10 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एआईएडीएमके में उपचुनाव हार के बाद पलानीस्वामी पर बढ़ा दबाव, गुटों ने आम परिषद बैठक की माँग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एआईएडीएमके में उपचुनाव हार के बाद पलानीस्वामी पर बढ़ा दबाव, गुटों ने आम परिषद बैठक की माँग की

सारांश

मदुरंथकम और धरपुरम में तीसरे स्थान पर रहकर दोनों सीटें गँवाने के बाद एआईएडीएमके के भीतर पलानीस्वामी की पकड़ कमज़ोर पड़ती दिख रही है। पूर्व विधायकों ने TVK के टिकट पर जीतकर दिखा दिया कि पार्टी बदलने से मतदाता नहीं छूटते — यह संदेश पार्टी के अन्य असंतुष्ट विधायकों तक भी पहुँचता है।

मुख्य बातें

एआईएडीएमके मदुरंथकम और धरपुरम उपचुनावों में तीसरे स्थान पर रही और दोनों सीटें TVK के पूर्व एआईएडीएमके विधायकों से हार गई।
मरगथम कुमारवेल ( 69,284 वोट ) और पी.
सत्यबामा ( 81,100 वोट ) ने TVK के टिकट पर जीत दर्ज की।
एआईएडीएमके के 47 में से 25 विधायकों ने पहले TVK सरकार के पक्ष में व्हिप तोड़ा था; 6 विधायकों ने इस्तीफा देकर TVK ज्वॉइन की।
वेलुमणि और सीवे शनमुगम गुटों ने आम परिषद बैठक और शशिकला-दिनाकरन के साथ सुलह की माँग की।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत अन्य असंतुष्ट विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी पर 10 अक्टूबर 2026 को दबाव और गहरा हो गया, जब पार्टी मदुरंथकम और धरपुरम उपचुनावों में तीसरे स्थान पर रही तथा दोनों सीटें गँवा बैठी। पार्टी के भीतर नेतृत्व विभाजन सतह पर आ गया है और विरोधी गुटों ने व्यापक समीक्षा की माँग तेज़ कर दी है।

उपचुनाव का परिणाम: एआईएडीएमके को दोहरा झटका

दोनों सीटें तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे एआईएडीएमके के पूर्व विधायकों ने जीतीं। मरगथम कुमारवेल ने मदुरंथकम से और पी. सत्यबामा ने धरपुरम से जीत दर्ज की — दोनों ने पार्टी छोड़ने और विधानसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद TVK में शामिल होकर अपने पूर्व निर्वाचन क्षेत्रों से वापसी की।

आँकड़ों के अनुसार, कुमारवेल को 69,284 वोट मिले जबकि सत्यबामा ने 81,100 वोटों से जीत हासिल की। एआईएडीएमके ने इन सीटों पर क्रमशः कनिथा संपत और भानुमति को उम्मीदवार बनाया था।

धरपुरम का परिणाम विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि पार्टी के भीतर यह माना जा रहा था कि इस सीट पर जीत की संभावना बेहतर थी।

पार्टी में बगावत की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों के बाद एआईएडीएमके के 47 विधायकों में से 25 ने पार्टी व्हिप की अनदेखी करते हुए TVK सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद छह विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर TVK में शामिल हो लिए।

कुमारवेल और सत्यबामा के अलावा इस्तीफा देने वालों में पेरुंदुरई के एस. जयकुमार, अंबासमुद्रम के इसाक्की सुब्बैया, विरालीमलई के सी. विजयभास्कर और करूर के एम.आर. विजय भास्कर शामिल थे।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उपचुनाव में इन दोनों की सफलता अन्य असंतुष्ट एआईएडीएमके विधायकों को यह संदेश दे सकती है कि पार्टी बदलने का अर्थ निर्वाचन क्षेत्र का समर्थन खोना नहीं है।

गुटों की माँग: आम परिषद बैठक बुलाई जाए

हार के मद्देनज़र एस.पी. वेलुमणि और सीवे शनमुगम गुटों ने नुकसान का आकलन करने के लिए एक आम परिषद बैठक बुलाने की माँग की है। ये गुट एआईएडीएमके के पुनर्निर्माण के प्रयासों के तहत टीटीवी दिनाकरन और वी.के. शशिकला सहित अलग-थलग पड़े नेताओं के साथ सुलह का समर्थन करते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पलानीस्वामी ने विधानसभा चुनावों के बाद TVK सरकार के समर्थन की माँगों को खारिज कर दिया था, जिससे पार्टी में मतभेद और गहरे हुए।

आम जनता और राजनीतिक परिदृश्य पर असर

यह हार एआईएडीएमके की असफलताओं की उस लंबी श्रृंखला में जुड़ती है जो विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों से शुरू हुई थी। विश्लेषकों का मानना है कि हालाँकि और अधिक विधायकों के पार्टी छोड़ने की संभावना व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगी, परंतु दबाव स्पष्ट रूप से बढ़ा है।

तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल के तौर पर अपनी स्थिति को बचाने के लिए एआईएडीएमके को नेतृत्व समीक्षा और व्यापक सुलह की माँगों का जवाब देना होगा। इन माँगों पर पलानीस्वामी की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि पार्टी चुनावी विफलताओं से उबरने में सक्षम होगी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे की सीमाओं को उजागर करता है। शशिकला और दिनाकरन के साथ सुलह की माँग पलानीस्वामी के उस निर्णय को चुनौती देती है जिसके तहत उन्होंने 2017 में पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश में उन्हें किनारे किया था। यदि आम परिषद बैठक की माँग मान ली जाती है, तो यह पलानीस्वामी के नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी औपचारिक चुनौती बन सकती है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मदुरंथकम और धरपुरम उपचुनावों में एआईएडीएमके क्यों हारी?
एआईएडीएमके दोनों सीटों पर तीसरे स्थान पर रही क्योंकि TVK के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पार्टी के पूर्व विधायकों — मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा — ने क्रमशः 69,284 और 81,100 वोट पाकर जीत दर्ज की। पार्टी के भीतर विभाजन और नेतृत्व विवाद को भी हार का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
एआईएडीएमके में पलानीस्वामी के खिलाफ कौन से गुट हैं?
एस.पी. वेलुमणि और सीवे शनमुगम गुट पलानीस्वामी के नेतृत्व की समीक्षा की माँग कर रहे हैं। ये गुट टीटीवी दिनाकरन और वी.के. शशिकला के साथ सुलह का समर्थन करते हैं, जिन्हें पहले पार्टी से अलग किया गया था।
TVK में शामिल एआईएडीएमके विधायकों ने क्या किया?
विधानसभा चुनाव के बाद एआईएडीएमके के 47 में से 25 विधायकों ने TVK सरकार के पक्ष में व्हिप तोड़ा। इसके बाद छह विधायकों ने इस्तीफा देकर TVK ज्वॉइन की — जिनमें कुमारवेल, सत्यबामा, एस. जयकुमार, इसाक्की सुब्बैया, सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजय भास्कर शामिल थे।
एआईएडीएमके आगे क्या कदम उठा सकती है?
वेलुमणि और शनमुगम गुट नुकसान का आकलन करने के लिए आम परिषद बैठक बुलाने की माँग कर रहे हैं। नेतृत्व समीक्षा और शशिकला-दिनाकरन के साथ सुलह की माँगों पर पलानीस्वामी की प्रतिक्रिया पार्टी की भविष्य की दिशा तय करेगी।
इन उपचुनाव हारों का तमिलनाडु की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पूर्व एआईएडीएमके विधायकों की TVK के टिकट पर जीत यह संकेत देती है कि पार्टी बदलने पर मतदाता ज़रूरी नहीं कि छूट जाएँ। इससे अन्य असंतुष्ट विधायकों के भी पार्टी छोड़ने की संभावना बढ़ सकती है, हालाँकि यह व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले