महाराष्ट्र में कक्षा 1 से 10 तक मराठी अनिवार्य: रामदास आठवले बोले — 'यह बहुत अच्छा फैसला है'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 1 से 10 तक सभी स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 30 जून 2026 को इस फैसले का खुलकर स्वागत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में रहते हुए मराठी सीखने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मराठी अनिवार्यता पर आठवले का पक्ष
आठवले ने स्पष्ट किया कि यह नियम केवल मराठी माध्यम के विद्यालयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पहली से दसवीं कक्षा तक मराठी के लिए कोई समस्या नहीं है। नॉन-मराठी स्कूलों में, चाहे हिंदी हों या अंग्रेजी, वहाँ मराठी भाषा को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। जिस तरह मराठी स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाई जाती है, उसी तरह अन्य स्कूलों में भी मराठी एक विषय के रूप में होना चाहिए। यह बहुत अच्छा फैसला है।'
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के स्कूलों की बड़ी संख्या है, जहाँ अब तक मराठी को वैकल्पिक रखा जाता था। यह निर्णय उन लाखों विद्यार्थियों को प्रभावित करेगा जो गैर-मराठी माध्यम संस्थानों में पढ़ते हैं।
नसरापुर बलात्कार-हत्या मामले में त्वरित न्याय का स्वागत
नसरापुर बलात्कार-हत्या मामले में न्यायालय द्वारा 60 दिनों के भीतर आरोपी को फाँसी की सजा सुनाए जाने पर आठवले ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'आरोपी ने बच्ची के साथ बलात्कार के बाद हत्या की थी। हम भी चाहते थे कि ऐसे आरोपी को फाँसी की सजा मिले। आरोपी किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे सजा मिलनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में छह महीने के भीतर कठोर दंड दिया जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर एनडीए का आत्मविश्वास
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के संदर्भ में आठवले ने कहा कि अभी समय है, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एनडीए को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी और राजनीतिक वातावरण गठबंधन के अनुकूल है।
राम मंदिर दान विवाद पर कांग्रेस को नसीहत
राम मंदिर दान चोरी मामले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रतिनिधिमंडल के अयोध्या दौरे पर आठवले ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही एसआईटी जाँच के आदेश दे चुकी है और कांग्रेस को राजनीति करने की बजाय लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहिए था।
राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट
आठवले ने बताया कि उन्होंने एक कार्यक्रम के सिलसिले में मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में पीपुल्स एजुकेशन सोसाइटी के ट्रस्टी एडवोकेट उज्ज्वल निकम, एडवोकेट बी.के. बर्वे और चंद्रशेखर कांबले भी उपस्थित रहे। बैठक में शैक्षिक और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। मराठी अनिवार्यता के इस निर्णय का क्रियान्वयन आने वाले शैक्षणिक सत्र में किस रूप में होगा, यह देखना अहम होगा।