बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: मंत्री दर्जे के आयोग-बोर्ड अध्यक्षों का वेतन ₹25,000 से बढ़कर ₹65,000 प्रतिमाह
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 23 सितंबर 2026 को राज्य के विभिन्न आयोगों, बोर्डों, निगमों, परिषदों और समितियों के उन अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों के वेतन और भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जिन्हें मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री के समकक्ष सुविधाएँ अनुमन्य हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई।
वेतन में संशोधन का विवरण
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, जिन पदाधिकारियों का मासिक वेतन पहले ₹25,000 प्रतिमाह था, उन्हें अब ₹65,000 प्रतिमाह दिया जाएगा — यानी वेतन में ₹40,000 की सीधी वृद्धि। दैनिक भत्ते में भी उल्लेखनीय इजाफा किया गया है: पहले मिलने वाले ₹1,000 प्रतिदिन के स्थान पर अब ₹3,500 प्रतिदिन का दैनिक भत्ता देय होगा।
यह संशोधन उन सभी पदाधिकारियों पर लागू होगा जिन्हें राज्य सरकार ने मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री के समकक्ष दर्जा प्रदान किया है।
आतिथ्य भत्ते में स्तरवार वृद्धि
आतिथ्य भत्ते में तीनों स्तरों पर अलग-अलग संशोधन किए गए हैं। मंत्री स्तर के पदाधिकारियों का आतिथ्य भत्ता ₹18,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह किया गया है। राज्य मंत्री स्तर के आयोग अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों का आतिथ्य भत्ता ₹17,500 से बढ़ाकर ₹29,500 प्रतिमाह हुआ है। उप मंत्री स्तर के पदाधिकारियों के लिए यह भत्ता ₹17,000 से बढ़कर ₹29,000 प्रतिमाह हो गया है।
कौन-से संस्थान और पदाधिकारी होंगे लाभान्वित
कैबिनेट सचिवालय विभाग द्वारा जारी प्रेस-नोट के अनुसार, राज्य के विभिन्न विभागों के अंतर्गत गठित आयोगों, बोर्डों, निगमों, परिषदों और समितियों के वे सभी पदाधिकारी इस निर्णय से लाभान्वित होंगे, जिन्हें राज्य सरकार की ओर से मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री के समकक्ष सुविधाएँ प्राप्त हैं। यह फैसला इन संस्थाओं में दशकों से चली आ रही वेतन संरचना को अद्यतन करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
पुलिस आधुनिकीकरण: 50 ड्रोन की खरीद को भी मंजूरी
इसी कैबिनेट बैठक में केंद्र प्रायोजित पुलिस आधुनिकीकरण सहायता योजना (ASUMP) के तहत कुल 50 ड्रोन की खरीद के लिए ₹24.50 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई। इन ड्रोन का उपयोग भीड़ नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियानों, आपदा प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन तकनीक के समावेश से बिहार पुलिस की निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है। गौरतलब है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हवाई निगरानी की माँग लंबे समय से उठती रही है।
आगे क्या
कैबिनेट सचिवालय विभाग के प्रेस-नोट में संशोधित वेतन-भत्तों की प्रभावी तिथि का तत्काल उल्लेख नहीं किया गया है। राज्य सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि संबंधित अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी, जिससे लाभान्वित पदाधिकारियों को नई दरों पर भुगतान प्रारंभ हो सके।