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भिवंडी इमारत हादसा: चार मंजिला बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, 2 की मौत, NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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भिवंडी इमारत हादसा: चार मंजिला बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, 2 की मौत, NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सारांश

भिवंडी में 30 जुलाई की देर रात चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढह गया — 2 की मौत, एक महिला जीवित निकाली गई। मलबे में अभी भी 3-4 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। NDRF और SDRF की टीमें रातभर राहत-बचाव में जुटी रहीं।

मुख्य बातें

भिवंडी में 30 जुलाई 2025 की रात 11:30 बजे चार मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया।
हादसे में 2 लोगों की मौत हुई; NDRF ने मलबे से दो शव बरामद किए।
एक महिला को मलबे से जीवित निकाला गया, उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मलबे में अभी भी 3 से 4 मजदूरों के फंसे होने की आशंका; बचाव कार्य जारी।
हादसे के वक्त इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था; करीब 25-30 लोग अंदर थे।
NDRF और SDRF की टीमें JCB व अन्य मशीनों से मलबा हटाने में जुटी हैं।

महाराष्ट्र के भिवंडी में 30 जुलाई 2025 की देर रात एक चार मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य मलबे में दब गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने मृतकों की पुष्टि की है। मलबे में अभी भी 3 से 4 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है और बचाव कार्य रात भर जारी रहा।

हादसे का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 30 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। इससे कुछ समय पहले इमारत थोड़ी झुकती हुई दिखाई दी थी, जिसे भाँपकर वहाँ काम कर रहे कई मजदूर तुरंत बाहर भाग निकले। उस समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे हादसे के वक्त अधिकांश लोग बाहर थे — और यही बात बड़ी जनहानि को रोकने में सहायक रही।

बचे हुए निवासी दीपक कुमार यादव ने बताया, 'पास की इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था। हम रात का खाना खाकर सो चुके थे, तभी जोरदार आवाज सुनाई दी। जब बाहर निकले तो चारों तरफ अफरातफरी मची थी। जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से नीचे कूद गया।'

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी संगीता प्रजापति ने बताया, 'मैं पार्किंग एरिया में खड़ी थी, तभी इमारत के चटकने की आवाज आई। मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन भागते-भागते ही इमारत गिर गई और मुझे चोटें आईं।' वहीं अभय कुमार यादव ने बताया कि पहली मंजिल से कूदने पर उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने बताया कि एक स्थानीय युवक सीढ़ी लेकर आया, जिससे कई लोग नीचे उतर सके। उस समय इमारत के भीतर करीब 25 से 30 लोग थे और इमारत में लगभग 45 कमरे हैं।

लापता पति की तलाश में परिजन

स्थानीय निवासी नेहा सिंह अपने पति रंजीत सिंह को खोज रही हैं। उन्होंने बताया, 'वह कुछ चेक करने के लिए नीचे गए थे। उनके जाने के करीब 10 मिनट बाद ही बिल्डिंग गिर गई। उनके फोन पर घंटी जा रही है, लेकिन जवाब नहीं मिल रहा।' नेहा के अनुसार उनकी तबीयत ठीक न होने के कारण वे उस समय नीचे नहीं आई थीं, जिससे वे बच गईं।

बचाव अभियान की स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुँच गईं। JCB और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम रातभर चला। NDRF के जवानों ने मलबे से दो शव बरामद किए और एक महिला को जीवित निकाला, जिसे नजदीकी अस्पताल में भेजा गया — उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अंधेरे और मलबे की अधिकता के कारण बचाव कार्य धीमी गति से चल रहा है, लेकिन टीमें अनवरत काम में जुटी हैं।

प्रशासन के अनुसार मलबे में अभी भी कम से कम 3 से 4 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। 31 जुलाई की सुबह तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था।

भिवंडी में इमारत हादसों का इतिहास

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बनी हुई है। भिवंडी और उसके आसपास के इलाकों में अनधिकृत निर्माण और पुरानी इमारतों में मरम्मत के दौरान हादसे पहले भी होते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की ओर से नियमित भवन सुरक्षा जाँच की कमी ऐसी दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह है।

आगे क्या

बचाव दल मलबे की हर परत को सावधानी से हटाकर संभावित जीवितों की तलाश कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि इमारत गिरने का कारण क्या था — जाँच जारी है। घायलों और प्रभावित परिवारों के लिए राहत व्यवस्था की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी प्रशासनिक निगरानी कहाँ थी? हर बार हादसे के बाद जाँच के आदेश होते हैं, लेकिन जवाबदेही तय होने से पहले ही मामला ठंडा पड़ जाता है। जब तक भवन सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य और नियमित नहीं बनाया जाता, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भिवंडी में कौन सी इमारत गिरी और कब?
महाराष्ट्र के भिवंडी में 30 जुलाई 2025 की रात करीब 11:30 बजे एक चार मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। उस समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था।
भिवंडी इमारत हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
NDRF की टीम ने मलबे से दो शव बरामद किए हैं। इसके अलावा एक महिला को जीवित निकाला गया है, जिसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
क्या मलबे में अभी भी लोग फंसे हैं?
प्रशासन के अनुसार मलबे में अभी भी कम से कम 3 से 4 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुँचकर JCB और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटा रही हैं। रातभर बचाव कार्य चला और 31 जुलाई की सुबह तक ऑपरेशन जारी था।
इमारत गिरने का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था और गिरने से पहले वह थोड़ी झुकती हुई दिखाई दी थी। हादसे के सटीक कारण की जाँच अभी जारी है और प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान आना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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