28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रैफिक जाम से परेशान भुवनेश्वर: बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने CM माझी को लिखा पत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रैफिक जाम से परेशान भुवनेश्वर: बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने CM माझी को लिखा पत्र

सारांश

बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने भुवनेश्वर में बेतरतीब सड़क मरम्मत से उत्पन्न ट्रैफिक अव्यवस्था पर CM माझी को पत्र लिखा। उन्होंने BMC, BDA और पुलिस के बीच समन्वय, पीक आवर्स में निर्माण पर रोक और उचित डायवर्जन की मांग की।

मुख्य बातें

बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने 24 अप्रैल 2025 को CM मोहन चरण माझी को ट्रैफिक अव्यवस्था पर पत्र लिखा।
भुवनेश्वर में एक साथ कई मुख्य सड़कों पर निर्माण कार्य चलने से पीक आवर्स में भारी जाम लग रहा है।
विभागों के बीच समन्वय की कमी और वैकल्पिक मार्गों का अभाव मुख्य समस्याएं बताई गई हैं।
BMC कमिश्नर , BDA उपाध्यक्ष और कमिश्नरेट पुलिस कमिश्नर को तत्काल निर्देश देने की मांग की गई।
आपातकालीन सेवाएं , स्कूली परिवहन और आम नागरिक इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
पात्रा ने पीक आवर्स में निर्माण कार्य सीमित करने और पूर्व-नियोजित ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का सुझाव दिया।

भुवनेश्वर, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर भुवनेश्वर में बिना किसी ठोस योजना के चल रहे सड़क मरम्मत और खुदाई कार्यों के कारण उत्पन्न हो रही गंभीर ट्रैफिक अव्यवस्था का मुद्दा उठाया है। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय की कमी को इस संकट की जड़ बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

सस्मित पात्रा ने अपने पत्र में लिखा कि शहरी विकास के नाम पर भुवनेश्वर भर में एक साथ बड़े पैमाने पर सड़क कटाई, खुदाई, मरम्मत और ट्रैफिक डायवर्जन का काम चल रहा है। उनका कहना है कि यह पहल शहर की प्रगति के लिए जरूरी तो है, लेकिन इसे जिस तरीके से अंजाम दिया जा रहा है, वह दर्शाता है कि संबंधित विभागों के बीच समन्वित योजना का सर्वथा अभाव है।

सांसद ने बताया कि मुख्य सड़कों और अहम चौराहों पर एक ही समय में निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं, जबकि यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ने की कोई सुनियोजित रणनीति नहीं बनाई गई। इसके परिणामस्वरूप पीक आवर्स यानी भीड़भाड़ वाले समय में भारी जाम लग रहा है और नागरिकों को रोजाना असहनीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किन समस्याओं की ओर खींचा ध्यान?

सस्मित पात्रा ने पत्र में कई गंभीर खामियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से चिह्नित वैकल्पिक मार्गों का अभाव है और यातायात कर्मियों की तैनाती बेहद अपर्याप्त है। इसके अलावा नागरिक एजेंसियों और यातायात अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल की घोर कमी है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अधिक यातायात वाले समय में भी निर्माण कार्य जारी रहता है, जिससे कार्यालय जाने वाले, स्कूली परिवहन, आपातकालीन सेवाएं और आम जनता — सभी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। एम्बुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं की समय पर पहुंच में बाधा विशेष रूप से चिंताजनक है।

CM माझी से की गई मांगें

सस्मित पात्रा ने मुख्यमंत्री माझी से आग्रह किया कि वे भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) के कमिश्नर, भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण (BDA) के उपाध्यक्ष और भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस के कमिश्नर को तत्काल सुधार के लिए निर्देशित करें। उन्होंने स्पष्ट सुझाव भी दिए।

पात्रा के सुझावों में शामिल हैं — निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व ट्रैफिक डायवर्जन की सुनियोजित रणनीति तैयार करना, पीक ट्रैफिक आवर्स के दौरान बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगाना, पर्याप्त सिग्नल, बैरिकेडिंग और सार्वजनिक सूचना प्रणाली सुनिश्चित करना तथा सभी कार्यकारी एवं निगरानी एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना।

आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि भुवनेश्वर ओडिशा की राजधानी होने के साथ-साथ एक तेजी से बढ़ता हुआ स्मार्ट सिटी है, जहां हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे के कई बड़े प्रोजेक्ट एक साथ चल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब एकाधिक एजेंसियां बिना केंद्रीय समन्वय के काम करती हैं, तो नागरिकों को दोहरी मार पड़ती है — विकास की असुविधा भी और विलंब भी।

यह पत्र ऐसे समय में आया है जब ओडिशा सरकार शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दे रही है। बीजद विपक्ष में होने के बावजूद इस मुद्दे पर रचनात्मक सुझाव देकर जनता की आवाज उठाने की कोशिश कर रही है, जो राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री माझी इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या संबंधित विभाग मिलकर कोई ठोस कार्ययोजना बनाते हैं। भुवनेश्वर के नागरिकों को उम्मीद है कि इस पत्र के बाद प्रशासन तत्परता दिखाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ओडिशा के शहरी प्रशासन की उस बड़ी विफलता को उजागर करता है जहां विकास की रफ्तार और नागरिक सुविधा के बीच तालमेल का अभाव है। विडंबना यह है कि भुवनेश्वर को 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन सड़क खुदाई जैसे बुनियादी कामों में भी समन्वय नहीं है। विपक्षी दल का रचनात्मक सुझाव देना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली परीक्षा सरकार की प्रतिक्रिया से होगी — क्या यह पत्र फाइलों में दब जाएगा या नागरिकों को राहत मिलेगी?
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सस्मित पात्रा ने CM माझी को पत्र क्यों लिखा?
बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने भुवनेश्वर में बेतरतीब सड़क मरम्मत और खुदाई कार्यों के कारण हो रही गंभीर ट्रैफिक अव्यवस्था के समाधान के लिए CM मोहन चरण माझी को पत्र लिखा। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय की कमी को मुख्य समस्या बताया।
भुवनेश्वर में ट्रैफिक जाम की असली वजह क्या है?
भुवनेश्वर में एक साथ कई मुख्य सड़कों और चौराहों पर निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं, जबकि यातायात मोड़ने की कोई सुनियोजित रणनीति नहीं है। नागरिक एजेंसियों और यातायात अधिकारियों के बीच समन्वय का अभाव स्थिति को और बिगाड़ रहा है।
सस्मित पात्रा ने ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए क्या सुझाव दिए?
उन्होंने सुझाव दिया कि काम शुरू करने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन योजना बनाई जाए, पीक आवर्स में बड़े निर्माण कार्य सीमित किए जाएं और BMC , BDA व पुलिस के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
इस ट्रैफिक अव्यवस्था से कौन-कौन प्रभावित हो रहे हैं?
भुवनेश्वर में ट्रैफिक जाम से कार्यालय जाने वाले , स्कूली बच्चे , आपातकालीन सेवाएं (एम्बुलेंस, दमकल) और आम नागरिक सभी प्रभावित हैं। पीक आवर्स में स्थिति सबसे ज्यादा खराब होती है।
बीजद सांसद सस्मित पात्रा कौन हैं?
सस्मित पात्रा बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता और सांसद हैं, जो ओडिशा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर सरकार के सामने आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले