भारत पर्व-2026: केंद्रीय मंत्री डॉ. जयरामभाई गामित ने एकता नगर में किया दौरा, बोले — विकसित भारत 2047 का संकल्प होगा मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
उद्योग, खेल एवं पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. जयरामभाई गामित ने 2 नवंबर 2026 को एकता नगर, राजपीपला में आयोजित 'भारत पर्व-2026' महोत्सव का दौरा किया और देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, हस्तशिल्प तथा पारंपरिक व्यंजनों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारत की 'अनेकता में एकता' की भावना को सशक्त करने के साथ-साथ 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को भी नई ऊर्जा देते हैं।
महोत्सव की थीम और स्वरूप
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' और 'भारत की शक्ति' थीम पर आधारित इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों, हस्तशिल्प कारीगरों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं। डॉ. गामित ने कहा कि भारत पर्व के माध्यम से पर्यटकों को देश की विविध लोक संस्कृतियों, परंपराओं और स्वदेशी उत्पादों को निकट से देखने तथा खरीदने का अनूठा अवसर मिल रहा है।
गौरतलब है कि यह महोत्सव केंद्र सरकार की उन नीतियों की कड़ी है जो पर्यटन, संस्कृति और रोज़गार को एक साझे मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।
क्षेत्रीय सांस्कृतिक प्रदर्शनियाँ
केंद्रीय मंत्री ने एकता प्रकाशोत्सव के इनडोर सेक्शन में उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के चार क्षेत्रीय जोन की कलात्मक प्रस्तुतियों का भी अवलोकन किया।
उत्तर भारत जोन में राम मंदिर, हिमालयी संस्कृति, पंजाब और राजस्थान की लोककला प्रदर्शित की गई। पूर्व भारत जोन में असम के बिहू, ओडिशा की स्थापत्य कला और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराएँ दर्शाई गईं। पश्चिम भारत जोन में गुजरात का गरबा, रानी की वाव, कच्छ का हस्तशिल्प और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झलक शामिल रही। दक्षिण भारत जोन में मीनाक्षी मंदिर, हम्पी और केरल की पारंपरिक बोट रेस को आकर्षक प्रकाश सज्जा के माध्यम से जीवंत किया गया।
आत्मनिर्भर भारत और रोज़गार को बढ़ावा
डॉ. गामित ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों और छोटे उद्यमियों को नए रोज़गार एवं बाज़ार के अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मज़बूती देने में सहायक है और देश की सांस्कृतिक तथा आर्थिक समृद्धि को नई दिशा प्रदान करता है।
प्रकाशोत्सव की विशेष झलकियाँ
आउटडोर सेक्शन में मंत्री ने भारतीय जीवन मूल्यों और सनातन संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न प्रकाश रचनाओं का अवलोकन किया। 'भारत — सोने की चिड़िया', 'समय का चक्र', योग, दीप टनल, रोशन पुष्प, रंग-बिरंगे गुब्बारे और अन्य आकर्षक प्रकाश प्रतिमाओं ने विशेष रूप से उनका ध्यान खींचा। डॉ. गामित ने परिसर में उपस्थित कलाकारों के प्रयासों की भूरि-भूरि सराहना की।
मंत्री का संदेश
अपने दौरे के अंत में डॉ. जयरामभाई गामित ने कहा कि 'भारत पर्व-2026' देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, लोककला, हस्तशिल्प और विविध परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का उत्कृष्ट प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन, रोज़गार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में दीर्घकालिक भूमिका निभाएंगे।