केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: महंगाई भत्ते में 2%25 की बढ़ोतरी की गई मंजूरी
सारांश
Key Takeaways
- महंगाई भत्ते में 2%25 की वृद्धि की गई है।
- यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से लागू होगी।
- लगभग 50.46 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा।
- सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
- फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग की गई है।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को स्वीकृति दी गई है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से लागू होगी, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी।
कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (डीआर) प्रदान करने की भी स्वीकृति दी है। यह वृद्धि मौजूदा 58 प्रतिशत की दर से 2 प्रतिशत अधिक है, जो महंगाई के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।
सरकार के अनुसार, डीए और डीआर में वृद्धि से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 6,791.24 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस निर्णय से करीब 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।
यह वृद्धि 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार की गई है।
इस निर्णय से कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर वेतन संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव की मांग भी तेज हो रही है।
इस बीच, नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) ने सरकार को प्रस्तुत ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपए से बढ़कर लगभग 69,000 रुपए तक पहुंच सकती है।
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है, जो महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की सैलरी निर्धारित करता है।
एनसी-जेसीएम ने इसके अलावा हर साल 6 प्रतिशत वेतन वृद्धि, प्रमोशन पर दो इंक्रीमेंट और न्यूनतम 10,000 रुपए का लाभ देने जैसे सुझाव भी दिए हैं।
यदि ये परिवर्तन लागू होते हैं, तो देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनर्स सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।