10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पप्पू यादव का आरोप: भाजपा-आरएसएस श्रीराम के अस्तित्व में विश्वास नहीं करती, हिंसा को देती है बढ़ावा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पप्पू यादव का आरोप: भाजपा-आरएसएस श्रीराम के अस्तित्व में विश्वास नहीं करती, हिंसा को देती है बढ़ावा

सारांश

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भाजपा-आरएसएस पर श्रीराम विरोध, हिंसा को बढ़ावा और राम मंदिर की आस्था से खिलवाड़ के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही ब्राह्मण एनकाउंटर और राहुल गांधी पर की जाने वाली 'अमर्यादित टिप्पणियों' का मुद्दा भी उठाया।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने 9 अगस्त 2026 को आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस के नेता भगवान श्रीराम के अस्तित्व में विश्वास नहीं रखते।
यादव ने दावा किया कि उन पर हमला करने वाले व्यक्ति को 'तुरंत जमानत' मिलना अपराधियों का मनोबल बढ़ाना है।
श्रीराम मंदिर के दानपात्र में जनता की मेहनत की कमाई से किए गए चढ़ावे के साथ 'खिलवाड़' का आरोप लगाया।
बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर का हवाला देते हुए ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय का मुद्दा उठाया।
भाजपा-आरएसएस की संस्कृति को 'राम विरोधी, सवर्ण विरोधी और संविधान विरोधी' बताया।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 9 अगस्त 2026 को मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता भगवान श्रीराम के अस्तित्व में विश्वास नहीं रखते और इन संगठनों पर हिंसा को बढ़ावा देने तथा अपराध को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

मुख्य आरोप और बयान

यादव ने कहा कि भाजपा और आरएसएस का 'हमला करने और नफरत फैलाने का चाल-चरित्र' उचित नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें अखिलेश ने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उन पर हमला किया गया, और इसके बाद संसद के भीतर भी एक भाजपा सांसद ने हमले का प्रयास किया।

यादव ने तंज कसते हुए कहा, 'आप पप्पू यादव को मार दो-काट दो, लेकिन सच्चाई को नहीं छिपा सकते।' उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर हमला करने वाले व्यक्ति को 'तुरंत जमानत' मिल गई, जो उनके अनुसार यह दर्शाता है कि भाजपा-आरएसएस अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है।

राम मंदिर और श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल

सांसद यादव ने श्रीराम मंदिर के दानपात्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने अपनी मेहनत की कमाई से मंदिर में चढ़ावा दिया, परंतु सरकार ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने दावा किया कि वे 'मरना पसंद करेंगे लेकिन सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।'

राहुल गांधी और ब्राह्मण समाज का मुद्दा

यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 'अमर्यादित टिप्पणी' करते रहते हैं — कभी उनके धर्म पर सवाल उठाते हैं, तो कभी जनेऊ को लेकर ब्राह्मण पहचान पर संदेह जताते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज के कई लोगों को 'अपराधी बताकर एनकाउंटर किया जाता है।'

यादव ने बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरा ब्राह्मण समाज एकत्र हुआ था, लेकिन सरकार की ओर से न कोई मदद मिली और न ही उचित कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि 'देश का सवर्ण समाज अब समझ गया है।'

विचारधारा पर सीधा हमला

यादव ने अपने बयान में कहा कि भाजपा और आरएसएस की संस्कृति 'भगवान राम की विरोधी, सवर्ण विरोधी और संविधान विरोधी' है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संगठन केवल 'मनुस्मृति' को लागू करना चाहते हैं। गौरतलब है कि इस प्रकार के आरोप विपक्षी नेताओं द्वारा समय-समय पर लगाए जाते रहे हैं, और भाजपा-आरएसएस इन्हें हमेशा निराधार बताती रही है।

आगे क्या

पप्पू यादव के इस बयान पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के मद्देनजर यह बयान महत्वपूर्ण संकेत देता है। यादव के इस तरह के बयान विपक्षी एकजुटता और सामाजिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यादव का यह बयान एक साथ कई सामाजिक समूहों — सनातनियों, ब्राह्मणों और विपक्षी मतदाताओं — को संबोधित करता दिखता है। परंतु यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस तरह के तीखे आरोप बिना ठोस साक्ष्य के लगाए जाते हैं, जिससे राजनीतिक विमर्श तथ्य से दूर और भावनात्मक ध्रुवीकरण की ओर खिसकता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि इस तरह के बयान विपक्ष की वास्तविक नीतिगत आलोचना को कमज़ोर भी कर सकते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने भाजपा-आरएसएस पर क्या आरोप लगाए?
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस के नेता भगवान श्रीराम के अस्तित्व में विश्वास नहीं रखते और ये संगठन हिंसा व अपराध को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने राम मंदिर के दानपात्र में श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ का भी आरोप लगाया।
पप्पू यादव ने ब्राह्मण एनकाउंटर का मुद्दा क्यों उठाया?
यादव ने बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने न कोई मदद की और न उचित कार्रवाई की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी ब्राह्मण समाज के लोगों को 'अपराधी बताकर एनकाउंटर' किए जाने का आरोप लगाया।
पप्पू यादव ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?
यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी पर 'अमर्यादित टिप्पणी' करते हैं — कभी उनके धर्म पर सवाल उठाते हैं, तो कभी जनेऊ को लेकर उनकी ब्राह्मण पहचान पर संदेह जताते हैं।
पप्पू यादव कौन हैं और यह बयान कहाँ दिया गया?
पप्पू यादव बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं। यह बयान उन्होंने 9 अगस्त 2026 को पूर्णिया में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
भाजपा ने पप्पू यादव के आरोपों पर क्या कहा?
अभी तक भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा और आरएसएस इस प्रकार के आरोपों को आमतौर पर निराधार और राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले