सबरीमाला गोल्ड स्कैम: BJP विधायकों ने CM सतीशन को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
केरल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने सबरीमाला गोल्ड घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग को तेज करते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को औपचारिक पत्र सौंपा है। मंगलवार, 26 मई को भेजे गए इस संयुक्त पत्र में तत्काल CBI जांच के साथ-साथ सबरीमाला आंदोलन के दौरान श्रद्धालुओं पर दर्ज 2,624 मामलों में 29,119 आरोपियों के खिलाफ सभी केस बिना शर्त वापस लेने की माँग की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
यह पत्र BJP विधायकों राजीव चंद्रशेखर, वी. मुरलीधरन और बी. बी. गोपाकुमार की ओर से संयुक्त रूप से भेजा गया है। विधायक मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि वीडी सतीशन ने विपक्ष के नेता रहते हुए स्वयं इस मामले में CBI जांच की माँग की थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद नई सरकार की दो कैबिनेट बैठकों के बावजूद जांच को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।
BJP नेताओं का कहना है कि CBI जांच में हो रही देरी न केवल अनुचित है, बल्कि यह सबरीमाला मंदिर के श्रद्धालुओं और अयप्पा भक्तों के साथ अन्याय है।
जांच की परिधि में कौन-कौन
BJP नेताओं ने माँग की है कि घोटाले के पीछे की व्यापक साजिश की भी जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, मामले में पूर्व देवस्वम बोर्ड अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जाए। साथ ही दो पूर्व देवस्वम मंत्रियों पर लगे आरोपों की भी स्वतंत्र जांच की माँग की गई है।
विधायक मुरलीधरन ने कहा कि जांच में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के कथित संबंधों की भी पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट द्वारा पहले उठाए गए कथित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के पहलू की भी जांच आवश्यक है।
श्रद्धालुओं पर दर्ज मामले — विवाद का केंद्र
BJP विधायकों ने सबरीमाला मंदिर में मासिक धर्म वाली महिलाओं के प्रवेश के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान श्रद्धालुओं पर दर्ज मामलों को बिना शर्त वापस लेने की माँग की है। पत्र के अनुसार, इस आंदोलन से जुड़े 2,624 मामलों में कुल 29,119 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
वर्तमान सरकार केवल 1,047 गैर-गंभीर मामलों को वापस लेने पर विचार कर रही है। BJP का आरोप है कि गंभीर और गैर-गंभीर मामलों का यह वर्गीकरण राजनीतिक आधार पर किया गया है, और हजारों अयप्पा श्रद्धालु तथा युवा बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि के वर्षों से अदालतों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
BJP की चेतावनी
BJP नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सभी मामले बिना शर्त वापस नहीं लिए गए, तो जनता यह मानने पर विवश होगी कि पिछले आठ वर्षों से कांग्रेस द्वारा किए गए वादे महज राजनीतिक बयानबाजी थे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब केरल में नई सरकार के गठन के बाद सबरीमाला मंदिर प्रशासन और देवस्वम बोर्ड से जुड़े विवाद एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गए हैं। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और CBI को लेकर कोई औपचारिक निर्णय इस मामले की दिशा तय करेगा।