ब्रिटेन में 38°C हीटवेव का कहर: PM बर्नहैम ने बुलाई COBRA बैठक, 4.5 करोड़ लोग सूखे की चपेट में
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन में 12 अगस्त 2026 को भीषण गर्मी, लंबे समय से जारी सूखे और जंगलों में फैलती आग की तिहरी आपदा ने हालात गंभीर कर दिए हैं। मौसम विभाग ने दक्षिणी और पूर्वी इंग्लैंड तथा मिडलैंड्स के कुछ हिस्सों के लिए 'एक्सट्रीम हीट' की चेतावनी जारी की है और आने वाले दिनों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने बुधवार को सरकार की आपातकालीन समिति COBRA की बैठक बुलाई है।
हीटवेव की तीव्रता और रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार, यह 2026 में ब्रिटेन की पाँचवीं हीटवेव है और इस साल की गर्मी अब तक रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी है। इस वर्ष अब तक 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान वाले 35 दिन दर्ज किए जा चुके हैं। इंग्लैंड के कई हिस्सों में पहले से ही एम्बर हीट-हेल्थ अलर्ट लागू है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।
जंगल की आग और जल संकट
गर्मी का असर केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। इंग्लैंड और वेल्स में इस साल अब तक 966 जंगलों में आग लगने की घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जिनमें से अकेले अगस्त के पहले 10 दिनों में 185 घटनाएँ हुईं। लंबे समय से जारी सूखे ने जल संकट को और गहरा कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 4.5 करोड़ लोग ऐसे इलाकों में रह रहे हैं जिन्हें सूखे से प्रभावित माना गया है, जबकि करीब 2.7 करोड़ लोगों पर पानी से जुड़ी पाबंदियों का सीधा असर पड़ रहा है।
COBRA बैठक और सरकारी प्रतिक्रिया
द गार्डियन के अनुसार, COBRA बैठक में गर्मी, जंगल की आग, पानी की उपलब्धता और आपात सेवाओं पर बढ़ते दबाव से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी। सरकार ने अग्निशमन क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए 9.7 करोड़ पाउंड की अतिरिक्त सहायता का ऐलान किया है। यह ऐसे समय में आया है जब अग्निशमन सेवाएँ पहले से ही क्षमता से अधिक काम कर रही हैं।
किसानों और कृषि पर असर
लगातार गर्म और शुष्क मौसम ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। जल स्रोतों का स्तर गिर रहा है और कई क्षेत्रों में खेती पर गंभीर दबाव बन गया है। गौरतलब है कि यह संकट केवल इस मौसम की समस्या नहीं है — विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालिक प्रभावों से जोड़कर देख रहे हैं।
आगे क्या होगा
सरकार के सामने अभी तत्काल गर्मी और जंगल की आग से निपटने के साथ-साथ पानी की उपलब्धता और जलवायु लचीलेपन की दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने की दोहरी चुनौती है। COBRA बैठक के निर्णय आने वाले दिनों में संकट-प्रबंधन की दिशा तय करेंगे।