल के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने कूचबिहार में दो टूक कहा — पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न झेल रहे हिंदुओं को भारत में रहने का हक है, लेकिन अवैध घुसपैठियों को डिटेन और डिपोर्ट किया जाएगा। साथ ही हिजाब मुद्दे पर ओवैसी की आलोचना को 'दोहरापन' करार दिया।

मुख्य बातें

मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने 26 अगस्त 2026 को कूचबिहार में कहा कि धार्मिक उत्पीड़न से पीड़ित हिंदू, सिख और जैन समुदाय के लोगों को भारत में रहने का अधिकार है।
अवैध रूप से घुसपैठ करने वालों को डिटेन और डिपोर्ट किया जाएगा — प्रमाणिक ने स्पष्ट किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'देश धर्मशाला नहीं है' वाले बयान का प्रमाणिक ने पूर्ण समर्थन किया।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले पर ओवैसी की आलोचना को प्रमाणिक ने 'दोहरापन' बताया।
यह बयान बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सीमापार आवाजाही को लेकर बढ़ती चिंताओं की पृष्ठभूमि में आया।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने 26 अगस्त 2026 को कूचबिहार में स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे हिंदू, सिख और जैन समुदाय के लोगों को भारत में शरण पाने का पूरा अधिकार है, जबकि अवैध रूप से घुसपैठ करने वालों को डिटेन और डिपोर्ट किया जाएगा। उनका यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस वक्तव्य के समर्थन में आया, जिसमें शाह ने कहा था कि 'देश धर्मशाला नहीं है।'

मंत्री का मुख्य वक्तव्य

प्रमाणिक ने कहा, 'भारत ने हमेशा पड़ोसी देशों में उत्पीड़न का सामना कर रहे अल्पसंख्यकों को आश्रय दिया है, चाहे वे हिंदू हों, सिख हों, जैन हों या कोई अन्य अल्पसंख्यक समुदाय। अलग-अलग देशों और समुदायों के कई लोग यहाँ आए हैं, यहीं बस गए हैं और इस देश के नागरिक बन गए हैं। उन सभी लोगों को इस देश में रहने का अधिकार है।'

उन्होंने आगे कहा, 'चाहे बांग्लादेश हो, पाकिस्तान हो, श्रीलंका हो — वहाँ पर अगर हिंदू धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर इस देश में आते हैं, तो निश्चित रूप से उन लोगों को इस देश में रहने का अधिकार है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कोई अवैध रूप से घुसपैठ करके देश की शांति भंग करने का प्रयास करता है, तो ऐसे लोगों को डिटेन और डिपोर्ट किया जाएगा।

हिजाब विवाद पर प्रतिक्रिया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब संबंधी फैसले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की आलोचना पर प्रमाणिक ने कहा कि शायद ओवैसी ने बयान देने से पहले ठीक से विचार नहीं किया। उन्होंने तर्क दिया कि कई मुस्लिम देशों में भी स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पर पाबंदी लंबे समय से लागू है और विकसित देश इसे अपनाते हैं।

प्रमाणिक ने कहा, 'जब हम महिला सशक्तीकरण, महिला साक्षरता और नारी की आज़ादी की बात करते हैं, तो वही लोग महिला को पर्दे के पीछे धकेलने का प्रयास करते हैं — यह दोहरापन स्पष्ट है।'

अमित शाह के बयान का संदर्भ

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि भारत धर्मशाला नहीं है और अवैध प्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। यह बयान ऐसे समय आया जब बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सीमापार आवाजाही को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। पश्चिम बंगाल, जो बांग्लादेश से सटा हुआ है, इस बहस के केंद्र में रहा है।

राजनीतिक प्रभाव

प्रमाणिक का यह बयान नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) की भावना से मेल खाता है, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान करता है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान धार्मिक आधार पर विभाजन को बढ़ावा देते हैं, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों की रक्षा की नीति है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच घुसपैठ और अवैध प्रवासन के मुद्दे पर तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे बयान नीति कम और चुनावी संदेश अधिक लगते हैं। पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच घुसपैठ का मुद्दा वर्षों से राजनीतिक हथियार बना हुआ है — और यह बयान उसी परंपरा की अगली कड़ी है। असली सवाल यह है कि डिपोर्टेशन की प्रक्रिया में न्यायिक समीक्षा कहाँ है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निशीथ प्रमाणिक ने प्रताड़ित हिंदुओं के बारे में क्या कहा?
प्रमाणिक ने कहा कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका में धार्मिक उत्पीड़न झेल रहे हिंदू, सिख और जैन समुदाय के लोगों को भारत में रहने का पूरा अधिकार है। उनके अनुसार भारत ने हमेशा पड़ोसी देशों के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को शरण दी है।
अवैध घुसपैठियों के बारे में प्रमाणिक की क्या राय है?
प्रमाणिक ने स्पष्ट कहा कि अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले और देश की शांति भंग करने का प्रयास करने वाले लोगों को डिटेन और डिपोर्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए दुनिया में अन्य देश उपलब्ध हैं।
अमित शाह के 'देश धर्मशाला नहीं है' बयान का क्या संदर्भ है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह बयान अवैध प्रवासन पर कड़ा रुख जताते हुए दिया था। प्रमाणिक ने इस बयान का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि अवैध रूप से आने वालों को भारत में रहने का अधिकार नहीं है।
हिजाब विवाद पर प्रमाणिक ने ओवैसी को क्या जवाब दिया?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की आलोचना के जवाब में प्रमाणिक ने कहा कि कई मुस्लिम देशों में भी स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पर पाबंदी है। उन्होंने ओवैसी के रुख को 'दोहरापन' बताया और कहा कि महिला सशक्तीकरण की बात करने वाले पर्दे को बढ़ावा नहीं दे सकते।
यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में क्यों अहम है?
पश्चिम बंगाल बांग्लादेश से सटा हुआ राज्य है और यहाँ घुसपैठ का मुद्दा BJP और TMC के बीच वर्षों से विवाद का केंद्र रहा है। बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल के बाद यह बहस और तेज़ हो गई है, जिससे प्रमाणिक का बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले