भटकल में 'मूरिन कट्टे' विवाद: धार्मिक स्थल स्थानांतरण पर प्रदर्शन, ४ FIR, ६ गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के तटीय शहर भटकल में हिंदू धार्मिक स्थल 'मूरिन कट्टे' को स्थानांतरित किए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद 25 मई 2025 को भी तनाव बना रहा। प्रशासन ने तीन दिन की निषेधाज्ञा लागू कर दी है, पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की हैं और छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विवाद की जड़: राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार परियोजना के तहत 'मूरिन कट्टे' को चिन्हित किए जाने के बाद यह विवाद शुरू हुआ। हिंदू संगठनों ने इस कदम का विरोध किया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने एक वैकल्पिक स्थान पर धार्मिक स्थल स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। नई जगह पर निर्माण के बाद उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसने स्थिति को और भड़का दिया।
गौरतलब है कि भटकल कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले का एक सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील तटीय शहर है, जहाँ इस प्रकार के तनाव का इतिहास रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
कारवार के पुलिस अधीक्षक एम.एन. दीपन ने मीडिया को बताया कि 'मूरिन कट्टे' को तोड़ा नहीं गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा, 'हमने उस स्थान को सुरक्षित कर लिया है और वहाँ पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हालाँकि, साइट को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए एक प्लेटफॉर्म को हटाया गया है।' उन्होंने अपने बयान के समर्थन में एक तस्वीर भी जारी की।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्नाटक राज्य रिज़र्व पुलिस की नौ प्लाटून और जिला सशस्त्र रिज़र्व की तीन प्लाटून तैनात की गई हैं। इलाके के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दर्ज FIR और आरोप
एसपी दीपन के अनुसार, चार एफआईआर में से एक पुलिसकर्मियों पर कथित हमले से संबंधित है, दूसरी राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने से जुड़ी है, तीसरी एक घायल व्यक्ति की शिकायत पर आधारित है, और चौथी सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैलाकर लोगों को घटनास्थल पर इकट्ठा करने के आरोप में दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की अधिकारियों से तीखी बहस हुई और कथित हमले के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन
रविवार को भटकल में हिंदू कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री मनकाल वैद्य के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मूल स्थान पर ढाँचे को दोबारा बनाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि इलाके में देर रात तक भारी हंगामा जारी रहा।
आगे की स्थिति
एसपी दीपन ने कहा कि फिलहाल इलाके में स्थिति शांत है और सभी एफआईआर में कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रशासन की ओर से लगाई गई तीन दिन की निषेधाज्ञा स्थिति की नाजुकता को दर्शाती है। यह देखना होगा कि धार्मिक स्थल के स्थानांतरण का मुद्दा आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है।