दिल्ली में फर्जी पैकर्स एंड मूवर्स का पर्दाफाश: ₹20,000 की ठगी, गुरुग्राम से आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को लक्ष्मी नगर क्षेत्र में संचालित एक फर्जी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी के धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और गुरुग्राम, हरियाणा से अजय कुमार सिंह (आयु 26 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी पर घरेलू सामान को बंधक बनाकर अतिरिक्त रकम ऐंठने का आरोप है। पुलिस ने शिकायतकर्ता का पूरा सामान — जिसमें रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और एलसीडी टेलीविजन समेत 15 कार्टन बॉक्स शामिल थे — गुरुग्राम से बरामद कर लिया।
मामले का घटनाक्रम
लक्ष्मी नगर के घरवाली मोहल्ला निवासी कुमार विकास आनंद ने स्पेस लॉजिस्टिक्स पैकर्स एंड मूवर्स नामक कंपनी को दिल्ली से बिहार तक घरेलू सामान पहुँचाने का काम सौंपा था। कंपनी के प्रतिनिधियों ने 1 जुलाई को सामान का एक हिस्सा और 8 जुलाई को शेष सामान उठाया।
सामान उठाने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर ₹20,000 की अतिरिक्त माँग रख दी और डिलीवरी रोक ली। शिकायतकर्ता ने पहले ₹500 और फिर ₹19,500 ट्रांसफर किए — यानी कुल ₹20,000 चुकाने के बावजूद न सामान मिला, न पैसे वापस हुए।
एफआईआर और जाँच टीम
12 जुलाई को लक्ष्मी नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 3(5) के तहत ई-एफआईआर दर्ज की गई। जाँच का जिम्मा हेड कांस्टेबल मनोज खारी को सौंपा गया।
लक्ष्मी नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर रमेश प्रताप की देखरेख और प्रीत विहार की सहायक पुलिस आयुक्त नित्या राधाकृष्णन के मार्गदर्शन में हेड कांस्टेबल मनोज खारी व प्रवीण तेओतिया की एक विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी निगरानी से हुई गिरफ्तारी
जाँच दल ने अपराध में इस्तेमाल मोबाइल नंबर को तकनीकी निगरानी में रखा और इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की। कई छापे और तलाशी अभियानों के बाद खुफिया व तकनीकी विश्लेषण के आधार पर गुरुग्राम के विष्णु गार्डन निवासी अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने सामान छुपाने की जगह बताई, जिसके बाद पुलिस ने गुरुग्राम से पूरा घरेलू सामान बरामद किया। बरामद सामान में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, एलसीडी टेलीविजन, रसोई के बर्तन और अन्य घरेलू वस्तुएँ शामिल थीं।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड
आगे की जाँच में सामने आया कि अजय कुमार सिंह पूर्वी दिल्ली के शकरापुर पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 316(2) के तहत दर्ज एक अन्य आपराधिक मामले में भी वांछित था। गौरतलब है कि यह मामला फर्जी लॉजिस्टिक्स कंपनियों के बढ़ते उस चलन की ओर इशारा करता है जिसमें शिफ्टिंग के मौसम में कमज़ोर ग्राहकों को निशाना बनाया जाता है।
आगे की कार्रवाई
बरामद संपत्ति को कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जब्त कर लिया गया है। पुलिस इस फर्जी कंपनी के अन्य संभावित पीड़ितों और सह-आरोपियों की तलाश में जाँच जारी रखे हुए है। अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी को सामान सौंपने से पहले उसकी पंजीकरण स्थिति और समीक्षाओं की जाँच अवश्य करें।