बिहार खाद्य सुरक्षा कार्रवाई: हाजीपुर के साहू होटल का लाइसेंस निलंबित, पटना में KFC-बार्बेक्यू नेशन-पिज्जा हट को 14 दिन का नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने 22 अक्टूबर 2026 को हाजीपुर के मेसर्स साहू होटल का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जब दाल तड़का में कॉकरोच मिलने की शिकायत की जाँच में किचन में गंदगी और खुले में खाद्य पदार्थ रखने की गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। इसी अभियान के तहत पटना में KFC, बार्बेक्यू नेशन और पिज्जा हट सहित कई बड़े आउटलेट्स में स्वच्छता और भंडारण संबंधी खामियाँ पाए जाने पर उन्हें 14 दिन के भीतर सुधार करने का नोटिस दिया गया है।
हाजीपुर: शिकायत से लाइसेंस निलंबन तक
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजेंद्र चौक, हाजीपुर स्थित साहू होटल के तड़का में कॉकरोच मिलने की शिकायत खाद्य संरक्षा आयुक्त कार्यालय को मिली थी। इस पर 21 अक्टूबर को वैशाली जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जाँच में किचन की स्थिति असंतोषजनक पाई गई और तैयार खाद्य पदार्थों को खुले, अस्वच्छ स्थान पर रखा हुआ मिला।
इन अनियमितताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन मानते हुए लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने 22 अक्टूबर से होटल का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही बिना वैध लाइसेंस के प्रतिष्ठान संचालन पर भी पूर्ण रोक लगा दी गई है।
पटना में बड़े ब्रांड्स के आउटलेट्स पर कार्रवाई
21 अक्टूबर को पटना के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कई चेन रेस्तरां में गंभीर खामियाँ पाईं। केपी मॉल स्थित बार्बेक्यू नेशन आउटलेट से 30 किलोग्राम दुर्गंध वाला पनीर और 4 किलोग्राम चावल जब्त कर नष्ट कराया गया। वॉश एरिया में भंडारण के कारण 15 किलोग्राम पैक्ड चिकन के उपयोग पर रोक लगाई गई।
वन मॉल स्थित बार्बेक्यू नेशन के आउटलेट में ब्रेड पैकेट में कीड़े मिले और जले हुए तेल को जब्त कर नष्ट कराया गया। बोरिंग कैनाल रोड स्थित KFC आउटलेट में 835 औद्योगिक उपयोग के PET गिलासों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया। अनीसाबाद स्थित पिज्जा हट में गंदी टाइल्स और शौचालय की खराब स्वच्छता की स्थिति दर्ज की गई।
अभियान की पृष्ठभूमि और अधिकारियों का रुख
यह अभियान खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि त्योहारों के मौसम में खान-पान की माँग बढ़ने के साथ खाद्य सुरक्षा उल्लंघन का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए विभाग ने निरीक्षण की गति तेज की है। विभिन्न आउटलेट्स में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने तथा भंडारण एवं किचन स्वच्छता में कमी जैसी अनियमितताएँ भी सामने आई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य पदार्थों के नमूने जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर और आगे क्या
खाद्य सुरक्षा नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना है। 14 दिन के नोटिस अवधि में यदि संबंधित प्रतिष्ठान खामियाँ दूर नहीं करते, तो उनके लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को त्योहारी सीजन में सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।