8 अगस्त 2026
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बिहार में कक्षा 6-8 के लिए विषयवार शिक्षक नियुक्ति का नया मानक लागू, RTE और NEP 2020 के तहत बड़ा बदलाव

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बिहार में कक्षा 6-8 के लिए विषयवार शिक्षक नियुक्ति का नया मानक लागू, RTE और NEP 2020 के तहत बड़ा बदलाव

सारांश

बिहार में कक्षा 6-8 के लिए विषयवार शिक्षक नियुक्ति का नया मानक लागू हो गया है। RTE और NEP 2020 के तहत अब विज्ञान, गणित, भाषा और सामाजिक अध्ययन के लिए अलग शिक्षक होंगे। 105 से अधिक छात्र संख्या पर अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य की गई है।

मुख्य बातें

बिहार शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को कक्षा 6 से 8 के लिए विषयवार शिक्षक नियुक्ति का नया मानक लागू किया।
विज्ञान एवं गणित , सामाजिक अध्ययन और भाषा विषयों के लिए अलग-अलग शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य होगी।
105 से 140 छात्र संख्या पर एक अतिरिक्त अंग्रेज़ी शिक्षक ; 140-175 छात्र पर संस्कृत या उर्दू शिक्षक की नियुक्ति का प्रावधान।
यह कदम RTE अधिनियम, 2009 और NEP 2020 के प्रावधानों के अनुरूप उठाया गया है।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला पदाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को विषयवार शिक्षक नियुक्ति का नया मानक लागू किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के प्रावधानों के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है, जिसके तहत अब प्रत्येक कक्षा में कम से कम एक शिक्षक की उपस्थिति अनिवार्य होगी और विषयों के अनुसार अलग-अलग शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

नए मानक में क्या है खास

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, उच्च प्राथमिक स्तर पर विज्ञान एवं गणित, सामाजिक अध्ययन और भाषा विषयों के लिए अलग-अलग शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। यह व्यवस्था उन विद्यालयों में भी लागू होगी जहाँ अब तक एक ही शिक्षक कई विषयों को पढ़ाते थे।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 को शिक्षक निर्धारण के लिए अलग-अलग शैक्षणिक इकाई माना जाएगा। हालाँकि, प्रशासनिक सुविधा के लिए कक्षा 1 से 8 तक के प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद एकीकृत रहेगा।

छात्र संख्या के अनुसार शिक्षक तैनाती का फॉर्मूला

नए मानक के अनुसार छात्र संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है। जिन विद्यालयों में 105 से 140 छात्र होंगे, वहाँ एक अतिरिक्त अंग्रेज़ी शिक्षक की नियुक्ति होगी।

140 से 175 छात्र संख्या वाले विद्यालयों में एक और अतिरिक्त शिक्षक तैनात किया जाएगा, जो छात्रों की ज़रूरत के अनुसार संस्कृत या उर्दू विषय का होगा। यदि किसी विद्यालय में छात्र संख्या 175 से अधिक होती है, तो आवश्यकतानुसार और शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।

क्यों उठाया गया यह कदम

शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया कि राज्य के कई विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुसार न्यूनतम संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता राष्ट्रीय औसत से पिछड़ने को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं। नई व्यवस्था के तहत वास्तविक नामांकन संख्या, कक्षा संरचना और विषयों की आवश्यकता के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

गौरतलब है कि RTE अधिनियम लागू होने के डेढ़ दशक बाद भी देश के कई राज्यों में उच्च प्राथमिक स्तर पर विषयवार शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बिहार का यह कदम उस दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है।

प्रशासनिक निर्देश और अगला कदम

प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर की ओर से जारी पत्र में राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नए मानकों के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।

शिक्षा विभाग के सचिव ने इस नए शिक्षक निर्धारण मानक को औपचारिक मंजूरी दे दी है। अब राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में इसी व्यवस्था के आधार पर शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन और तैनाती की प्रक्रिया शुरू होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जिन विद्यालयों में पहले से शिक्षकों की भारी कमी है, वहाँ नए मानकों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित शिक्षक कहाँ से आएंगे। राज्य में शिक्षक रिक्तियाँ वर्षों से विवाद का विषय रही हैं और नई नियुक्ति प्रक्रियाएँ अदालती अड़चनों में फँसती रही हैं। मानक तय करना और उसे ज़मीन पर उतारना — इन दोनों के बीच की खाई को पाटे बिना यह अधिसूचना केवल प्रशासनिक दस्तावेज़ बनकर रह सकती है। जब तक रिक्त पदों की भर्ती की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र स्पष्ट नहीं होता, तब तक इस सुधार की सफलता संदिग्ध बनी रहेगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में कक्षा 6 से 8 के लिए नई शिक्षक व्यवस्था क्या है?
बिहार शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को एक नया मानक लागू किया है, जिसके तहत कक्षा 6 से 8 के लिए विज्ञान एवं गणित, सामाजिक अध्ययन और भाषा विषयों के लिए अलग-अलग शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य होगी। प्रत्येक कक्षा में कम से कम एक शिक्षक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों की तैनाती कैसे होगी?
105 से 140 छात्र संख्या वाले विद्यालयों में एक अतिरिक्त अंग्रेज़ी शिक्षक की नियुक्ति होगी। 140 से 175 छात्रों पर एक और शिक्षक — संस्कृत या उर्दू विषय का — तैनात किया जाएगा, और 175 से अधिक छात्रों पर आवश्यकतानुसार और शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
यह नया मानक किस कानून के तहत लागू किया गया है?
यह नया मानक शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के प्रावधानों के अनुरूप लागू किया गया है। शिक्षा विभाग के सचिव ने इसे औपचारिक मंजूरी दे दी है।
कक्षा 1-5 और कक्षा 6-8 के शिक्षकों की गणना अलग होगी?
हाँ, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 को शिक्षक निर्धारण के लिए अलग-अलग शैक्षणिक इकाई माना जाएगा। हालाँकि, प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद एक ही रहेगा।
इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला पदाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नए मानकों के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वास्तविक नामांकन संख्या, कक्षा संरचना और विषयों की आवश्यकता के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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