पितृपक्ष मेला 2026: गयाजी में 'पेंट द सिटी' से सज रहे घाट, डीएम शशांक शुभंकर ने किया सड़क-नाली निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
गयाजी के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने मंगलवार, 1 सितंबर को नादरगंज, रामसागर और चांद चौरा तक पैदल भ्रमण कर मेला क्षेत्र की सड़कों, नालियों और जल निकासी व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला इस वर्ष 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
जिला प्रशासन ने मेले से पूर्व गयाजी शहर को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की दिशा में तैयारियाँ तेज कर दी हैं। सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, सड़क मरम्मत और जल निकासी — चारों मोर्चों पर एक साथ काम चल रहा है। निरीक्षण के दौरान समाहरणालय के निकट जिला स्कूल के पास सड़क पर बिखरे पत्थरों को तत्काल हटाने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया गया।
'पेंट द सिटी' अभियान: घाटों पर उकेरी जा रही सनातन संस्कृति
श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जिला प्रशासन की ओर से 'पेंट द सिटी' अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत फल्गू नदी के प्रमुख घाटों, मेला क्षेत्र की दीवारों, वेदी स्थलों और संपर्क मार्गों को आकर्षक भित्ति चित्रों से सजाया जा रहा है।
देवघाट, विष्णुपद मंदिर क्षेत्र, सीताकुंड और गदाधर घाट सहित प्रमुख स्थलों की दीवारों पर पितृपक्ष का महत्व, भगवान विष्णु के चरण, गया तीर्थ का इतिहास और रामायण के प्रसंग चित्रित किए जा रहे हैं। मधुबनी और मंजूषा जैसी पारंपरिक बिहारी लोक कलाओं का भी उपयोग किया जा रहा है।
कलाकृतियों के माध्यम से 'स्वच्छ गया-स्वस्थ गया', सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध और जल संरक्षण के संदेश भी प्रसारित किए जा रहे हैं।
डीएम के निर्देश: पाँच दिन में गड्ढे भरें, नाले चार दिन में साफ
डीएम शशांक शुभंकर ने नगर आयुक्त और बुडको के अभियंताओं को मेला क्षेत्र में अनावश्यक सड़क खुदाई से बचने का निर्देश दिया। पहले से खोदे गए गड्ढों को पाँच दिनों के भीतर समतल करने का आदेश दिया गया।
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को समाहरणालय से नादरगंज होते हुए रामसागर तक सड़क के दोनों ओर समतलीकरण और आवश्यकतानुसार कालीकरण कराने को कहा गया। रामसागर सूर्य मंदिर के पास जमा बारिश के पानी की निकासी और नादरगंज नाले की जेसीबी व सुपर सक्शन मशीन से चार दिनों के भीतर सफाई का निर्देश भी दिया गया।
चांद चौरा स्थित सुधा पार्लर के पास निर्माणाधीन नाली का कार्य 10 सितंबर तक पूर्ण कराने को कहा गया। डीएम ने सभी विभागों को स्पष्ट किया कि मेला शुरू होने से पहले सड़क, नाली, जल निकासी और सफाई सहित सभी मूलभूत सुविधाएँ पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए।
निरीक्षण में कौन-कौन रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, वरीय उप समाहर्ता अंकुर कुमार, बुडको और पथ निर्माण विभाग के अभियंता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, उप नगर आयुक्त, नगर निगम के अभियंता, सफाई प्रभारी, विष्णुपद मंदिर के पुरोहित, स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
आगे क्या होगा
प्रशासन का लक्ष्य है कि 25 सितंबर से मेला शुरू होने से पहले समस्त व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद हों, ताकि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को स्वच्छ, सुंदर और भक्तिमय वातावरण मिल सके। गयाजी में पितृपक्ष मेला हर वर्ष पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने वाले श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा जमावड़ा होता है, और इस बार प्रशासन की तैयारी पहले से अधिक व्यापक दिख रही है।