श्यामा प्रसाद मुखर्जी न होते तो पश्चिम बंगाल बांग्लादेश का हिस्सा होता: BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने 22 जून को नई दिल्ली में कहा कि यदि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने समय रहते दृढ़ संकल्प न लिया होता, तो आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा न होकर बांग्लादेश का अंग होता। उन्होंने डॉ. मुखर्जी को पश्चिम बंगाल की भारत में उपस्थिति का श्रेय देते हुए उनकी ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. मुखर्जी की ऐतिहासिक भूमिका
शुक्ला ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उस दौर में जो प्रण लिया, उसी के परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल आज भारतीय संघ का अभिन्न अंग है। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय अखंडता की दिशा में एक निर्णायक कदम था। गौरतलब है कि डॉ. मुखर्जी ने देश के विभाजन के समय पश्चिम बंगाल को भारत में रखने के लिए अथक प्रयास किए थे।
समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार
BJP प्रवक्ता ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को मौलाना की राय मानते हुए मुख्यमंत्री पद के लिए किसी मुस्लिम उम्मीदवार को आगे करना चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार समाजवादी पार्टी व्यवहार में मुस्लिम मतदाताओं पर ही निर्भर रहती है। शुक्ला ने कहा, 'समाजवादी पार्टी मुसलमानों का वोट लेती है, लिहाजा उसे मुस्लिमों की पार्टी कहने में कोई परहेज नहीं होना चाहिए।'
कांग्रेस और SP पर वोट बैंक का आरोप
शुक्ला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों आज ऐसी स्थिति में पहुँच गई हैं जहाँ उनके पास कोई स्वतंत्र राजनीतिक दृष्टिकोण नहीं बचा है। उनके अनुसार, ये दोनों दल केवल मुस्लिम वोट बैंक के सहारे अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वोट बैंक के लिए आपस में टकरा रहे हैं।
उद्धव और आदित्य ठाकरे पर प्रतिक्रिया
BJP प्रवक्ता ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके पुत्र आदित्य ठाकरे को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दिवंगत बाला साहेब ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा था कि शिवसेना कभी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। शुक्ला के अनुसार, जिन लोगों ने उस सिद्धांत से गद्दारी की, उन्हें किसी अन्य की निष्ठा पर प्रश्न उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान अटल रहेगा, जबकि आदित्य ठाकरे ने शिवसेना का अपना संविधान बदल दिया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विभिन्न विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की राजनीति और उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावी समीकरण चर्चा के केंद्र में हैं।