भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही, 8 की मौत; मलबे में 2-3 लोग अभी भी दबे
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के भिवंडी में 31 जुलाई की देर रात एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के अनुसार, अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी 2 से 3 लोग दबे हो सकते हैं और घटनास्थल पर बचाव अभियान तेज़ी से जारी है। इमारत में उस समय मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके कारण गिरने के वक्त अंदर मौजूद लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
इमारत गुरुवार रात करीब 11:30 बजे अचानक गिरी। खतरा भाँपकर वहाँ काम कर रहे कई मज़दूर पहले ही इमारत खाली कर चुके थे। बताया जा रहा है कि पास की एक इमारत के खंभों पर मरम्मत कार्य चल रहा था। हादसे के समय इमारत के भीतर लगभग 25 से 30 लोग मौजूद थे और इमारत में करीब 45 कमरे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
हादसे से बचे दीपक कुमार यादव ने बताया, 'रात के खाने के बाद हम सो गए थे, तभी अचानक इमारत गिरने की जोरदार आवाज़ सुनाई दी। जब हम बाहर भागे, तो हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से कूद गया।'
एक अन्य घायल अभय कुमार यादव ने बताया कि बाहर निकलने का कोई साफ रास्ता न होने की वजह से उन्हें भी पहली मंजिल से कूदना पड़ा, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में स्थानीय लोग सीढ़ी लेकर आए और बाकी लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
घायल संगीता प्रजापति ने बताया कि वे पार्किंग एरिया में खड़ी थीं, तभी इमारत के चटकने की आवाज़ आई और भागने की कोशिश में ही इमारत गिर पड़ी, जिससे उन्हें चोटें आईं।
लापता पति की तलाश में भटकती पत्नी
स्थानीय निवासी नेहा सिंह अपने पति रंजीत सिंह की तलाश में घटनास्थल पर पहुँचीं। उन्होंने बताया, 'वे यह कहकर नीचे गए थे कि कुछ चेक करना है। उनके नीचे जाने के ठीक 10 मिनट बाद इमारत गिर गई। उनका फोन बज रहा है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे।' नेहा ने बताया कि तबीयत ठीक न होने के कारण वे ऊपर ही रुकी थीं, जिससे वे बच गईं।
बचाव अभियान और आगे की स्थिति
NDRF की टीमें मलबा हटाकर दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में अभी भी 2 से 3 लोगों के फँसे होने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में मानसून के दौरान पुरानी और जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि भिवंडी में इससे पहले भी इमारत गिरने की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं, जो क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और रखरखाव की कमी की ओर इशारा करती हैं।