फ्लिपकार्ट पार्सल में नकली सामान बदलने वाले गिरोह का भंडाफोड़, रोहतास पुलिस ने 5 गिरफ्तार किए
सारांश
मुख्य बातें
रोहतास जिले की नगर थाना पुलिस ने 14 जून 2026 को फ्लिपकार्ट के महंगे इलेक्ट्रॉनिक पार्सलों में असली उत्पाद बदलकर नकली या सस्ती वस्तुएँ रखने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया और पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। सासाराम और डेहरी की फ्लिपकार्ट टीम की सतर्कता के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई बिहार में ई-कॉमर्स डिलीवरी धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क को उजागर करती है।
कैसे हुआ खुलासा
13 जून की शाम करीब 8:30 बजे डेहरी और सासाराम की फ्लिपकार्ट टीम तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पार्सल सहित नगर थाना लेकर पहुँची। इनमें से दो व्यक्ति फ्लिपकार्ट के डिलीवरी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे, जबकि तीसरा असली उत्पादों की जगह रखी जाने वाली डुप्लीकेट वस्तुएँ तैयार करता था।
पूछताछ में तीनों ने खुलासा किया कि गिरोह का मुख्य संचालन समस्तीपुर निवासी सत्यकाम उर्फ किशु और अमर राजा करते थे। आरोप है कि दोनों ने इन्हें ₹40,000 प्रतिमाह का लालच देकर इस अवैध कारोबार में शामिल किया था।
गिरोह का तरीकावार
पुलिस के अनुसार, गिरोह डिलीवरी के दौरान महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद — जैसे कैमरा, लैपटॉप, स्मार्टवॉच — निकालकर उनकी जगह नकली या कम कीमत की वस्तुएँ रख देता था। पार्सल की बाहरी सीलिंग को बरकरार रखने के लिए गिरोह के पास प्लास्टिक सीलिंग मशीन भी मौजूद थी, जो इस ठगी की सुनियोजित प्रकृति को दर्शाती है।
गौरतलब है कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि समस्तीपुर से संचालित होकर रोहतास जिले तक अपना नेटवर्क फैलाए हुए था।
विशेष छापेमारी और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी शाखा की सहायता से एक संदिग्ध वाहन को ट्रैक किया। गया जिले के आमस थाना क्षेत्र में उस वाहन को रोककर अमर राजा और सत्यकाम चौधरी को हिरासत में लिया गया और डेहरी थाना लाया गया।
गिरफ्तार पाँचों आरोपियों की पहचान सत्यकाम उर्फ किशु, अमर राजा, चंदन कुमार, प्रदीप कुमार प्रिंस और हर्षल कुमार के रूप में हुई है। सभी समस्तीपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।
बरामद सामान
वाहन की तलाशी में पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया, जिसमें शामिल हैं — एक सोनी कैमरा, दो लैपटॉप, तीन एप्पल हेडफोन, 15 बॉडी कैमरा, छह स्मार्टवॉच, तीन गो-प्रो कैमरा, पाँच ईयरबड्स, 14 मोबाइल चार्जर व डेटा केबल, कई मोबाइल फोन, प्लास्टिक सीलिंग मशीन और दो हार्ड एयर गन।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क से जुड़े संभावित मामलों की जाँच जारी है। यह मामला ई-कॉमर्स कंपनियों की आपूर्ति श्रृंखला में भीतरी सेंधमारी की बढ़ती चुनौती को रेखांकित करता है, जहाँ डिलीवरी कर्मचारियों को ही नेटवर्क में शामिल किया जाता है।