महाराष्ट्र में ग्रामीण स्कूलों को राहत: 20 छात्रों पर मिलेंगे 3 शिक्षक, 11 मई 2026 का संशोधित आदेश जारी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में माध्यमिक शिक्षा को मज़बूत करने के लिए शिक्षक नियुक्ति के मानकों में बड़ा बदलाव किया है। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री पंकज भोयर ने गुरुवार, 25 जून 2026 को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान घोषणा की कि अब कक्षा 9 और 10 में केवल 20 या उससे अधिक छात्र होने पर भी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के माध्यमिक स्कूलों में तीन शिक्षक नियुक्त किए जा सकेंगे। यह संशोधित आदेश 11 मई 2026 को जारी किया गया है।
पुराने नियम में क्या था प्रावधान
15 मार्च 2024 के सरकारी आदेश के तहत पहले केवल उन्हीं स्कूलों में तीन शिक्षकों की तैनाती होती थी जहाँ 40 या अधिक छात्र हों और जो 3 से 5 किलोमीटर के दायरे में 'जीरो-पोस्ट' स्कूल के निकट स्थित हों। यह मानक ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता था, जहाँ कम आबादी के कारण कक्षाओं में छात्र संख्या स्वाभाविक रूप से कम रहती है।
गौरतलब है कि 14 नवंबर 2025 को उच्च न्यायालय ने 15 मार्च 2024 के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी और स्पष्ट किया था कि वह जीआर शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के अनुरूप है।
नए बदलाव की वजह और उद्देश्य
मंत्री भोयर ने बताया कि यह संशोधन जनप्रतिनिधियों की माँगों और ज़मीनी हकीकत को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में छात्रों के पास कई विकल्प उपलब्ध होते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में — खासकर लड़कियों को — दूसरे गाँव जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है। सरकार का लक्ष्य इस बदलाव के ज़रिए ड्रॉपआउट दर को कम करना है।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी ग्रामीण माध्यमिक शिक्षा में शिक्षक-छात्र अनुपात को लेकर चिंताएँ उठाई जा रही हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है और आगे की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षकों व विधायकों की विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
गढ़चिरोली के पेसा क्षेत्रों में संविदा शिक्षकों का मुद्दा
मंत्री ने बताया कि गढ़चिरोली के पेसा (PESA) क्षेत्रों में कार्यरत संविदा शिक्षकों की नियमित सेवा को लेकर जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेसा अधिनियम का उद्देश्य स्थानीय आदिवासी युवाओं को रोज़गार देना है और आरक्षण स्थानीय अनुसूचित जनजाति (ST) आबादी के अनुसार निर्धारित होता है।
जो शिक्षक TET और TAIT परीक्षाओं के माध्यम से योग्य पाए गए हैं, उन्हें नियमित किया जा चुका है। अन्य योग्य शिक्षकों की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग के 11 फरवरी 2026 के आदेश के अनुसार अपडेट की जा रही है। कुछ मामले सर्वोच्च न्यायालय में अभी भी लंबित हैं।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का ऑडिट होगा
विधायकों के सवालों के जवाब में मंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही पूरे राज्य में एक नया बेसलाइन सर्वे कराएगी और 4 से 6 महीने के भीतर सभी ज़रूरी निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे। इस ऑडिट में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग व सुरक्षित शौचालय, पेयजल व्यवस्था, बिजली, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन और जहाँ आवश्यक हो वहाँ लाइब्रेरी रूम शामिल किए जाएंगे।
इन कार्यों के लिए जिला नियोजन समिति फंड, CSR और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के फंड को मिलाकर काम में तेज़ी लाई जाएगी। यह कदम राज्य के उन सैकड़ों स्कूलों के लिए राहत लेकर आएगा जहाँ बुनियादी ढाँचे की कमी ड्रॉपआउट का बड़ा कारण बनती है।