कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC विधायक दिलीप मंडल की जल्द सुनवाई याचिका ठुकराई, 39 FIR के बीच अगली तारीख शुक्रवार
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार, 17 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक दिलीप मंडल की वह याचिका अस्वीकार कर दी, जिसमें उन्होंने अपने विरुद्ध दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाले मामले की तत्काल सुनवाई की माँग की थी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने स्पष्ट किया कि सुनवाई अदालत की नियमित सूची के अनुसार ही होगी और अगली तारीख शुक्रवार को निर्धारित की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
विधायक के अधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पुलिस लगभग प्रतिदिन नई एफआईआर दर्ज कर रही है और अब तक इनकी संख्या 39 तक पहुँच चुकी है। उन्होंने इसी आधार पर मामले की शीघ्र सुनवाई की अपील की। हालाँकि, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और कहा कि उससे पहले सुनवाई संभव नहीं है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
पुलिस ने दिलीप मंडल को मई में ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया था। वे दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक हैं। उन पर धमकी देने और सांप्रदायिक अशांति फैलाने सहित कई आरोपों में गैर-जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
गौरतलब है कि मई में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर दिलीप मंडल विरोधी दल के कार्यकर्ताओं को धमकी देते नज़र आए थे। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई और गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
फरारी और गिरफ्तारी
14 मई को पुलिस ने दक्षिण 24 परगना के पैलान स्थित उनके आवास पर छापा मारा, किंतु वे वहाँ नहीं मिले। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, छापे की सूचना मिलते ही वे फरार हो गए थे। इसके बाद राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और डायमंड हार्बर पुलिस को सूचना मिली कि वे पुरी के एक होटल में छिपे हैं। संयुक्त अभियान में उन्हें वहाँ से गिरफ्तार कर लिया गया।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को राज्यव्यापी बहुमत मिला, परंतु दिलीप मंडल उन चुनिंदा विधायकों में से एक रहे जो अपनी सीट बचाने में सफल रहे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही वे इलाके में नज़र नहीं आए थे और उनके विरुद्ध शिकायतों का सिलसिला जारी रहा। उनके पुत्र को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
आगे क्या होगा
कलकत्ता हाईकोर्ट में दिलीप मंडल की याचिका पर अगली सुनवाई शुक्रवार को नियमित सूची के अनुसार होगी। 39 एफआईआर के साथ यह मामला कानूनी रूप से जटिल होता जा रहा है और बचाव पक्ष के लिए एकीकृत सुनवाई की माँग आगे भी जारी रहने की संभावना है।