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सुंदरकांड पाठ में 500-600 लोग भी नहीं आए, भाजपा बोली — केजरीवाल की 'अवसरवादी भक्ति' बेनकाब

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सुंदरकांड पाठ में 500-600 लोग भी नहीं आए, भाजपा बोली — केजरीवाल की 'अवसरवादी भक्ति' बेनकाब

सारांश

रोहिणी में AAP के सुंदरकांड पाठ में बसें लगाने के बावजूद 500-600 से अधिक लोग नहीं आए और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी अनुपस्थित रहे। भाजपा ने इसे केजरीवाल की चुनावी 'अवसरवादी भक्ति' की विफलता बताया और 2024 में 2,600 स्थानों पर आयोजन के अधूरे वादे की याद दिलाई।

मुख्य बातें

रोहिणी में AAP के श्री सुंदरकांड पाठ में बसों की व्यवस्था के बावजूद केवल 500-600 लोग ही पहुँचे।
AAP नेत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी , पूर्व मंत्री गोपाल राय सहित अधिकांश विधायक कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे।
मार्च 2024 में AAP सरकार ने 2,600 स्थानों पर सुंदरकांड पाठ का वादा किया था; भाजपा का दावा — 26 स्थानों पर भी नहीं हुआ।
16 जनवरी 2024 को 50 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजन के बाद यह अभियान चुपचाप बंद हो गया, भाजपा के अनुसार।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल से 2024 की सुंदरकांड शृंखला बंद करने का कारण बताने की माँग की।

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने रविवार, 12 जुलाई को आरोप लगाया कि रोहिणी में आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा आयोजित श्री सुंदरकांड पाठ पूरी तरह विफल रहा, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निमंत्रण पर बसों की व्यवस्था के बावजूद मात्र 500 से 600 लोग ही पहुँचे। भाजपा के अनुसार यह आयोजन केजरीवाल का राजनीतिक दांव था, जो जनता ने सिरे से नकार दिया।

क्या हुआ रोहिणी के पंडाल में

कपूर ने कहा कि रोहिणी का वह पंडाल, जहाँ धार्मिक आयोजनों में सामान्यतः हज़ारों श्रद्धालु उमड़ते हैं, रविवार को लगभग खाली रहा। AAP ने भक्तों को लाने-ले जाने के लिए बसें लगाई थीं, फिर भी उपस्थिति 500-600 से अधिक नहीं रही। उन्होंने कहा, 'दिल्ली की जनता ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी इस निमंत्रण को ठुकरा दिया — इससे उन्होंने केजरीवाल की अवसरवादी भक्ति का समर्थन करने से इनकार कर दिया।'

AAP के वरिष्ठ नेता भी रहे अनुपस्थित

कपूर ने यह भी रेखांकित किया कि AAP की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, पूर्व मंत्री गोपाल राय सहित पार्टी के अधिकांश विधायक इस कार्यक्रम से दूर रहे। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार यह इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर भी केजरीवाल के 'हिंदू अवतार' को स्वीकृति नहीं मिल रही।

भाजपा अध्यक्ष का पुराना आरोप और 2024 का संदर्भ

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने पहले भी आरोप लगाया था कि केजरीवाल चुनाव से पहले हिंदू मतदाताओं को रिझाने के लिए हिंदुत्व का सहारा लेते हैं। मल्होत्रा ने केजरीवाल के उस पुराने बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर नानी का उल्लेख करते हुए कहा था कि वे ऐसे मंदिर में नहीं जाना चाहते जो उनके अनुसार किसी मस्जिद को तोड़कर बनाया गया हो।

मल्होत्रा के अनुसार, 2024 में अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद AAP सरकार ने दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर साप्ताहिक सुंदरकांड पाठ कराने की घोषणा की थी। उनके दावे के अनुसार 16 जनवरी 2024 को करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम हुए, लेकिन इसके बाद यह अभियान धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया।

2,600 स्थानों की घोषणा, 26 पर भी नहीं हुआ आयोजन

मल्होत्रा ने यह भी दावा किया कि मार्च 2024 में AAP सरकार ने एक साथ 2,600 स्थानों पर सुंदरकांड पाठ कराने का ऐलान किया था, लेकिन उनके अनुसार यह आयोजन 26 स्थानों पर भी नहीं हो सका। भाजपा ने इसे केजरीवाल की 'पाखंडी भक्ति' का प्रमाण बताया।

आगे क्या

भाजपा अध्यक्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल से माँग की कि वे स्पष्ट करें कि 2024 में घोषित सुंदरकांड पाठ शृंखला को बाद में क्यों बंद किया गया। यह विवाद दिल्ली में आगामी चुनावी राजनीति की पृष्ठभूमि में और गहरा हो सकता है, जहाँ दोनों पक्ष हिंदू मतदाताओं को साधने की होड़ में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह दोनों पक्षों की चुनावी रणनीति का हिस्सा मात्र है। दिल्ली की राजनीति में हिंदू मतदाताओं को साधने की होड़ बताती है कि 2025 के बाद भी यह खेल जारी रहेगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहिणी में AAP का सुंदरकांड पाठ क्यों विफल माना जा रहा है?
भाजपा के अनुसार, बसों की व्यवस्था के बावजूद केवल 500-600 लोग ही पहुँचे और AAP के वरिष्ठ नेता भी अनुपस्थित रहे। इसे भाजपा ने केजरीवाल की राजनीतिक भक्ति की विफलता बताया है।
2024 में AAP ने सुंदरकांड पाठ को लेकर क्या वादा किया था?
AAP सरकार ने 2024 में दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर साप्ताहिक सुंदरकांड पाठ और मार्च 2024 में 2,600 स्थानों पर एक साथ आयोजन का ऐलान किया था। भाजपा का दावा है कि यह अभियान 26 स्थानों पर भी पूरा नहीं हुआ।
भाजपा केजरीवाल पर 'अवसरवादी भक्ति' का आरोप क्यों लगा रही है?
भाजपा का कहना है कि केजरीवाल चुनाव से ठीक पहले हिंदुत्व का सहारा लेते हैं, जबकि सामान्य समय में ऐसे आयोजनों से दूरी बनाए रखते हैं। भाजपा ने केजरीवाल के एक पुराने बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने एक मंदिर विशेष में जाने से इनकार किया था।
AAP के कौन-से वरिष्ठ नेता सुंदरकांड पाठ से अनुपस्थित रहे?
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, पूर्व मंत्री गोपाल राय सहित AAP के अधिकांश विधायक रोहिणी के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
इस विवाद का दिल्ली की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह विवाद दिल्ली में हिंदू मतदाताओं को लेकर BJP और AAP के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकता है। आगामी चुनावों में धार्मिक राजनीति का यह पहलू दोनों दलों के लिए अहम मुद्दा बना रह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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