हरजोत सिंह बैंस का BJP पर पलटवार: 2018 का पुराना वीडियो फर्जी प्रचार, पंजाब के स्कूल नीति आयोग में नंबर 1
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 20 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया गया पंजाब के सरकारी स्कूल के शौचालयों का वीडियो वर्ष 2018 का पुराना क्लिप है, जिसे भ्रामक तरीके से वर्तमान स्थिति के रूप में प्रस्तुत किया गया। बैंस ने स्पष्ट किया कि फैक्ट-चेकिंग में यह वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध पुराने फुटेज के रूप में सामने आया है।
मंत्री का औचक निरीक्षण और ज़मीनी हकीकत
वीडियो सामने आने के बाद बैंस ने बिना किसी पूर्व सूचना के संबंधित स्कूल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वीडियो देखकर वे स्तब्ध रह गए और यह जानना चाहते थे कि यदि स्थिति सच में इतनी खराब होती तो सरकार तक सूचना क्यों नहीं पहुँची और इसके लिए कौन जिम्मेदार होता।
निरीक्षण में बैंस के अनुसार स्कूल में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं मिली। शौचालय सुचारू रूप से काम कर रहे थे, स्वच्छ पेयजल, वाई-फाई, साफ-सफाई, सैनिटरी पैड और डिस्पोजल मशीन — सभी कार्यशील पाई गईं। इस दौरान स्कूल के वर्तमान वीडियो भी बनाए गए।
नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला
बैंस ने हरभजन सिंह को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट — जो केंद्र की BJP सरकार के अधीन संस्था द्वारा जारी की गई है — में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में पहले स्थान पर है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि हरियाणा का शीर्ष प्रदर्शन करने वाला जिला गुरुग्राम, पंजाब के निम्न प्रदर्शन वाले जिले पटियाला से भी पीछे है।
उन्होंने यह भी कहा कि NEET का टॉपर लुधियाना से है — जो पंजाब की शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता का प्रमाण है। बैंस ने कहा, 'एक समय था जब 'उड़ता पंजाब' होता था, आज 'पढ़ाता पंजाब' है।'
AAP की शिक्षा नीति पर बैंस का बचाव
बैंस ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी (AAP) शिक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल में वास्तविक कमी सामने आती है तो सरकार उसे ठीक करने का प्रयास करती है — लेकिन पुराने वीडियो को नई समस्या बताकर पेश करना राजनीतिक दुर्भावना है।
युवा पीढ़ी और 'जेन-जी' का संदेश
शिक्षा मंत्री ने अपने बयान का समापन करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी — 'जेन-जी' — इस देश की तरक्की चाहती है, न कि झूठे प्रचार से उपजी राजनीति। आलोचकों का कहना है कि यह विवाद पंजाब में AAP और BJP के बीच चल रही राजनीतिक तनातनी का ताज़ा उदाहरण है, जो आगामी चुनावी माहौल में और तेज हो सकती है।