दिल्ली पुलिस ने ₹80 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में दो आरोपी दबोचे, ₹25 लाख के शेयर फ्रीज
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 21 जून 2026 को ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक पीड़ित को शेयर बाज़ार में ऊँचे रिटर्न का झाँसा देकर ₹80 लाख की ठगी की थी। जाँच के दौरान पुलिस ने अपराध से अर्जित ₹25 लाख के शेयर फ्रीज कर दिए हैं।
कौन हैं आरोपी और कहाँ से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने वित्तीय लेन-देन की डिजिटल ट्रेलिंग के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की। करोल बाग, दिल्ली निवासी पीयूष कुमार और गुरुग्राम निवासी जतिन खजोतिया को क्रमशः उनके ठिकानों से दबोचा गया। पुलिस के अनुसार, बैंक खातों में पैसों के मूवमेंट का पता लगाने के बाद यह गिरफ्तारियाँ संभव हो सकीं।
कैसे हुई ठगी
आरोपियों ने शिकायतकर्ता का विश्वास जीतकर उसे शेयर बाज़ार से जुड़ी निवेश योजनाओं में असाधारण रूप से ऊँचे रिटर्न का वादा किया। भरोसे में आकर पीड़ित ने कई ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹80 लाख ट्रांसफर किए। न तो वादा किया गया रिटर्न मिला और न ही मूल राशि वापस आई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जाँच में क्या सामने आया
पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की जिसने बैंक खाते, वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और मोबाइल डेटा की बारीकी से जाँच की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम का एक बड़ा हिस्सा कई बेनिफिशियरी अकाउंट्स के ज़रिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया और शेयर बाज़ार के विभिन्न निवेश साधनों में लगाया गया। इसी मनी ट्रेल के आधार पर पुलिस ने अपराध से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल दिल्ली पुलिस दोनों आरोपियों की पूर्व आपराधिक संलिप्तता की पुष्टि कर रही है। जाँच टीम अन्य लाभार्थियों की पहचान, शेष ठगी राशि का पता लगाने और इस धोखाधड़ी नेटवर्क के पूरे ढाँचे का खुलासा करने में जुटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर इस तरह की ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और आम निवेशकों को अज्ञात प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहना चाहिए।