जाति आधारित जनगणना कराए केंद्र सरकार: डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन की माँग
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने 6 जून 2026 को चेन्नई में कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल जाति आधारित जनगणना करानी चाहिए, क्योंकि जनगणना का संवैधानिक अधिकार क्षेत्र भारत सरकार के पास है। उन्होंने यह बात के. अन्नामलाई के भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफे, तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) सरकार की पहली कैबिनेट बैठक और जनगणना की माँग — तीनों मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए कही।
जाति जनगणना पर DMK का रुख
एलंगोवन ने कहा, 'हम चाहते हैं कि भारत सरकार जाति आधारित जनगणना कराए, क्योंकि जनगणना का अधिकार क्षेत्र सरकार के पास है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नैनार नागेंद्रन और अंबुमणि रामदास ने भी इस माँग का समर्थन किया है। एलंगोवन ने सीधे नागेंद्रन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे इस विचार के पक्ष में हैं, तो उन्हें अपने पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं से इसे लागू कराने के लिए दबाव बनाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब जाति जनगणना का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में तेज़ी से केंद्र में आ रहा है।
TVK सरकार की कैबिनेट बैठक पर सवाल
TVK नेतृत्व वाली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 436 दीर्घकालिक विकास पहलों वाली एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इस पर एलंगोवन ने सीधा सवाल उठाया — 'वास्तव में ये परियोजनाएँ क्या हैं? उन्हें उन परियोजनाओं की सूची जारी करनी चाहिए जिन्हें वे शुरू करने की योजना बना रहे हैं। अब तक उन्होंने केवल संख्याएँ बताई हैं, लेकिन यह खुलासा नहीं किया है कि वे किन परियोजनाओं को लागू करने जा रहे हैं।' DMK का यह रुख TVK की पारदर्शिता पर सीधा प्रश्नचिह्न है।
अन्नामलाई के इस्तीफे पर DMK की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को BJP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और उसी दोपहर एक नए राजनीतिक संगठन 'वी लीडर्स' की शुरुआत की। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अन्नामलाई के आंदोलन में 11 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने पर एलंगोवन ने कहा, 'वे वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की तुलना में अन्नामलाई को अधिक पसंद करते हैं और उन्हें बेहतर नेता मानते हैं।'
अन्नामलाई ने क्यों छोड़ी BJP
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में अन्नामलाई ने बताया कि उनका यह निर्णय उस मिशन को आगे बढ़ाने की इच्छा से प्रेरित है जिसने उन्हें शुरू में सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि वे तमिलनाडु में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए BJP में शामिल हुए थे, लेकिन अब उन्होंने एक अलग राजनीतिक रास्ता चुना है। अन्नामलाई के अनुसार, उन्होंने दिसंबर 2025 में ही BJP नेतृत्व को पार्टी छोड़ने के अपने इरादे से अवगत करा दिया था, जिसके बाद वरिष्ठ नेताओं ने उनसे तमिलनाडु चुनाव तक पार्टी के साथ बने रहने का अनुरोध किया था।
आगे क्या
अन्नामलाई ने बताया कि अंतिम निर्णय से पहले उन्होंने BJP के शीर्ष नेताओं से सलाह-मशविरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने माना कि पिछले 18 महीनों में कई मुद्दों पर BJP के साथ उनके मतभेद रहे। 'वी लीडर्स' के गठन के साथ तमिलनाडु की राजनीति में एक नया समीकरण बन रहा है जो आगामी विधानसभा चुनाव में BJP, DMK और TVK — तीनों के लिए नई चुनौतियाँ पेश कर सकता है।