पंजाब शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का BJP पर हमला: 2018 का पुराना वीडियो स्कूलों को बदनाम करने के लिए वायरल किया
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 20 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं ने वर्ष 2018 के एक पुराने वीडियो को पंजाब के सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति बताकर सोशल मीडिया पर फैलाया। बैंस ने इस मामले को लेकर खुद बिना किसी पूर्व सूचना के संबंधित स्कूल का औचक निरीक्षण किया और पाया कि वर्तमान स्थिति वायरल वीडियो से बिल्कुल अलग है।
मुख्य घटनाक्रम
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद हरभजन सिंह सहित दो नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें पंजाब के एक सरकारी स्कूल के वॉशरूम की बदहाल स्थिति दिखाई गई थी। बैंस ने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें भी यह नहीं पता था कि वीडियो पुराना है और इसे देखकर वे स्वयं चिंतित हो उठे। बाद में फैक्ट-चेक के माध्यम से यह सामने आया कि वीडियो 2018 का है — यानी आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार बनने से पहले का।
गौरतलब है कि वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के करीब दो दिन बाद ही फैक्ट-चेक रिपोर्ट सामने आई। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सूचित किए बिना सीधे स्कूल पहुँचकर जमीनी हकीकत जाँची।
औचक निरीक्षण में क्या मिला
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने निरीक्षण के दौरान पाया कि स्कूल के वॉशरूम साफ-सुथरे और चालू हालत में हैं। स्कूल में पीने का साफ पानी, वाई-फाई और आधुनिक शिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्कूल में दो इंटरएक्टिव पैनल, स्मार्ट बोर्ड और तीन प्रोजेक्टर भी लगाए गए हैं। छात्राओं की सुविधा के लिए सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन भी स्थापित की गई है, जो निरीक्षण के दौरान सक्रिय पाई गई।
बैंस ने स्कूल परिसर से खुद एक वीडियो शूट किया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ताकि 2018 के पुराने वीडियो और वर्तमान स्थिति के बीच का अंतर स्पष्ट हो सके।
सरकार की प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री ने कहा, 'हमारी सरकार की नीति किसी भी कमी को छिपाने की नहीं, बल्कि उसे ठीक करने की है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के करीब 20,000 सरकारी स्कूलों में बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं और यदि किसी स्कूल में अभी भी कोई कमी है, तो सरकार उसे दूर करने के लिए तैयार है। उन्होंने पंजाब सरकार का दृष्टिकोण 'लेट्स फिक्स इट' — यानी जहाँ कमी हो, वहाँ सुधार करो — के रूप में रेखांकित किया।
बैंस ने नीति आयोग, नैक और पीजीआई जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में पंजाब का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नीति आयोग के अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, ऐसे में राष्ट्रीय रिपोर्टों में पंजाब की उपलब्धियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
युवाओं और 'वन डे, वन यूनिवर्सिटी' पहल पर बैंस की टिप्पणी
केंद्र सरकार की 'वन डे, वन यूनिवर्सिटी' पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए बैंस ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी (जेनज़ी) झूठे प्रचार और लगातार फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा से परेशान है। उनके अनुसार युवाओं को केवल दावे और विज्ञापन नहीं, बल्कि जमीन पर वास्तविक बदलाव चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें और राजनीतिक दल असली मुद्दों पर काम करें, तो युवा स्वाभाविक रूप से उनसे जुड़ेंगे।
आगे क्या
शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि पंजाब में सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। किसी भी स्कूल में यदि कोई कमी सरकार के संज्ञान में आती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद पंजाब में BJP और AAP के बीच शिक्षा नीति को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक जंग का हिस्सा है, जो आने वाले चुनावी मौसम में और तेज हो सकती है।