20 अगस्त 2026
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पंजाब शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का आरोप: भाजपा सात साल पुराना वीडियो फैला रही है सरकारी स्कूलों के खिलाफ

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पंजाब शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का आरोप: भाजपा सात साल पुराना वीडियो फैला रही है सरकारी स्कूलों के खिलाफ

सारांश

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने BJP पर सात साल पुराना वीडियो मौजूदा स्थिति बताकर फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने खुद फतेहगढ़ साहिब के जल्ला स्कूल का दौरा किया और PGI 2.0 में प्रथम स्थान, NEET 2026 में 882 सफल छात्रों के आँकड़े पेश किए।

मुख्य बातें

शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने 20 अगस्त 2026 को BJP पर सात साल पुराना वीडियो पंजाब के सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति बताकर फैलाने का आरोप लगाया।
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और सांसद हरभजन सिंह ने कथित तौर पर वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
फतेहगढ़ साहिब के जल्ला सरकारी स्कूल में अब स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, वाई-फाई, स्वच्छ पेयजल और सैनिटरी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
पंजाब ने PGI 2.0 और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने UG-NEET 2026 सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।
नीति आयोग सर्वेक्षण में पटियाला (पंजाब में 23वाँ) ने BJP-शासित हरियाणा के गुरुग्राम से बेहतर अंक हासिल किए।

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने 20 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के नेता एक सात साल पुराने वीडियो को पंजाब के सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह जानबूझकर किया गया भ्रामक प्रचार है, जिसका उद्देश्य पंजाब की छवि को नुकसान पहुँचाना और जनता को गुमराह करना है।

विवाद की जड़: कौन सा वीडियो, किसने फैलाया

बैंस के अनुसार, यह वीडियो सबसे पहले BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इंटरनेट पर साझा किया, जिसे बाद में सांसद हरभजन सिंह ने पुनः पोस्ट किया। वीडियो में फतेहगढ़ साहिब जिले के जल्ला सरकारी स्कूल को दयनीय हालत में दिखाया गया था। मंत्री ने कहा कि इस वीडियो को देखने के बाद उन्होंने केवल आधिकारिक रिपोर्टों पर निर्भर न रहकर स्वयं उस स्कूल का दौरा किया।

ज़मीनी हकीकत: स्कूल का व्यक्तिगत निरीक्षण

बैंस ने बताया कि जल्ला सरकारी स्कूल में अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। स्कूल में स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, चालू शौचालय, सैनिटरी पैड भस्मक, स्वच्छ पेयजल और वाई-फाई जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जो तस्वीर वीडियो में दिखाई गई, वह वर्तमान वास्तविकता से कोसों दूर है।

राष्ट्रीय रैंकिंग और शिक्षा प्रदर्शन के आँकड़े

मंत्री ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में कई राष्ट्रीय आकलनों का हवाला दिया। उनके अनुसार, पंजाब ने परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मई 2026 में जारी नीति आयोग की रिपोर्ट में कक्षा में सीखने के परिणामों के मामले में पंजाब को देश में पहला स्थान दिया गया है। इसके अलावा, 'परख' राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में भी पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य घोषित किया गया।

उन्होंने एक उल्लेखनीय तुलना प्रस्तुत करते हुए कहा कि नीति आयोग के सर्वेक्षण में पटियाला — जो पंजाब में 23वें स्थान पर है — ने भी BJP-शासित हरियाणा के शीर्ष जिले गुरुग्राम से बेहतर अंक हासिल किए। इसके साथ ही, पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने UG-NEET 2026 परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और बैंस का पक्ष

बैंस ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन पंजाब और उसके स्कूलों को जानबूझकर बदनाम करने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'मुद्दा हरजोत बैंस नहीं है। आप मेरी जितनी चाहें उतनी आलोचना कर सकते हैं। मुद्दा पंजाब है। हम पंजाब को बदनाम करने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।'

उन्होंने कहा कि पंजाब 'उड़ता पंजाब' की पुरानी छवि से निकलकर 'पर्दा पंजाब' की ओर बढ़ चुका है — एक ऐसा राज्य जो अपनी उपलब्धियाँ सामने रख रहा है।

आगे क्या

इस विवाद ने पंजाब में शिक्षा नीति को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और BJP के बीच राजनीतिक तनाव को फिर से तेज कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय के परियोजना अनुमोदन बोर्ड ने भी स्कूल के बुनियादी ढाँचे और सीखने के परिणामों के क्षेत्र में पंजाब के कार्यों की सराहना की है। यह देखना होगा कि BJP इन दावों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है और क्या वीडियो की प्रामाणिकता पर कोई स्वतंत्र जाँच होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नीति आयोग रिपोर्ट और NEET के आँकड़े केंद्र सरकार के अपने मूल्यांकन हैं, जिन्हें नकारना BJP के लिए आसान नहीं। लेकिन असली सवाल यह है कि वीडियो वाकई सात साल पुराना है या नहीं — इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, और बिना उसके यह 'आरोप बनाम आरोप' की राजनीति बनी रहेगी। पंजाब में शिक्षा सुधार की कहानी वास्तविक है, पर उसे भी चुनावी प्रचार के रूप में पेश करने की AAP की आदत इस बहस की विश्वसनीयता को कमज़ोर करती है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरजोत बैंस ने BJP पर क्या आरोप लगाया है?
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने आरोप लगाया है कि BJP नेता एक सात साल पुराने वीडियो को पंजाब के सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह जानबूझकर किया गया भ्रामक प्रचार है।
जल्ला सरकारी स्कूल में अब क्या सुविधाएँ हैं?
फतेहगढ़ साहिब के जल्ला सरकारी स्कूल में अब स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, चालू शौचालय, सैनिटरी पैड भस्मक, स्वच्छ पेयजल और वाई-फाई उपलब्ध हैं। शिक्षा मंत्री बैंस ने स्वयं स्कूल का दौरा कर इन सुविधाओं की पुष्टि की।
पंजाब के सरकारी स्कूलों की राष्ट्रीय रैंकिंग क्या है?
पंजाब ने परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नीति आयोग की मई 2026 की रिपोर्ट और 'परख' राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में भी पंजाब को कक्षा में सीखने के परिणामों में देश में पहला स्थान मिला है।
UG-NEET 2026 में पंजाब के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन कैसा रहा?
पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने UG-NEET 2026 परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है। शिक्षा मंत्री बैंस ने इसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों का प्रमाण बताया।
इस विवाद में BJP की ओर से वीडियो किसने साझा किया?
बैंस के अनुसार, यह वीडियो BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पहले इंटरनेट पर साझा किया, जिसे बाद में सांसद हरभजन सिंह ने पुनः पोस्ट किया। BJP की ओर से इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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