31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही, 8 की मौत; मलबे में 2-3 लोग अभी भी दबे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही, 8 की मौत; मलबे में 2-3 लोग अभी भी दबे

सारांश

महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई — 8 लोगों की जान गई, 2-3 अभी भी मलबे में दबे हैं। मरम्मत के दौरान हुई इस त्रासदी ने एक बार फिर जर्जर इमारतों और मानसून के खतरनाक संयोग को उजागर किया है।

मुख्य बातें

भिवंडी, महाराष्ट्र में 31 जुलाई की रात 11:30 बजे एक चार मंजिला इमारत ढह गई।
हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
NDRF के अनुसार मलबे में 2 से 3 लोग अभी भी दबे हो सकते हैं।
घटना के समय इमारत में 25 से 30 लोग मौजूद थे; इमारत में करीब 45 कमरे हैं।
इमारत में मरम्मत कार्य चल रहा था; खतरा भाँपकर कई मज़दूर पहले ही बाहर निकल गए थे।
स्थानीय निवासी रंजीत सिंह हादसे के बाद से लापता हैं।

महाराष्ट्र के भिवंडी में 31 जुलाई की देर रात एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के अनुसार, अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी 2 से 3 लोग दबे हो सकते हैं और घटनास्थल पर बचाव अभियान तेज़ी से जारी है। इमारत में उस समय मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके कारण गिरने के वक्त अंदर मौजूद लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

इमारत गुरुवार रात करीब 11:30 बजे अचानक गिरी। खतरा भाँपकर वहाँ काम कर रहे कई मज़दूर पहले ही इमारत खाली कर चुके थे। बताया जा रहा है कि पास की एक इमारत के खंभों पर मरम्मत कार्य चल रहा था। हादसे के समय इमारत के भीतर लगभग 25 से 30 लोग मौजूद थे और इमारत में करीब 45 कमरे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

हादसे से बचे दीपक कुमार यादव ने बताया, 'रात के खाने के बाद हम सो गए थे, तभी अचानक इमारत गिरने की जोरदार आवाज़ सुनाई दी। जब हम बाहर भागे, तो हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से कूद गया।'

एक अन्य घायल अभय कुमार यादव ने बताया कि बाहर निकलने का कोई साफ रास्ता न होने की वजह से उन्हें भी पहली मंजिल से कूदना पड़ा, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में स्थानीय लोग सीढ़ी लेकर आए और बाकी लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।

घायल संगीता प्रजापति ने बताया कि वे पार्किंग एरिया में खड़ी थीं, तभी इमारत के चटकने की आवाज़ आई और भागने की कोशिश में ही इमारत गिर पड़ी, जिससे उन्हें चोटें आईं।

लापता पति की तलाश में भटकती पत्नी

स्थानीय निवासी नेहा सिंह अपने पति रंजीत सिंह की तलाश में घटनास्थल पर पहुँचीं। उन्होंने बताया, 'वे यह कहकर नीचे गए थे कि कुछ चेक करना है। उनके नीचे जाने के ठीक 10 मिनट बाद इमारत गिर गई। उनका फोन बज रहा है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे।' नेहा ने बताया कि तबीयत ठीक न होने के कारण वे ऊपर ही रुकी थीं, जिससे वे बच गईं।

बचाव अभियान और आगे की स्थिति

NDRF की टीमें मलबा हटाकर दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में अभी भी 2 से 3 लोगों के फँसे होने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में मानसून के दौरान पुरानी और जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि भिवंडी में इससे पहले भी इमारत गिरने की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं, जो क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और रखरखाव की कमी की ओर इशारा करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार जाँच के आदेश, मुआवज़े की घोषणाएँ और 'जर्जर इमारतें खाली करने' के निर्देश आते हैं, फिर भी स्थिति नहीं बदलती। असली सवाल यह है कि मरम्मत के दौरान इमारत में 25-30 लोग क्यों रह रहे थे और स्थानीय प्रशासन ने संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच क्यों नहीं की। जब तक अनधिकृत निर्माण और लापरवाह रखरखाव पर जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसी खबरें हर बरसात में दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भिवंडी में इमारत गिरने से कितने लोगों की मौत हुई?
NDRF के अनुसार, महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरने से अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में अभी भी 2 से 3 लोग दबे हो सकते हैं।
भिवंडी इमारत हादसा कब और कैसे हुआ?
यह हादसा 31 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे हुआ, जब चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। उस समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था और इमारत में लगभग 25 से 30 लोग मौजूद थे।
बचाव अभियान में कौन-सी एजेंसी शामिल है?
NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमें घटनास्थल पर मलबा हटाकर दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं। बचाव अभियान 31 जुलाई की रात से जारी है।
क्या इमारत में रह रहे लोगों को पहले खतरे का अंदेशा था?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खतरा भाँपकर वहाँ काम कर रहे कई मज़दूर पहले ही इमारत खाली कर चुके थे। हालाँकि हादसे के वक्त भी 25 से 30 लोग अंदर मौजूद थे।
भिवंडी में इमारत गिरने की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, भिवंडी और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में मानसून के दौरान जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाएँ पहले भी दर्ज हो चुकी हैं। अनधिकृत निर्माण और रखरखाव की कमी को इन हादसों का प्रमुख कारण माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले