सीईसी विवाद: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का हमला — '2029 तक नहीं टिकेगी NDA सरकार'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 26 सितंबर 2026 को प्रयागराज में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा प्रहार किया और दावा किया कि यह सरकार 2029 तक सत्ता में नहीं रह पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में एनडीए के कई घटक दल गठबंधन छोड़ सकते हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय आया है जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित आंतरिक मतभेदों पर राजनीतिक तनाव चरम पर है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार दोनों को घेरा है। गौरतलब है कि यह मामला सिर्फ एक संस्था की कार्यशैली तक सीमित नहीं रहा — बल्कि यह मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता जैसे बुनियादी सवालों तक पहुँच गया है।
पद्म भूषण मांग पर तिवारी का पलटवार
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की माँग पर प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया कि क्या यह माँग भट्टाचार्य ने स्वयं की है या उन्हें ऐसा कहने के लिए कहा गया था। तिवारी ने कहा कि यदि किसी ने उन्हें ऐसी माँग करने के लिए निर्देश दिया है, तो उस व्यक्ति को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति पर लोकतंत्र को क्षति पहुँचाने और करोड़ों मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने के आरोप हों, उसे पद्म भूषण देने की माँग पद्म पुरस्कारों की गरिमा का अपमान है। तिवारी के अनुसार, यह माँग यह भी संकेत देती है कि भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ने मिलकर देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया है।
राहुल गांधी को 'हीरो', भाजपा को 'विलेन' बताया
भाजपा द्वारा राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि विभिन्न सर्वेक्षणों में राहुल गांधी को लोकतंत्र की रक्षा करने वाले नेता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने करीब तीन वर्ष पहले जो बातें कही थीं, वे अब सच साबित हो रही हैं, और पिछले 10 महीनों में 14 बार लोकतंत्र को कमज़ोर करने का प्रयास हुआ है। तिवारी ने राहुल गांधी को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में 'हीरो' और भाजपा को 'विलेन' करार दिया, और दावा किया कि जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी।
सुप्रिया श्रीनेत का आरोप — वोट देने के अधिकार पर हमला
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस अवसर पर कहा कि मतदान का अधिकार नागरिकों को सरकार चुनने और जरूरत पड़ने पर उसे बदलने की शक्ति देता है, और इसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि वोटों की कथित चोरी के मामले में चुनाव आयोग की भूमिका सामने आई है।
श्रीनेत ने एनडीए के सहयोगी दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर सच्चाई को समझें और कार्रवाई करें। उनका कहना था कि देश के लोग इस स्थिति से दुखी और नाराज हैं, और यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में भारतीय कानून और जनता की शक्ति का सामना करना पड़ेगा।
आगे क्या
SIR विवाद और चुनाव आयोग की भूमिका पर राजनीतिक बहस तेज होती दिख रही है। विपक्ष का यह आक्रामक रुख 2029 के आम चुनावों से पहले एनडीए गठबंधन की एकजुटता और चुनावी संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर व्यापक बहस की नींव रख रहा है।