3 नवंबर 2026
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भाजपा नेताओं की हुमायूं कबीर को चेतावनी: NH-12 ब्लॉकेड पर होगी कानूनी कार्रवाई

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भाजपा नेताओं की हुमायूं कबीर को चेतावनी: NH-12 ब्लॉकेड पर होगी कानूनी कार्रवाई

सारांश

तृणमूल से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर की 6 दिसंबर को NH-12 जाम करने की धमकी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया — मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा के बाद तनाव और गहराया।

मुख्य बातें

भाजपा के केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने विधायक हुमायूं कबीर को NH-12 ब्लॉक करने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर-जमानती कार्रवाई की चेतावनी दी।
राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कबीर को 'राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक' बताया।
कबीर ने 6 दिसंबर को रेजिनगर-बहरमपुर के बीच 30 किमी NH-12 खंड जाम करने की घोषणा की है।
मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद निर्माण की शुरुआत 6 दिसंबर — बाबरी ढाँचा गिराए जाने की बरसी — को प्रस्तावित है।
TMC से निष्कासन के बाद कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) बनाई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष और नवादा के विधायक हुमायूं कबीर की उस घोषणा की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने 6 दिसंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग-12 (NH-12) को अवरुद्ध करने की धमकी दी है। यह तारीख पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में कथित तौर पर प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण की शुरुआत से जुड़ी है। भाजपा ने कबीर के बयान को गैर-जिम्मेदाराना एवं कानून-व्यवस्था व सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक बताया है।

भाजपा नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कबीर को राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित करने के विरुद्ध स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'भारतीय न्याय संहिता के तहत, नेशनल हाईवे को ब्लॉक करना एक गैर-जमानती धारा के तहत आने वाला अपराध है। मैं विधायक से ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने का आग्रह करूंगा। बाबर का नाम इस्तेमाल करने से भी बचना बेहतर होगा। उन्हें मस्जिद का नाम बाबर से जोड़ने के बजाय किसी और के नाम पर रखना चाहिए।'

मजूमदार की यह प्रतिक्रिया उस घोषणा के एक दिन बाद आई जिसमें कबीर ने NH-12 को जाम करने का ऐलान किया था।

राज्य के पर्यटन मंत्री ने भी साधा निशाना

पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने भी प्रस्तावित ब्लॉकेड की आलोचना करते हुए कबीर पर तीखा हमला बोला। घोष ने कहा, 'हुमायूं कबीर अब राजनीति में अप्रासंगिक हो गए हैं। ऐसे लोगों को राजनीतिक कूड़ेदान में डाल देना चाहिए।' घोष ने दावा किया कि एजेयूपी अध्यक्ष अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुके हैं और यह पूरा मामला ध्यान आकर्षित करने की कोशिश मात्र है।

हुमायूं कबीर की योजना क्या है

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित होने के बाद कबीर ने अपनी अलग पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) बनाई। उन्होंने घोषणा की कि 6 दिसंबर — जो 1992 में अयोध्या में बाबरी ढाँचा गिराए जाने की बरसी है — को वे अपने गृह क्षेत्र बेलडांगा में एक मस्जिद के निर्माण की शुरुआत करेंगे।

कबीर ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि रेजिनगर और बहरमपुर के बीच का करीब 30 किमी का राजमार्ग खंड उनके नियंत्रण में रहेगा। उनके समर्थक कृष्णानगर, डोमकल, जलंगी, सैंथिया, कंडी, बर्दवान और नवद्वीप समेत कई इलाकों में सड़कों पर उतरेंगे। कबीर ने यह भी कहा था कि यदि प्रशासन या पुलिस ब्लॉकेड को रोकना चाहे, तो उन्हें अपनी क्षमता सिद्ध करनी होगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कबीर पिछले वर्ष तृणमूल कांग्रेस से निकाले जाने के बाद बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण के मुद्दे को उठाकर राजनीतिक सुर्खियों में लौटे थे। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में सांप्रदायिक संवेदनशीलता पहले से ही बढ़ी हुई है। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण को राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता के रूप में पेश किया है और ममता बनर्जी सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा है।

आगे क्या होगा

फिलहाल 6 दिसंबर 2026 तक यह देखना होगा कि राज्य प्रशासन और पुलिस इस प्रस्तावित ब्लॉकेड से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है। भाजपा नेताओं के बयानों के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि कबीर अपनी योजना पर आगे बढ़ते हैं, तो मुर्शिदाबाद और आसपास के जिलों में तनाव बढ़ने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

धार्मिक प्रतीकवाद से लदे मुद्दे को उठाना उनकी लाइमलाइट वापसी की रणनीति लगती है। लेकिन असली सवाल यह है कि राज्य प्रशासन 6 दिसंबर तक क्या करेगा — निष्क्रियता को BJP तुरंत TMC की मिलीभगत के रूप में पेश करेगी, जबकि कड़ी कार्रवाई को कबीर अपने मुस्लिम मतदाता आधार में 'उत्पीड़न' की तरह भुनाएंगे। मुर्शिदाबाद जैसे संवेदनशील जिले में इस तरह की राजनीतिक घोषणाएँ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को हवा देती हैं, और मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस गणित को नजरअंदाज कर देती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर NH-12 क्यों ब्लॉक करना चाहते हैं?
हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को NH-12 जाम करने की घोषणा की है, जो बाबरी ढाँचा गिराए जाने की बरसी है। उन्होंने इसी दिन मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में एक मस्जिद के निर्माण की शुरुआत का भी ऐलान किया है।
भाजपा ने इस पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने चेतावनी दी कि भारतीय न्याय संहिता के तहत नेशनल हाईवे ब्लॉक करना गैर-जमानती अपराध है। पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कबीर को राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक करार दिया।
हुमायूं कबीर कौन हैं और उनकी पार्टी AJUP क्या है?
हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के नवादा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जिन्हें पिछले वर्ष तृणमूल कांग्रेस से निकाला गया था। इसके बाद उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) बनाई और बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण के मुद्दे को अपना राजनीतिक एजेंडा बनाया।
प्रस्तावित ब्लॉकेड का दायरा कितना बड़ा है?
कबीर ने दावा किया है कि रेजिनगर और बहरमपुर के बीच करीब 30 किमी का NH-12 खंड उनके समर्थकों के नियंत्रण में रहेगा। कृष्णानगर, डोमकल, जलंगी, सैंथिया, कंडी, बर्दवान और नवद्वीप में भी प्रदर्शन की बात कही गई है।
6 दिसंबर की तारीख इस विवाद में क्यों अहम है?
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढाँचा गिराया गया था। कबीर ने इसी बरसी को चुनकर मुर्शिदाबाद में मस्जिद निर्माण और NH-12 ब्लॉकेड की घोषणा की है, जिसे भाजपा ने सांप्रदायिक उकसावे की कोशिश बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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