7 जुलाई 2026
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बीआरओ फंड घोटाला: सीबीआई ने लद्दाख के असिस्टेंट इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार, 4 एफआईआर दर्ज

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बीआरओ फंड घोटाला: सीबीआई ने लद्दाख के असिस्टेंट इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार, 4 एफआईआर दर्ज

सारांश

सीबीआई ने बीआरओ के फंड में फर्जी मजदूरों के नाम पर हेराफेरी के मामले में लद्दाख के असिस्टेंट इंजीनियर और कारगिल के दो एजेंटों को गिरफ्तार किया। 11 राज्यों में 26 ठिकानों पर छापेमारी और 4 एफआईआर — यह घोटाला सामरिक सीमावर्ती परियोजनाओं की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 7 जुलाई 2026 को बीआरओ फंड घोटाले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में लद्दाख में 81 आरसीसी के खात्से-बटालिक सेक्टर के प्रभारी असिस्टेंट इंजीनियर और कारगिल के 2 लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं।
घोटाले में फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी फंड निकालकर आरोपी इंजीनियर के खाते में जमा कराया गया।
सीबीआई ने 11 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 26 ठिकानों पर छापेमारी की; हिमाचल प्रदेश में अतिरिक्त तलाशी भी ली गई।
कुल 4 एफआईआर दर्ज; 10 अधिकारी (लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर रैंक सहित) और कुछ निजी व्यक्ति आरोपी।
मामले रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज; आरोप भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी के तहत।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 7 जुलाई 2026 को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सरकारी फंड की हेराफेरी के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्तियों में लद्दाख में तैनात बीआरओ का एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं। यह कार्रवाई रक्षा मंत्रालय की शिकायतों के आधार पर दर्ज 4 अलग-अलग एफआईआर के सिलसिले में की गई है।

घोटाले का तरीका

गिरफ्तार असिस्टेंट इंजीनियर बीआरओ की 81 आरसीसी के अंतर्गत खात्से-बटालिक सेक्टर के प्रभारी थे। जांच के अनुसार, उन्होंने दोनों मैनपावर सप्लाई एजेंटों के साथ मिलकर फर्जी मजदूरों — यानी ऐसे कामगारों के नाम पर जो वास्तव में काम पर मौजूद ही नहीं थे — के नाम पर बीआरओ के फंड की निकासी की। एजेंटों ने यह राशि आरोपी इंजीनियर के बैंक खाते में जमा करवाई। यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जो लद्दाख के कई बीआरओ प्रोजेक्ट्स में चल रही थी।

तलाशी अभियान का दायरा

सीबीआई ने सोमवार को देशभर में 26 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड शामिल थे। इसके अगले दिन मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में भी एक और तलाशी ली गई। इस व्यापक अभियान के दौरान सीबीआई को अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।

कानूनी आरोप और आरोपी

दर्ज एफआईआर में कुल 10 अधिकारियों के नाम हैं, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर रैंक के अधिकारी तथा इंजीनियर शामिल हैं, साथ ही कुछ निजी व्यक्ति भी आरोपी हैं। आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी, तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लद्दाख की संबंधित अदालत में पेश किया जा रहा है।

आगे की जांच

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में तेज़ी से जांच जारी रखेगी। गौरतलब है कि बीआरओ सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर काम करता है, और इस तरह के फंड घोटाले न केवल वित्तीय नुकसान का कारण बनते हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करते हैं। एजेंसी के अनुसार आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ है। चिंताजनक यह है कि एफआईआर में लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर रैंक के अधिकारियों के नाम हैं — यह संकेत देता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें महज निचले स्तर तक सीमित नहीं थीं। 11 राज्यों में फैला तलाशी अभियान यह भी बताता है कि यह एक संगठित नेटवर्क था। असली सवाल यह है कि रक्षा मंत्रालय की आंतरिक निगरानी प्रणाली इतने लंबे समय तक इसे क्यों नहीं पकड़ पाई।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीआरओ फंड घोटाला क्या है?
यह सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सरकारी फंड की हेराफेरी का मामला है, जिसमें फर्जी मजदूरों के नाम पर पैसे निकाले गए। लद्दाख के कई बीआरओ प्रोजेक्ट्स में यह गड़बड़ी सामने आई है और रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
सीबीआई ने इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया है?
सीबीआई ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है — लद्दाख में बीआरओ की 81 आरसीसी के खात्से-बटालिक सेक्टर के प्रभारी असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट। सभी को कानूनी औपचारिकताओं के बाद लद्दाख की अदालत में पेश किया जा रहा है।
सीबीआई ने कितनी जगहों पर छापेमारी की?
सीबीआई ने 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 26 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली, जिनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड शामिल थे। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में भी एक अतिरिक्त तलाशी ली गई।
इस घोटाले में कौन-से कानूनी आरोप लगाए गए हैं?
आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी, तथा आईपीसी के तहत साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं। कुल 10 अधिकारी — जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर रैंक के अधिकारी शामिल हैं — और कुछ निजी व्यक्ति एफआईआर में नामजद हैं।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने विभिन्न स्थानों से अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनके आधार पर मामले में और खुलासे संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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