क्या पटना के भाजपा विधायक अरुण सिन्हा ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया?
सारांश
मुख्य बातें
पटना, १३ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा ने अभी तक उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है, लेकिन इससे पहले ही पटना के कुम्हरार से अरुण कुमार सिन्हा ने चुनाव में भाग न लेने का घोषणा कर दिया है।
इससे पहले चर्चा थी कि अरुण सिन्हा का टिकट कट सकता है। ऐसे में उन्होंने पहले ही चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने संगठन के लिए कार्य करते रहने की बात कही है। अरुण कुमार सिन्हा ने स्वयं सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर चुनाव न लड़ने की जानकारी दी है।
उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर सोमवार को लिखा, "आगामी विधानसभा चुनाव में मैं प्रत्याशी के रूप में चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन संगठन के लिए कार्य करता रहूंगा। पिछले २५ वर्षों में आप सभी ने जो विश्वास एवं सहयोग दिया उसका सदा आभारी रहूंगा। कार्यकर्ता सर्वोपरि, संगठन सर्वोपरि।"
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने रविवार को सीट के बंटवारे की घोषणा कर दी है। इस बंटवारे के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी १०१-१०१ सीट पर चुनाव लड़ेगी, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को २९ सीट मिली हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह-छह सीटें मिली हैं। महागठबंधन में आज सीट बंटवारे की घोषणा होने की उम्मीद है।
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण ६ नवंबर को और दूसरा चरण ११ नवंबर को होगा। मतगणना १४ नवंबर को होगी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।
महागठबंधन एनडीए का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से बेदखल करने की कोशिश कर रहा है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, लोजपा (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए में शामिल हैं। बिहार की चुनावी जंग में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी राज्य की सभी २४३ सीटों पर दावा ठोक दिया है।