21 अगस्त 2026
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CDSCO की जुलाई 2026 रिपोर्ट: 280 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल, बिहार में एक नकली दवा भी चिन्हित

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CDSCO की जुलाई 2026 रिपोर्ट: 280 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल, बिहार में एक नकली दवा भी चिन्हित

सारांश

CDSCO की जुलाई 2026 की मासिक रिपोर्ट में 280 दवा नमूने गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए — 40 केंद्रीय और 240 राज्य प्रयोगशालाओं द्वारा। बिहार में एक अनधिकृत निर्माता द्वारा बनाई गई नकली दवा भी पकड़ी गई। जांच जारी है।

मुख्य बातें

CDSCO ने जुलाई 2026 की मासिक दवा गुणवत्ता रिपोर्ट 21 अगस्त 2026 को जारी की।
कुल 280 दवा नमूने गुणवत्ता मानकों पर विफल — 40 केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं द्वारा और 240 राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं द्वारा।
बिहार से एक दवा नमूना स्प्यूरियस (नकली) घोषित; अनधिकृत निर्माता ने किसी अन्य कंपनी के ब्रांड नाम का अनाधिकृत उपयोग किया।
CDSCO ने स्पष्ट किया कि NSQ घोषणा केवल उस विशेष बैच पर लागू होती है, पूरे ब्रांड पर नहीं।
दोषियों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने 21 अगस्त 2026 को जुलाई 2026 की मासिक दवा गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की, जिसमें देशभर से जांचे गए 280 दवा नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए गए। इनमें से एक नमूना बिहार से स्प्यूरियस यानी नकली दवा के रूप में चिन्हित किया गया है।

रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 40 दवा नमूनों को 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' (NSQ) घोषित किया है। इसके अतिरिक्त, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 240 दवा नमूनों को गुणवत्ता मानकों पर अनुत्तीर्ण पाया। इस प्रकार कुल मिलाकर 280 नमूने विफल घोषित किए गए हैं।

नकली दवा का मामला

रिपोर्ट में बिहार से प्राप्त एक दवा के नमूने को स्प्यूरियस श्रेणी में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि यह दवा किसी अनधिकृत निर्माता द्वारा किसी अन्य कंपनी के स्वामित्व वाले ब्रांड नाम का अनाधिकृत उपयोग करके बनाई गई थी। CDSCO के अनुसार इस मामले की जांच जारी है और दोषियों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

NSQ घोषणा का अर्थ क्या है

CDSCO ने स्पष्ट किया है कि किसी दवा को NSQ घोषित करने का अर्थ यह नहीं है कि उस कंपनी या ब्रांड की बाज़ार में उपलब्ध सभी दवाएं दोषपूर्ण हैं। यह घोषणा केवल उस विशेष बैच के एक या अधिक गुणवत्ता मानकों में विफल होने के आधार पर की जाती है। यह भेद उपभोक्ताओं में अनावश्यक भ्रम से बचाने के लिए आवश्यक है।

नियामक कार्रवाई और निगरानी तंत्र

CDSCO ने बताया कि राज्य औषधि नियामकों के सहयोग से NSQ और नकली दवाओं की पहचान करने तथा उन्हें बाज़ार से वापस मंगाने की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित की जाती है। नियामक संस्था ने आश्वस्त किया कि दवाओं की गुणवत्ता निगरानी और नकली दवाओं के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि मरीजों तक केवल सुरक्षित और प्रभावी दवाएं ही पहुंचें।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में दवा गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर पहले से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। CDSCO की मासिक रिपोर्ट श्रृंखला पारदर्शिता की दिशा में एक नियमित कदम है, और अगली रिपोर्ट अगस्त 2026 के नमूनों के परिणामों के साथ जारी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 280 विफल नमूनों की संख्या यह सवाल उठाती है कि नियमित निगरानी के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता नियंत्रण की चूक क्यों बनी रहती है। बिहार का नकली दवा मामला विशेष रूप से चिंताजनक है — यह केवल गुणवत्ता की कमी नहीं, बल्कि संगठित धोखाधड़ी का संकेत है। आलोचकों का कहना है कि जब तक विफल बैचों की जानकारी सार्वजनिक डेटाबेस में तुरंत अपडेट नहीं होती और खुदरा स्तर पर रिकॉल की पुष्टि नहीं होती, तब तक ये रिपोर्टें केवल कागज़ी कार्रवाई बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CDSCO की जुलाई 2026 दवा गुणवत्ता रिपोर्ट में क्या पाया गया?
रिपोर्ट में कुल 280 दवा नमूने गुणवत्ता मानकों पर विफल पाए गए — 40 केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं द्वारा और 240 राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं द्वारा। इसके अलावा बिहार से एक नमूना नकली (स्प्यूरियस) दवा के रूप में चिन्हित किया गया।
NSQ यानी 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' घोषणा का क्या मतलब है?
CDSCO के अनुसार, NSQ घोषणा केवल उस विशेष बैच पर लागू होती है जो एक या अधिक गुणवत्ता मानकों में विफल रहा हो। इसका अर्थ यह नहीं कि उसी कंपनी या ब्रांड की अन्य सभी दवाएं भी दोषपूर्ण हैं।
बिहार में नकली दवा का मामला क्या है?
बिहार से प्राप्त एक दवा नमूने की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इसे किसी अनधिकृत निर्माता ने किसी अन्य कंपनी के ब्रांड नाम का अनाधिकृत उपयोग करके बनाया था। मामले की जांच जारी है और दोषियों पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
विफल दवाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है?
CDSCO राज्य औषधि नियामकों के सहयोग से NSQ और नकली दवाओं को बाज़ार से वापस मंगाने की कार्रवाई नियमित रूप से करता है। दोषी निर्माताओं पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है।
CDSCO मासिक दवा गुणवत्ता रिपोर्ट क्यों जारी करता है?
CDSCO नियमित नियामक निगरानी के तहत यह मासिक रिपोर्ट जारी करता है ताकि दवा बाज़ार में पारदर्शिता बनी रहे और मरीजों तक केवल सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचें। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक नियमित प्रशासनिक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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