31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रामलीला मैदान रैली: भाजपा नेता कपूर का राहुल गांधी के 10 लाख भीड़ के दावे पर तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रामलीला मैदान रैली: भाजपा नेता कपूर का राहुल गांधी के 10 लाख भीड़ के दावे पर तीखा हमला

सारांश

भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने रामलीला मैदान का खुद जायजा लेकर राहुल गांधी के 10 लाख भीड़ के दावे पर सवाल दागे — मैदान में अधिकतम 22 हजार कुर्सियाँ। 1 नवंबर की रैली से पहले यह बयानबाजी विपक्षी ताकत को कम आँकने की भाजपा की रणनीति को दर्शाती है।

मुख्य बातें

भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने 31 अक्टूबर 2026 को रामलीला मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया।
कपूर के अनुसार मैदान में अधिकतम 20 से 22 हजार कुर्सियाँ लग सकती हैं; निरीक्षण के समय केवल 8 से 10 हजार कुर्सियाँ लगी थीं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 1 नवंबर की रैली में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है।
बिहार मंत्री जमा खान ने कहा कि विरोध का अधिकार है, लेकिन आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
भाजपा ने नेशनल हेराल्ड मामले और मॉक पार्लियामेंट का भी हवाला देकर राहुल गांधी पर निशाना साधा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रवीण शंकर कपूर ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान का स्थलीय निरीक्षण कर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस दावे पर सीधा सवाल उठाया, जिसमें 1 नवंबर को होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली में 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही जा रही है। कपूर ने मैदान में मौजूद कुर्सियों की संख्या गिनाकर यह तर्क रखा कि वहाँ की व्यवस्था उस दावे से मेल नहीं खाती।

मैदान में कुर्सियों की स्थिति

शनिवार सुबह रामलीला मैदान पहुँचे भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने तैयारियों का जायजा लेते हुए बताया कि मैदान के दोनों किनारों पर तिरंगे रंग की बैरिकेडिंग की गई है। उनके अनुसार, मैदान में अधिकतम 20 से 22 हजार कुर्सियाँ लगाई जा सकती हैं, जबकि उनके निरीक्षण के समय तक केवल 8 से 10 हजार कुर्सियाँ ही लगाई गई थीं।

कपूर ने तंज कसते हुए कहा कि केवल वही व्यक्ति 22 हजार कुर्सियों के बीच 10 लाख लोगों को बुलाने का दावा कर सकता है, 'जो आलू से सोना बनाने की बात करता हो।' उन्होंने राहुल गांधी द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर भी कटाक्ष किया और कहा कि उन्हें असली संसद में बहुमत हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कपूर ने नेशनल हेराल्ड मामले का हवाला देते हुए भी राहुल गांधी पर निशाना साधा।

बिहार मंत्री की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने भी इस रैली को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब भी धरना-प्रदर्शन होता है, तो आम जनता और व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और इससे आर्थिक गतिविधियाँ भी प्रभावित होती हैं।

मंत्री जमा खान ने स्पष्ट किया कि विपक्ष को अपनी बात रखने और विरोध करने का पूरा अधिकार है, किंतु विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे आम लोगों को अनावश्यक कठिनाइयाँ हों। उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में विकास के कई महत्त्वपूर्ण कार्य हुए हैं।

सियासी पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक नई दिल्ली में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है। रामलीला मैदान पहले भी ऐतिहासिक राजनीतिक सभाओं का गवाह रहा है — अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से लेकर विभिन्न दलों की बड़ी रैलियों तक। गौरतलब है कि बड़े भीड़ के दावे और वास्तविक उपस्थिति के बीच का अंतर भारतीय राजनीति में प्रतिस्पर्धी बयानबाजी का पुराना हिस्सा रहा है।

भाजपा का यह कदम विपक्षी गठबंधन की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। आलोचकों का कहना है कि भीड़ की संख्या को लेकर यह बहस असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

आगे क्या

1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि विपक्ष वास्तव में कितनी भीड़ जुटा पाता है। उस दिन की उपस्थिति दोनों पक्षों के दावों की असली परीक्षा होगी और दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की जमीनी ताकत का संकेत भी देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विधानसभा चुनाव की आहट है। भाजपा का यह पूर्व-निरीक्षण अभियान दर्शाता है कि वह रैली से पहले ही 'अपेक्षाओं का प्रबंधन' करने में जुटी है — अगर भीड़ कम रही तो बयानबाजी तैयार है, अगर ज्यादा रही तो इसे नजरअंदाज किया जाएगा।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कौन सी रैली होने वाली है?
1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली आयोजित होने वाली है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया है कि इसमें 10 लाख लोग शामिल होंगे।
भाजपा नेता कपूर ने राहुल गांधी के दावे पर क्यों सवाल उठाए?
भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने खुद रामलीला मैदान पहुँचकर देखा कि वहाँ अधिकतम 20 से 22 हजार कुर्सियाँ ही लग सकती हैं, जो राहुल गांधी के 10 लाख लोगों के दावे से कहीं कम है। इसी आधार पर उन्होंने इस दावे को असंभव बताया।
रामलीला मैदान की अधिकतम क्षमता कितनी है?
भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर के अनुसार रामलीला मैदान में बैठने की अधिकतम व्यवस्था 20 से 22 हजार कुर्सियों तक ही हो सकती है। हालाँकि, रैलियों में खड़ी भीड़ की क्षमता इससे अधिक हो सकती है।
बिहार मंत्री जमा खान ने इस रैली पर क्या कहा?
बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने कहा कि विपक्ष को विरोध का पूरा अधिकार है, लेकिन इस तरह के आयोजन से आम जनता, व्यापारियों और आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बिहार में NDA सरकार के कामकाज की सराहना भी की।
इस बयानबाजी का राजनीतिक महत्त्व क्या है?
यह विवाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और इंडिया ब्लॉक के बीच जमीनी ताकत दिखाने की होड़ का हिस्सा है। 1 नवंबर की रैली में वास्तविक उपस्थिति दोनों पक्षों के दावों की परीक्षा करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 मिनट पहले
  2. 19 घंटे पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले