भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली का कांग्रेस पर हमला: फर्जी एआई वीडियो और एसआईआर पर भ्रम फैलाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता नलिन कोहली ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी बिना तथ्यों की जाँच किए देशहित के विरुद्ध बयानबाज़ी कर भ्रम फैला रही है। उनके निशाने पर मुख्य रूप से तीन मुद्दे थे — चुनाव आयोग के हलफनामे, अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा कथित फर्जी एआई वीडियो, और मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)।
अरुणाचल चीन वाला फर्जी एआई वीडियो
कोहली ने कहा कि यह 'बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण' है कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता कई बार देशहित के विरुद्ध भी बिना पूरी जानकारी लिए असत्य बातों को सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, "यह कहना कि भारत और चीन के बीच जो कुछ हो रहा है, उसका यह वीडियो प्रमाण है — पूरी तरह गलत है। यह वीडियो एआई जनरेटेड है और सत्य से परे है।" कोहली के अनुसार बिना सूझबूझ के तत्काल प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है और इससे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचता है।
चुनाव आयोग के हलफनामे पर भाजपा का रुख
कोहली ने चुनाव आयोग के हलफनामे को लेकर चल रहे विवाद पर कहा, "जो बातें सर्वोच्च न्यायालय में चुनाव आयोग के हलफनामे को लेकर कही गई हैं, उस पर बहस होनी है और सर्वोच्च न्यायालय अब उसमें क्या निर्णय लेगा, इसकी हम प्रतीक्षा करते हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा न्यायपालिका की प्रक्रिया का सम्मान करती है।
एसआईआर पर कांग्रेस और सपा को घेरा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की आपत्ति पर कोहली ने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है — यह 1948, 1954 और 2002 में भी हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या अखिलेश यादव या कांग्रेस पार्टी यह नहीं चाहती कि मतदाता सूची स्वच्छ रहे? जो लोग दिवंगत हो चुके हैं, क्या उनके नाम सूची में बने रहने चाहिए?" कोहली ने आगे यह भी पूछा कि क्या बांग्लादेश से अवैध रूप से आए घुसपैठियों का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए और इन पार्टियों को जनता के सामने अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
दीपावली रैली और राहुल गांधी पर टिप्पणी
कोहली ने कांग्रेस की दीपावली के आसपास प्रस्तावित रैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के संगठनों की ओर से लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि त्योहारी माहौल में विरोध प्रदर्शन से आम जनता और व्यापारी वर्ग को असुविधा होगी। उनका कहना था कि यदि कांग्रेस नेता विदेश यात्रा से लौटकर उसी दिन उपलब्ध हैं, तो किसी अन्य तिथि पर भी कार्यक्रम रखा जा सकता था। राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने कहा, "यदि वे देश वापस आ गए हैं तो अपनी बात किसी प्रेस वार्ता में भी रख सकते थे — जनता के सामने आकर स्पष्ट रूप से बोलना ही लोकतांत्रिक परंपरा है।"
आगे क्या
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पूर्व सियासी सरगर्मियाँ तेज होती जा रही हैं और यह बयानबाज़ी उसी की एक कड़ी मानी जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय में चुनाव आयोग के हलफनामे पर अगली सुनवाई की तारीख़ का इंतज़ार है, जो एसआईआर विवाद की दिशा तय करेगी। कोहली के बयान से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा और चुनावी पारदर्शिता के फ्रेम में रखकर कांग्रेस और सपा को रक्षात्मक स्थिति में धकेलने की कोशिश करेगी।