10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली पुलिस ने ₹80 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में दो आरोपी दबोचे, ₹25 लाख के शेयर फ्रीज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली पुलिस ने ₹80 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में दो आरोपी दबोचे, ₹25 लाख के शेयर फ्रीज

सारांश

शेयर बाज़ार में ऊँचे रिटर्न का लालच देकर ₹80 लाख की ठगी करने वाले दो आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने दिल्ली और गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। डिजिटल मनी ट्रेल की मदद से ₹25 लाख के शेयर फ्रीज किए गए; पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 21 जून 2026 को ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में पीयूष कुमार (करोल बाग, दिल्ली) और जतिन खजोतिया (गुरुग्राम) को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने पीड़ित को शेयर बाज़ार में ऊँचे रिटर्न का झाँसा देकर ₹80 लाख की ठगी की।
पुलिस ने जाँच में ₹25 लाख के शेयर फ्रीज किए।
ठगी की रकम कई बेनिफिशियरी अकाउंट्स के ज़रिए अलग-अलग निवेश साधनों में लगाई गई थी।
आरोपियों की पूर्व आपराधिक संलिप्तता और धोखाधड़ी नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान के लिए जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस ने 21 जून 2026 को ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक पीड़ित को शेयर बाज़ार में ऊँचे रिटर्न का झाँसा देकर ₹80 लाख की ठगी की थी। जाँच के दौरान पुलिस ने अपराध से अर्जित ₹25 लाख के शेयर फ्रीज कर दिए हैं।

कौन हैं आरोपी और कहाँ से हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने वित्तीय लेन-देन की डिजिटल ट्रेलिंग के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की। करोल बाग, दिल्ली निवासी पीयूष कुमार और गुरुग्राम निवासी जतिन खजोतिया को क्रमशः उनके ठिकानों से दबोचा गया। पुलिस के अनुसार, बैंक खातों में पैसों के मूवमेंट का पता लगाने के बाद यह गिरफ्तारियाँ संभव हो सकीं।

कैसे हुई ठगी

आरोपियों ने शिकायतकर्ता का विश्वास जीतकर उसे शेयर बाज़ार से जुड़ी निवेश योजनाओं में असाधारण रूप से ऊँचे रिटर्न का वादा किया। भरोसे में आकर पीड़ित ने कई ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹80 लाख ट्रांसफर किए। न तो वादा किया गया रिटर्न मिला और न ही मूल राशि वापस आई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जाँच में क्या सामने आया

पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की जिसने बैंक खाते, वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और मोबाइल डेटा की बारीकी से जाँच की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम का एक बड़ा हिस्सा कई बेनिफिशियरी अकाउंट्स के ज़रिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया और शेयर बाज़ार के विभिन्न निवेश साधनों में लगाया गया। इसी मनी ट्रेल के आधार पर पुलिस ने अपराध से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल दिल्ली पुलिस दोनों आरोपियों की पूर्व आपराधिक संलिप्तता की पुष्टि कर रही है। जाँच टीम अन्य लाभार्थियों की पहचान, शेष ठगी राशि का पता लगाने और इस धोखाधड़ी नेटवर्क के पूरे ढाँचे का खुलासा करने में जुटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर इस तरह की ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और आम निवेशकों को अज्ञात प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹80 लाख में से केवल ₹25 लाख के शेयर ही फ्रीज हो सके — शेष राशि कहाँ गई, यह अभी भी अनुत्तरित है। जब तक पूरे नेटवर्क और सभी लाभार्थियों की पहचान नहीं होती, पीड़ित को पूरी रकम वापस मिलने की संभावना सीमित रहेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में ₹80 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी क्या है?
यह मामला एक ऐसी ठगी का है जिसमें दो आरोपियों ने पीड़ित को शेयर बाज़ार में असाधारण रिटर्न का वादा करके कई ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹80 लाख ट्रांसफर करवाए। न रिटर्न मिला और न ही मूल राशि वापस आई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहाँ से पकड़े गए?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के करोल बाग निवासी पीयूष कुमार और गुरुग्राम निवासी जतिन खजोतिया के रूप में हुई है। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और बैंक लेन-देन की जाँच के बाद उन्हें उनके ठिकानों से दबोचा।
पुलिस ने ₹25 लाख के शेयर कैसे फ्रीज किए?
जाँच टीम ने बैंक खातों, मोबाइल डेटा और डिजिटल साक्ष्यों की निगरानी से मनी ट्रेल का पता लगाया। ठगी की रकम जिन निवेश साधनों में लगाई गई थी, उन्हें चिह्नित कर पुलिस ने ₹25 लाख के शेयर फ्रीज कर दिए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
दिल्ली पुलिस अन्य लाभार्थियों की पहचान, शेष ठगी राशि की बरामदगी और धोखाधड़ी नेटवर्क के पूरे ढाँचे का खुलासा करने के लिए जाँच जारी रखे हुए है। आरोपियों की पूर्व आपराधिक संलिप्तता की भी पुष्टि की जा रही है।
ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अज्ञात प्लेटफॉर्म या व्यक्ति द्वारा दिए जाने वाले असाधारण रिटर्न के वादे पर भरोसा न करें। निवेश से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार से सलाह लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर दें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले