बीटीसीएलए डिप्टी स्पीकर बिजीत ग्वरा नार्जरी के निधन पर बोडोलैंड के 5 जिलों में अवकाश, दो दिन झुका रहेगा तिरंगा
सारांश
मुख्य बातें
बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) ने बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल लेजिस्लेटिव असेंबली (बीटीसीएलए) के डिप्टी स्पीकर बिजीत ग्वरा नार्जरी के अचानक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को असम के पाँच जिलों में स्थानीय अवकाश की घोषणा की। बीटीसी के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना में यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।
किन जिलों में घोषित हुआ अवकाश
अधिसूचना के अनुसार, कोकराझार, चिरांग, बक्सा, तामुलपुर और उदलगुरी — इन पाँचों जिलों में स्थानीय अवकाश रहेगा। यह आदेश बीटीसी के प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी सरकारी कार्यालयों पर लागू होगा, जिसमें डिप्टी कमिश्नर और सब-डिविजनल ऑफिसर (सिविल) के कार्यालय भी सम्मिलित हैं।
शैक्षणिक संस्थान और परीक्षाएँ अप्रभावित
बीटीसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवकाश के दायरे से शैक्षणिक संस्थानों को बाहर रखा गया है। स्कूल, कॉलेज और परीक्षा केंद्र यथावत खुले रहेंगे। परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों और संबंधित स्टाफ को निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया गया है।
इसी प्रकार, जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों को भी अवकाश से छूट दी गई है और उन्हें अपनी जिम्मेदारियाँ जारी रखने का आदेश दिया गया है। यह निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि आवश्यक सरकारी कार्य बाधित न हों।
दो दिन आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज
आधिकारिक शोक के प्रतीक के रूप में बीटीसी ने आदेश दिया है कि 27 और 28 अगस्त को बीटीसी के अधीन सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संस्थाओं — जहाँ सामान्यतः राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है — पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाकर फहराया जाएगा। यह परंपरागत सम्मान किसी प्रमुख पदाधिकारी के निधन पर दिया जाता है।
बोडोलैंड क्षेत्र में शोक की लहर
डिप्टी स्पीकर बिजीत ग्वरा नार्जरी बीटीसीएलए के एक वरिष्ठ और प्रभावशाली पदाधिकारी थे। उनका अचानक निधन बोडोलैंड क्षेत्र के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में गहरे शोक का कारण बना है। गौरतलब है कि बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल असम के उत्तरी भाग में एक स्वायत्त स्व-शासन निकाय है, जो बोडो समुदाय के प्रशासनिक और सांस्कृतिक हितों का प्रतिनिधित्व करती है।
बीटीसी प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवकाश और शोक की घोषणाओं के बावजूद आवश्यक परीक्षाएँ और जनगणना कार्य बिना किसी व्यवधान के जारी रहें। आगे के दिनों में बीटीसीएलए में डिप्टी स्पीकर पद की रिक्ति को भरने की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।