नागपुर में तीसरी ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट बैठक संपन्न, गडकरी ने कार्बन न्यूट्रल परिवहन पर प्रस्ताव पारित कराया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11 जुलाई 2026 को नागपुर में आयोजित तीसरी ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट वर्किंग ग्रुप की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया, जिसमें परिवहन क्षेत्र को कार्बन न्यूट्रल बनाने और बायोफ्यूल के उपयोग पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में क्या हुआ
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गडकरी ने कहा, 'मुझे काफी खुशी है कि नागपुर में ब्रिक्स देशों का कॉन्फ्रेंस हुआ। ब्रिक्स विश्व की 40 प्रतिशत जनसंख्या को कवर करती है।' उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन, रेलवे, जलमार्ग और एविएशन क्षेत्रों में कार्बन न्यूट्रल रणनीति और बायोफ्यूल के उपयोग को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया है, साथ ही आगे की नीति भी तय की गई।
सहभागी देश और प्रतिनिधिमंडल
इस बैठक में ब्रिक्स के मूल सदस्य देशों — भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका — के साथ-साथ कुछ नए सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। गडकरी ने सभी भाग लेने वाले मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों का भारत सरकार की ओर से आभार व्यक्त किया।
कोच्चि में महिला मंत्रियों की बैठक
इससे पहले 9 जुलाई को कोच्चि में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स महिला मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के साथ सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
महिला नेतृत्व पर सहमति
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बैठक के बाद कहा था, 'सभी ब्रिक्स सदस्य देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास का विजन सिर्फ चर्चाओं तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई में बदला जाना चाहिए।' बैठकों के बाद भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल भी उपस्थित रहे।
आगे की राह
नागपुर में पारित प्रस्ताव ब्रिक्स देशों के परिवहन क्षेत्र में हरित ऊर्जा की दिशा में एक साझा नीतिगत ढाँचे की नींव रखता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन घटाने का दबाव बढ़ रहा है और भारत अपनी अध्यक्षता में ब्रिक्स एजेंडे को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है।