17 अगस्त 2026
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC विधायक दिलीप मंडल की जल्द सुनवाई याचिका ठुकराई, 39 FIR के बीच अगली तारीख शुक्रवार

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC विधायक दिलीप मंडल की जल्द सुनवाई याचिका ठुकराई, 39 FIR के बीच अगली तारीख शुक्रवार

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC विधायक दिलीप मंडल को राहत देने से इनकार कर दिया। 39 FIR के बावजूद जल्द सुनवाई की अर्जी खारिज हुई और अगली तारीख शुक्रवार तय की गई। मई में पुरी से गिरफ्तार हुए मंडल पर धमकी और अशांति फैलाने के गंभीर आरोप हैं।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने 17 अगस्त को TMC विधायक दिलीप मंडल की जल्द सुनवाई याचिका अस्वीकार की।
विधायक के विरुद्ध अब तक 39 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं; पुलिस कथित तौर पर प्रतिदिन नई FIR दर्ज कर रही है।
अगली सुनवाई नियमित सूची के अनुसार शुक्रवार को होगी।
दिलीप मंडल को मई में ओडिशा के पुरी से STF और डायमंड हार्बर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
उन पर धमकी देने और अशांति फैलाने सहित गैर-जमानती धाराओं में मामले दर्ज हैं; उनके पुत्र को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार, 17 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक दिलीप मंडल की वह याचिका अस्वीकार कर दी, जिसमें उन्होंने अपने विरुद्ध दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाले मामले की तत्काल सुनवाई की माँग की थी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने स्पष्ट किया कि सुनवाई अदालत की नियमित सूची के अनुसार ही होगी और अगली तारीख शुक्रवार को निर्धारित की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

विधायक के अधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पुलिस लगभग प्रतिदिन नई एफआईआर दर्ज कर रही है और अब तक इनकी संख्या 39 तक पहुँच चुकी है। उन्होंने इसी आधार पर मामले की शीघ्र सुनवाई की अपील की। हालाँकि, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और कहा कि उससे पहले सुनवाई संभव नहीं है।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

पुलिस ने दिलीप मंडल को मई में ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया था। वे दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक हैं। उन पर धमकी देने और सांप्रदायिक अशांति फैलाने सहित कई आरोपों में गैर-जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

गौरतलब है कि मई में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर दिलीप मंडल विरोधी दल के कार्यकर्ताओं को धमकी देते नज़र आए थे। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई और गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

फरारी और गिरफ्तारी

14 मई को पुलिस ने दक्षिण 24 परगना के पैलान स्थित उनके आवास पर छापा मारा, किंतु वे वहाँ नहीं मिले। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, छापे की सूचना मिलते ही वे फरार हो गए थे। इसके बाद राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और डायमंड हार्बर पुलिस को सूचना मिली कि वे पुरी के एक होटल में छिपे हैं। संयुक्त अभियान में उन्हें वहाँ से गिरफ्तार कर लिया गया।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को राज्यव्यापी बहुमत मिला, परंतु दिलीप मंडल उन चुनिंदा विधायकों में से एक रहे जो अपनी सीट बचाने में सफल रहे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही वे इलाके में नज़र नहीं आए थे और उनके विरुद्ध शिकायतों का सिलसिला जारी रहा। उनके पुत्र को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

आगे क्या होगा

कलकत्ता हाईकोर्ट में दिलीप मंडल की याचिका पर अगली सुनवाई शुक्रवार को नियमित सूची के अनुसार होगी। 39 एफआईआर के साथ यह मामला कानूनी रूप से जटिल होता जा रहा है और बचाव पक्ष के लिए एकीकृत सुनवाई की माँग आगे भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न्यायिक प्रक्रिया की स्वायत्तता को रेखांकित करता है। साथ ही, एक निर्वाचित विधायक के खिलाफ इतनी बड़ी संख्या में मामले और उनके पुत्र की गिरफ्तारी — यह पश्चिम बंगाल की चुनाव-पश्चात राजनीतिक हिंसा और जवाबदेही की उस पुरानी बहस को फिर से केंद्र में ला देती है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिलीप मंडल की याचिका क्यों खारिज की?
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि अदालत नियमित सूची के अनुसार ही सुनवाई करेगी और उससे पहले सुनवाई संभव नहीं है। अगली तारीख शुक्रवार को निर्धारित की गई है।
दिलीप मंडल पर कितनी FIR दर्ज हैं और किन आरोपों में?
दिलीप मंडल के विरुद्ध अब तक 39 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें धमकी देने, अशांति फैलाने और अन्य आरोप शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश गैर-जमानती धाराओं के तहत हैं।
दिलीप मंडल को कब और कहाँ से गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें मई में ओडिशा के पुरी स्थित एक होटल से STF और डायमंड हार्बर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 14 मई को उनके पैलान स्थित आवास पर छापा मारा गया था, लेकिन वे पहले ही फरार हो चुके थे।
दिलीप मंडल के खिलाफ मामला किस घटना से शुरू हुआ?
मई में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कथित तौर पर दिलीप मंडल विरोधी दल के कार्यकर्ताओं को धमकी देते दिख रहे थे। इसी आधार पर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई और गैर-जमानती धाराओं में मामला शुरू हुआ।
दिलीप मंडल कौन हैं और उनकी राजनीतिक स्थिति क्या है?
दिलीप मंडल पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं। हालिया चुनाव में TMC को राज्यव्यापी बहुमत मिलने के बावजूद वे अपनी सीट से जीते थे।
राष्ट्र प्रेस
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