'कॉकरोच जनता पार्टी' ट्रेंड पर बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल का तीखा हमला, बेरोजगार युवाओं को बताया दिशाहीन
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' ऑनलाइन अभियान पर कड़ा प्रहार किया है। 23 मई 2026 को कटिहार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस ट्रेंड से जुड़े लोगों को दिशाहीन करार देते हुए कहा कि वे समाज के लिए कोई सकारात्मक योगदान नहीं दे रहे। उनके विवादित बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' ट्रेंड
यह ऑनलाइन अभियान 15 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में हुई एक सुनवाई के बाद सामने आया। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की थी कि कुछ बेरोजगार युवा, जो पेशेवर रूप से खुद को स्थापित नहीं कर पाते, वे कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं। इस टिप्पणी की व्यापक आलोचना हुई, जिसके बाद जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उनकी बात को गलत तरीके से समझा गया।
इसके अगले दिन अभिजीत डिपके नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने एक्स प्लेटफॉर्म पर कथित 'कॉकरोच जनता पार्टी' के लिए गूगल फॉर्म शेयर कर लोगों से रजिस्ट्रेशन की अपील की। शुरुआत में यह एक इंटरनेट मजाक और व्यंग्य था, लेकिन धीरे-धीरे यह बेरोजगारी, राजनीति और व्यवस्था के प्रति जनता की नाराजगी का बड़ा प्रतीक बन गया।
मंत्री जायसवाल का बयान और विवाद
मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपने बयान में विवादित भाषा का प्रयोग करते हुए इस अभियान से जुड़े लोगों की तुलना 'कॉकरोच' और 'चूहों' से की। उन्होंने दावा किया कि कुछ बेरोजगार युवा इस तरह की गतिविधियों के ज़रिए देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र इतना मज़बूत है कि इस तरह के ट्रेंड या अभियान उसे कमज़ोर नहीं कर सकते।
गौरतलब है कि मंत्री की यह भाषा उसी शब्दावली को दोहराती है जिसके विरोध में यह पूरा ऑनलाइन आंदोलन खड़ा हुआ था — जिससे आलोचकों ने इसे विरोधाभासी और असंवेदनशील बताया है।
गोहत्या पर भी दिया बयान
इसी दौरान जायसवाल ने पश्चिम बंगाल में ईद-उल-अजहा के अवसर पर गोहत्या पर सख्त रोक लगाने की माँग को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गाय का विशेष धार्मिक महत्व है और वे गोसंरक्षण के पक्षधर हैं। इस बयान ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
मंत्री के दोनों बयानों के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज हो गया है। आलोचकों का कहना है कि बेरोजगार युवाओं को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना उनकी वास्तविक समस्याओं को नज़रअंदाज़ करना है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा बेरोजगारी एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।
आगे क्या
'कॉकरोच जनता पार्टी' ट्रेंड अब महज़ एक इंटरनेट मजाक से आगे निकलकर बेरोजगारी और व्यवस्था के प्रति युवा असंतोष की व्यापक बहस का हिस्सा बन चुका है। मंत्री जायसवाल के बयान ने इस बहस को और तेज़ कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ जारी रहने की संभावना है।