सीबीआई ने एमआईबी अधिकारी को ₹10 लाख रिश्वत लेते पकड़ा, पत्नी के ज़रिए हुई डील
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 19 अगस्त 2026 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) में स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार (आईएफए) के पद पर तैनात लेखा उप-नियंत्रक को ₹10 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी ने यह रकम अपनी पत्नी के माध्यम से स्वीकार की, जो एक निजी कंपनी के अनुबंध नवीनीकरण से जुड़ी फाइल को शीघ्र आगे बढ़ाने के एवज़ में माँगी गई थी।
मामले का घटनाक्रम
सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एजेंसी को सूचित किया कि आरोपी अधिकारी ने एक निजी कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल की फाइल को प्राथमिकता से निपटाने के लिए शुरुआत में ₹15 लाख की अनुचित माँग रखी थी। बातचीत के बाद यह राशि ₹10 लाख पर तय हुई। शिकायत मिलते ही एजेंसी ने मंगलवार, 18 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया और जाल बिछाया।
गिरफ्तारी कैसे हुई
सीबीआई की टीम ने सुनियोजित ऑपरेशन के तहत आरोपी अधिकारी को उस समय पकड़ा जब वह अपनी पत्नी के ज़रिए तय रकम प्राप्त कर रहा था। यह ट्रैप ऑपरेशन बुधवार, 19 अगस्त को अंजाम दिया गया। गिरफ्तारी की पुष्टि सीबीआई ने उसी दिन सार्वजनिक रूप से की।
जाँच की स्थिति
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आगे की जाँच जारी है। एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या इस मामले में अन्य व्यक्ति या कड़ियाँ जुड़ी हैं। गौरतलब है कि रिश्वत की माँग और उसकी स्वीकृति दोनों ही दस्तावेज़ी साक्ष्यों के आधार पर सामने आई हैं।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध सीबीआई का रुख
सीबीआई ने इस कार्रवाई को भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध अपनी शून्य-सहनशीलता नीति का हिस्सा बताया है। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की माँग करे, तो तत्काल सीबीआई कार्यालय या उसके मोबाइल हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएँ। यह मामला इस बात की मिसाल है कि समय पर की गई शिकायत किस प्रकार त्वरित कार्रवाई को संभव बनाती है।