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बिहार में खाद्य सुरक्षा अभियान: 3 महीनों में 531 प्रतिष्ठानों की जांच, 15 पर अभियोजन

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बिहार में खाद्य सुरक्षा अभियान: 3 महीनों में 531 प्रतिष्ठानों की जांच, 15 पर अभियोजन

सारांश

बिहार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत के निर्देश पर तीन महीनों में 531 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई। पटना में बारबेक्यू नेशन और ब्लिंकिट समेत कई बड़े नाम भी जद में आए। वैशाली में 22,992 लीटर पेयजल और बिदुपुर में ₹85,280 का मिलावटी पनीर नष्ट — यह अभियान सिर्फ आंकड़ों की कवायद नहीं, जनस्वास्थ्य की जवाबदेही की परीक्षा है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्री निशांत के निर्देश पर पिछले तीन महीनों में बिहार में 531 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
2 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित और 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई हुई।
पटना में सर्वाधिक 87 प्रतिष्ठानों की जांच; 15,340 लीटर पैकेज्ड पेयजल और 3,456 किलोग्राम मिल्क केक सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त।
बारबेक्यू नेशन से 30 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त पनीर और ब्लिंकिट स्टोर से 40 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध जब्त।
वैशाली में 22,992 लीटर पैकेज्ड पेयजल और बिदुपुर में 328 किलोग्राम मिलावटी पनीर (अनुमानित मूल्य ₹85,280 ) नष्ट।
अनियमित प्रतिष्ठानों को 14 दिनों का सुधार नोटिस; निरीक्षण रिपोर्ट समर्पित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश।

बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिछले तीन महीनों में 531 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। पटना में सर्वाधिक 87 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जहाँ बड़ी मात्रा में खराब और एक्सपायरी खाद्य सामग्री जब्त की गई।

अभियान का दायरा और मुख्य घटनाक्रम

खाद्य संरक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत होटल, रेस्तरां, मिठाई की दुकानें, डेयरी, खाद्य निर्माण इकाइयाँ और पैकेज्ड पेयजल कारोबारियों की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, रसोई की स्वच्छता, वैध लाइसेंस की उपलब्धता और खाद्य संरक्षा मानकों के अनुपालन की पड़ताल की गई।

पटना के बाद रोहतास में 41, सारण में 40, गोपालगंज में 37, सीवान में 27, गया में 26 और वैशाली में 24 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

जब्त सामग्री का ब्योरा

विभागीय आंकड़ों के अनुसार पटना जिले में लगभग 15,340 लीटर पैकेज्ड पेयजल, 3,456 किलोग्राम मिल्क केक, 155 किलोग्राम गुलाब जामुन, 96 किलोग्राम रसगुल्ला और 170 किलोग्राम मिश्रित मिठाई एवं पनीर से संबंधित कार्रवाई दर्ज की गई।

21 अक्टूबर को बुद्ध मार्ग स्थित बारबेक्यू नेशन के प्रतिष्ठान से 30 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त पनीर और 4 किलोग्राम चावल जब्त कर नष्ट कराया गया, जबकि फ्रेजर रोड स्थित एक प्रतिष्ठान से 20 लीटर जला हुआ तेल जब्त किया गया। 22 अक्टूबर को ब्लिंकिट स्टोर से 40 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध और एसके नगर के एक स्टोर से एक्सपायरी घी, आटा, मसाले तथा मैदा जब्त कर नष्ट कराया गया।

पेयजल इकाइयों पर विशेष कार्रवाई

संपतचक, गौरीचक और आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित पैकेज्ड पेयजल इकाइयों की भी जांच की गई। महादेव इंटरप्राइजेज और त्रिवेणी नीर सहित कई इकाइयों में अनियमितताएं मिलने पर पेयजल जब्त किया गया। कुछ इकाइयों में बिना लाइसेंस पैकेजिंग और विभिन्न ब्रांडों के लेबल के उपयोग से जुड़ी गड़बड़ियाँ पाई गईं। संबंधित नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

वैशाली जिले में बिना वैध लाइसेंस संचालित इकाइयों से 22,992 लीटर पैकेज्ड पेयजल जब्त किया गया। बिदुपुर में 328 किलोग्राम मिलावटी पनीर नष्ट कराया गया, जिसका अनुमानित मूल्य ₹85,280 बताया गया। मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण और समस्तीपुर में भी खराब पनीर, एक्सपायरी दूध तथा मिठाई पर कार्रवाई की गई।

होटल-रेस्तरां में मिलीं खामियाँ

होटल और रेस्तरां के निरीक्षण में रसोई की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के भंडारण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र से जुड़ी कमियाँ उजागर हुईं। कुछ प्रतिष्ठानों में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे गए पाए गए, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।

अनियमितता पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों को कमियाँ दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया है।

आगे की कार्रवाई और निगरानी तंत्र

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निरीक्षण एवं छापेमारी की रिपोर्ट एक समर्पित पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है और खाद्य संरक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर जांच व्यवस्था और मजबूत की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में पंजीकृत खाद्य प्रतिष्ठानों की कुल संख्या के मुकाबले यह अनुपात बेहद छोटा है। गौरतलब है कि बारबेक्यू नेशन और ब्लिंकिट जैसे ब्रांडेड नाम भी इस जांच में उजागर हुए — यह संकेत देता है कि मिलावट और अनियमितता केवल असंगठित क्षेत्र की समस्या नहीं है। असली सवाल यह है कि 14 दिन के सुधार नोटिस के बाद अनुपालन की निगरानी कैसे होगी, और क्या पोर्टल-आधारित रिपोर्टिंग केवल कागजी पारदर्शिता बनकर रह जाएगी। जब तक अभियोजन दर और दोषसिद्धि दर सार्वजनिक नहीं होती, यह अभियान जनस्वास्थ्य की जवाबदेही से ज़्यादा राजनीतिक दिखावे का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में खाद्य सुरक्षा अभियान में कितने प्रतिष्ठानों की जांच हुई?
पिछले तीन महीनों में बिहार में कुल 531 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें होटल, रेस्तरां, मिठाई की दुकानें, डेयरी और पैकेज्ड पेयजल इकाइयाँ शामिल हैं। पटना में सर्वाधिक 87 प्रतिष्ठानों की जांच हुई।
किन प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई हुई?
21 अक्टूबर को पटना के बुद्ध मार्ग स्थित बारबेक्यू नेशन से 30 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त पनीर जब्त किया गया। 22 अक्टूबर को ब्लिंकिट स्टोर से 40 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध और एसके नगर के एक स्टोर से एक्सपायरी घी, आटा व मसाले जब्त किए गए। महादेव इंटरप्राइजेज और त्रिवेणी नीर जैसी पेयजल इकाइयों पर भी कार्रवाई हुई।
अनियमित प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए?
2 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है। अनियमितता वाले प्रतिष्ठानों को 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया है।
वैशाली और बिदुपुर में क्या पाया गया?
वैशाली में बिना वैध लाइसेंस संचालित इकाइयों से 22,992 लीटर पैकेज्ड पेयजल जब्त किया गया। बिदुपुर में 328 किलोग्राम मिलावटी पनीर नष्ट कराया गया, जिसका अनुमानित मूल्य ₹85,280 था।
खाद्य सुरक्षा अभियान आगे कैसे जारी रहेगा?
विभाग ने अधिकारियों को निरीक्षण रिपोर्ट एक समर्पित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं और खाद्य संरक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने स्पष्ट किया है कि मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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