भरतपुर में 10 दिन से पानी बंद: महिलाओं ने जलदाय विभाग के बाहर फोड़े मटके, मंगलवार तक आपूर्ति का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के भरतपुर शहर के अनिरुद्ध नगर क्षेत्र में 10 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ने के बाद सोमवार, 18 मई 2026 को स्थानीय महिलाओं का आक्रोश सड़क पर उतर आया। परेशान महिलाओं ने जलदाय विभाग कार्यालय के बाहर मटके फोड़कर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया और अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
मुख्य घटनाक्रम
महिलाओं का आरोप है कि कॉलोनी में पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है, जिससे घरों में दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। अनिरुद्ध नगर निवासी क्रांति ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले तक पानी आता था, लेकिन उसका कोई निश्चित समय नहीं था — कभी रात 3 बजे, तो कभी सुबह 6 बजे। उसके बाद से आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई।
आम जनता पर असर
पानी की किल्लत ने लोगों को महंगे विकल्पों की ओर धकेल दिया है। महिलाओं के अनुसार एक टैंकर के लिए ₹2,000 तक चुकाने पड़ रहे हैं, और पीने का पानी भी बाजार से खरीदना पड़ रहा है। यह संकट केवल घरेलू कामकाज तक सीमित नहीं है — पानी की व्यवस्था में सुबह का समय लगने से बच्चों की स्कूल उपस्थिति भी प्रभावित हो रही है और वे देर से पहुँच रहे हैं।
विभाग की प्रतिक्रिया
जलदाय विभाग के अधिकारी केशव देव पांडे ने स्वीकार किया कि सोमवार से पहले इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत विभाग में दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिलाओं की शिकायत के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और मंगलवार तक कॉलोनी में पानी सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि आपूर्ति के दौरान जीपीएस फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
महिलाओं की चेतावनी
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान के कई शहरों में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की शिकायतें सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि भरतपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में भी बुनियादी जल आपूर्ति की अनिश्चितता एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनी हुई है।