29 जून 2026
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महाराष्ट्र में कक्षा 1 से 10 तक मराठी अनिवार्य, शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने दी चेतावनी

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महाराष्ट्र में कक्षा 1 से 10 तक मराठी अनिवार्य, शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने दी चेतावनी

सारांश

महाराष्ट्र में सभी बोर्डों के स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मराठी अनिवार्य हुई। शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में विशेष जांच अभियान और सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास पाठ्यपुस्तकों में डेढ़ कॉलम से बढ़ाकर 22 पृष्ठ किया गया।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार ने सभी शिक्षा बोर्डों और सभी माध्यमों के स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मराठी भाषा का शिक्षण अनिवार्य किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में विशेष जांच अभियान और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की घोषणा की।
BJP विधायक अतुल भातखलकर ने यह मुद्दा उठाया; सदस्यों ने मौजूदा जुर्माने को अपर्याप्त बताया।
छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास पाठ्यपुस्तकों में डेढ़ कॉलम से बढ़ाकर 22 पृष्ठ किया गया — केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार ने 29 जून 2026 को राज्य के सभी शिक्षा बोर्डों और सभी माध्यमों के स्कूलों में कक्षा पहली से 10वीं तक मराठी भाषा का शिक्षण अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। मुंबई में विधानसभा सत्र के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने स्पष्ट किया कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

यह मुद्दा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अतुल भातखलकर ने विधानसभा में प्रश्न के माध्यम से उठाया। चर्चा के दौरान अन्य विधायकों ने भी पूरक प्रश्न रखे और आरोप लगाया कि राज्य के कई स्कूलों में मराठी का शिक्षण नहीं कराया जा रहा। सदस्यों ने यह भी कहा कि नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर लगाया जाने वाला जुर्माना पर्याप्त नहीं है और प्रभावी कार्रवाई का अभाव बना हुआ है।

सरकार की प्रतिक्रिया

शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मराठी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत सभी स्कूलों की जांच होगी। भुसे ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास पाठ्यक्रम में विस्तार

शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर यह भी बताया कि पहले देश के अन्य शिक्षा बोर्डों की पाठ्यपुस्तकों में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को केवल लगभग डेढ़ कॉलम तक सीमित रखा गया था। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब इसे बढ़ाकर 22 पृष्ठ कर दिया गया है। यह बदलाव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को पाठ्यक्रम में मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आम जनता और स्कूलों पर असर

यह निर्णय राज्य के सभी माध्यमों — हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू सहित — के स्कूलों पर लागू होगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अंग्रेज़ी माध्यम के निजी स्कूलों में मराठी शिक्षण को लेकर शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भाषाई अस्मिता को लेकर राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ी हुई है।

क्या होगा आगे

सरकार के अनुसार, विशेष जांच अभियान के परिणामों के आधार पर नियम तोड़ने वाले स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि नई पीढ़ी तक छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को व्यापक रूप से पहुँचाया जाए। जुर्माने की राशि और कार्रवाई की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर विचार किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन क्रियान्वयन बार-बार कमज़ोर रहा है। असली सवाल यह है कि 'विशेष जांच अभियान' की घोषणा के बाद भी जुर्माने की राशि और कार्रवाई का ढाँचा क्या होगा — जो विधायकों ने खुद अपर्याप्त बताया। छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को 22 पृष्ठों तक विस्तार देना सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन भाषा नीति की विश्वसनीयता तभी बनेगी जब जांच के परिणाम सार्वजनिक हों और दोषी स्कूलों पर वास्तविक कार्रवाई दिखे।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य शिक्षण का नया नियम क्या है?
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी शिक्षा बोर्डों और सभी माध्यमों के स्कूलों में कक्षा पहली से 10वीं तक मराठी भाषा का शिक्षण अनिवार्य कर दिया है। नियम तोड़ने वाले स्कूलों और अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में क्या घोषणा की?
शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में बताया कि पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और सभी स्कूलों की जांच होगी। उन्होंने कहा कि मराठी न पढ़ाने वाले स्कूलों के संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास में पाठ्यपुस्तकों में क्या बदलाव हुआ?
शिक्षा मंत्री के अनुसार, पहले अन्य शिक्षा बोर्डों की पाठ्यपुस्तकों में छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास केवल लगभग डेढ़ कॉलम तक सीमित था। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब इसे बढ़ाकर 22 पृष्ठ कर दिया गया है।
यह नियम किन स्कूलों पर लागू होगा?
यह नियम महाराष्ट्र के सभी माध्यमों — हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू सहित — और सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। कोई भी बोर्ड या माध्यम इस अनिवार्यता से बाहर नहीं है।
मराठी न पढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियम उल्लंघन करने वाले स्कूलों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। विधायकों ने मौजूदा जुर्माने को अपर्याप्त बताया है और सरकार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दे चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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