तेजस्वी यादव के ₹10,000 रिश्वत वाले बयान पर दिलीप जायसवाल का पलटवार, BJP ने साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 29 जून 2026 को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें तेजस्वी ने चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में ₹10,000 भेजे जाने को रिश्वत करार दिया था। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया था कि यह राशि अब श्मशान घाटों के ज़रिये वसूली जाएगी — एक बयान जिसने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी।
जायसवाल का सीधा जवाब
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि कुछ नेता 'बिना सोचे-समझे बयान देने के आदी हो गए हैं।' उन्होंने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे नेता मुद्दाविहीन हैं और विकास की चर्चा करने के बजाय अनर्गल बयानबाजी करते हैं। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार गरीबों के कल्याण और विकास कार्यों पर केंद्रित है, इसलिए इस तरह के बयान अनुचित हैं।
कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को नसीहत
कानून व्यवस्था पर उठाए गए सवालों के जवाब में जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव को 'कानून' और 'व्यवस्था' के बीच का अंतर समझने की ज़रूरत है। उनके अनुसार, विपक्षी नेता इन दोनों विषयों को जानबूझकर मिलाकर भ्रम फैलाते हैं, जिससे उनकी समझ पर ही सवाल खड़े होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
मन की बात और स्थानीय उत्पादों की अपील
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोना न खरीदने और ईंधन के समझदारी से उपयोग को लेकर प्रधानमंत्री की अपील का देशभर में सकारात्मक असर दिख रहा है। जायसवाल के अनुसार, नागरिकों ने विदेशी उत्पादों की खरीद में कमी कर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देना शुरू किया है और सोना-चाँदी की खपत में भी बदलाव देखा जा रहा है।
यूसीसी और राज्यों के अधिकार
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की चर्चा पर जायसवाल ने कहा कि प्रत्येक राज्य सरकार को अपने स्तर पर कानून बनाने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकारें इस दिशा में स्वतंत्र निर्णय ले सकती हैं।
राहुल गांधी पर टिप्पणी
दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'गुमशुदा' पोस्टर लगाए जाने के मामले पर जायसवाल ने कहा, 'राहुल गांधी वैसे भी हास्यास्पद हैं। राहुल गांधी के बारे में लोग हास्यास्पद ही सोचा करते हैं, इसीलिए इस तरह के पोस्टर लगे होंगे।' गौरतलब है कि ऐसे पोस्टर अभियान अक्सर राजनीतिक विरोध की रणनीति के तहत चलाए जाते हैं और इस बार भी इसने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।