बिहार बाढ़: 45 लाख से अधिक प्रभावित, तेजस्वी यादव ने केंद्र-राज्य सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 13 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में बिहार बाढ़ संकट को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उनका आरोप है कि राज्य में 45 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं, फिर भी दोनों सरकारें इस आपदा के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखा रहीं।
मुख्य आरोप और माँगें
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को बाढ़ राहत एवं राघोपुर में कटाव समेत कई मुद्दों पर पत्र लिखे, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला। राजद ने प्रधानमंत्री से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, विशेष पैकेज जारी करने तथा सेना, वायुसेना और हेलीकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्री पहुँचाने की माँग की थी।
तेजस्वी ने कहा, 'डबल इंजन की सरकार के दोनों इंजन में आग लगी हुई है और राज्य सरकार का खजाना खाली है।' उनका आरोप था कि अब तक केंद्र की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
गुजरात से तुलना और कथित भेदभाव
विपक्ष के नेता ने गुजरात में बाढ़ और भारी बारिश के दौरान केंद्र की सक्रियता का हवाला देते हुए बिहार के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुजरात में बारिश के बाद प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री से बात करते हैं और राहत की घोषणा होती है, जबकि बिहार में लाखों लोग प्रभावित होने के बावजूद ऐसी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार में एनडीए के 30 से अधिक सांसद और कई केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन कोई भी केंद्र से विशेष सहायता नहीं दिला पा रहा।
राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप
तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर वित्तीय अनियमितता का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, आपदा से ठीक पहले आकस्मिक निधि से करीब ₹4,000 करोड़ निकालकर सामान्य योजनाओं और पेंशन में खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा कहते थे कि सरकारी खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है, लेकिन अब यह सिद्धांत कहीं नज़र नहीं आता।
ज़मीनी स्थिति और कानून-व्यवस्था
तेजस्वी ने बताया कि कई इलाकों में अभी भी पानी भरा है, लोग बिना बिजली के रह रहे हैं और राहत व्यवस्था को लेकर शिकायतें आ रही हैं। राजद कार्यकर्ताओं ने अपनी क्षमता के अनुसार राहत सामग्री वितरित की है, परंतु उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापक राहत और बचाव कार्य सरकार की ज़िम्मेदारी है।
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी तेजस्वी ने सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि राजद के एक ज़िला उपाध्यक्ष ने हमले की आशंका को लेकर पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और कुछ दिन बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
आगे की राह
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की समस्याओं का समाधान केवल बयानबाजी से नहीं होगा — सरकार को बाढ़ पीड़ितों के लिए तत्काल राहत, पर्याप्त संसाधन और स्थायी समाधान की दिशा में काम करना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार हर वर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ की चपेट में आता है और दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण उपायों की माँग वर्षों से उठती रही है। तेजस्वी ने चेतावनी दी कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।