भिवंडी में कोहिनूर इमारत ढही, 9 की मौत; CM फडणवीस ने दिए FIR के आदेश, बचाव जारी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के ठाणे जिले स्थित भिवंडी के बालाजी नगर क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 11:30 बजे चार मंजिला कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा ढह जाने से 9 लोगों की मौत हो गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने मलबे से शव निकाले हैं और राहत-बचाव कार्य अभी जारी है, क्योंकि अधिकारियों के अनुसार मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका है।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई की देर रात इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, जब अचानक उसका एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। कोहिनूर इमारत में कुल 48 कमरे थे — प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे। उल्लेखनीय है कि स्थानीय नगर निगम पहले ही इस इमारत को खतरनाक घोषित कर चुका था, फिर भी उसमें लोग रह रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के दौरान महाराष्ट्र में जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाएँ हर साल सामने आती हैं।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भिवंडी में बिल्डिंग गिरने से कुछ लोगों की मौत बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के साथ हूं। इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश नगर आयुक्त को दिया गया है। घायलों का इलाज चल रहा है। मैं उनके जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।'
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'कोहिनूर बिल्डिंग गिरने से 9 लोगों की जान गई। मैं मृतकों को श्रद्धांजलि देता हूं।' शिंदे ने बताया कि उन्होंने खुद भिवंडी नगर आयुक्त अनमोल सागर और ठाणे कलेक्टर श्रीकृष्ण पंचाल से सीधे बात कर बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
घायलों का उपचार और राहत कार्य
घायलों को भिवंडी के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर उन्हें निजी अस्पतालों में भी स्थानांतरित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि इमारत में रहने वाले सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जवाबदेही और आगे की कार्रवाई
गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किए जाने के बावजूद वहाँ लोग रह रहे थे — यह प्रशासनिक चूक के गंभीर सवाल खड़े करता है। FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में दबे संभावित जीवितों को निकालने पर केंद्रित है।