बिहार कैबिनेट विस्तार: तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के पुत्र सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 मई को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस विस्तारित मंत्रिमंडल में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की स्पष्ट कोशिश दिखती है।
तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के पुत्रों को मिली जगह
इस मंत्रिमंडल की सबसे चर्चित विशेषता यह है कि बिहार के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के पुत्रों को एक साथ कैबिनेट में स्थान दिया गया है। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को पहली बार मंत्री पद मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है — सुमन इससे पहले नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में भी रह चुके हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नीतीश मिश्रा को भी कैबिनेट में जगह दी गई है।
नीतीश मिश्रा की वापसी
नीतीश मिश्रा बिहार सरकार में पहले भी मंत्री रह चुके हैं, हालांकि पिछली सरकार में उन्हें मंत्री पद नहीं दिया गया था। इस बार उनकी वापसी को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में अपना जनाधार और गठबंधन को और मज़बूत करने में जुटी है।
शपथ समारोह में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
गांधी मैदान में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, BJP के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े तथा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इस मौजूदगी ने समारोह को राष्ट्रीय महत्व का आयोजन बना दिया।
सम्राट चौधरी सरकार का राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि पिछले महीने नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बिहार में BJP के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी और सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ JDU के बिजेन्द्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उप मुख्यमंत्री बने। बिहार NDA में BJP और JDU के अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा भी शामिल हैं।
आगे क्या
नए मंत्रियों के विभागों के बँटवारे का इंतज़ार अभी बाकी है, जो आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। यह मंत्रिमंडल विस्तार बिहार NDA की आंतरिक राजनीति और 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारी दोनों की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।